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Haryana: 2041 तक हिसार-अंबाला बनेंगे नए विकास इंजन, NCR में बढ़ती आबादी को संतुलित करने की कवायद
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:49 AM IST
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सार
वर्तमान में एनसीआर की आबादी करीब 7.5 करोड़ है जो अगले 15 वर्षों में बढ़कर लगभग 15 करोड़ तक पहुंच सकती है। वर्ष 2031 तक एनसीआर की 57 प्रतिशत और 2041 तक करीब 67 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहने लगेगी।
Highway
- फोटो : Freepik
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विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को संतुलित करने के लिए हरियाणा के हिसार और अंबाला को भविष्य के विकास केंद्र के रूप में तैयार किया जाएगा।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में रीजनल प्लान-2041 के तहत दोनों शहरों को काउंटर मैग्नेट एरिया (सीएमए) के रूप में विकसित करने की रणनीति पर जोर दिया गया।
रीजनल प्लान के अनुसार, वर्तमान में एनसीआर की आबादी करीब 7.5 करोड़ है जो अगले 15 वर्षों में बढ़कर लगभग 15 करोड़ तक पहुंच सकती है। वर्ष 2031 तक एनसीआर की 57 प्रतिशत और 2041 तक करीब 67 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहने लगेगी। इसी चुनौती से निपटने के लिए छह राज्यों में नौ काउंटर मैग्नेट एरिया विकसित किए जा रहे हैं जिनमें हरियाणा के हिसार और अंबाला भी शामिल हैं।
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योजना का उद्देश्य केवल गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों का विस्तार करना नहीं, बल्कि ऐसे वैकल्पिक विकास केंद्र तैयार करना है जहां रोजगार, उद्योग, शिक्षा और निवेश के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। इससे दिल्ली-एनसीआर की ओर होने वाले पलायन को कम किया जा सकेगा।
हिसार को एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और एयरपोर्ट आधारित आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की योजना है। इससे फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी और जींद जैसे जिलों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
दूसरी ओर, अंबाला को ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स हब, रक्षा एवं इंजीनियरिंग उद्योग केंद्र, मेडिकल एवं एजुकेशन हब और व्यापारिक वितरण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका लाभ यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और पंचकूला सहित पूरे उत्तरी हरियाणा को मिलेगा।
गुरुग्राम में 1000 एकड़ में विकसित हो रही ग्लोबल सिटी में करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। नारनौल के नांगल चौधरी में 1200 एकड़ में उत्तर भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब विकसित किया जा रहा है, जिसमें 5,000 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान है। वहीं हिसार में 4,200 एकड़ में इंटीग्रेटेड एविएशन हब विकसित होगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, एयरोस्पेस उद्योग और एविएशन यूनिवर्सिटी शामिल होंगे। इसके लिए एनसीआरपीबी पहले चरण में 700 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर कर चुका है।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में रीजनल प्लान-2041 के तहत दोनों शहरों को काउंटर मैग्नेट एरिया (सीएमए) के रूप में विकसित करने की रणनीति पर जोर दिया गया।
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रीजनल प्लान के अनुसार, वर्तमान में एनसीआर की आबादी करीब 7.5 करोड़ है जो अगले 15 वर्षों में बढ़कर लगभग 15 करोड़ तक पहुंच सकती है। वर्ष 2031 तक एनसीआर की 57 प्रतिशत और 2041 तक करीब 67 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहने लगेगी। इसी चुनौती से निपटने के लिए छह राज्यों में नौ काउंटर मैग्नेट एरिया विकसित किए जा रहे हैं जिनमें हरियाणा के हिसार और अंबाला भी शामिल हैं।
योजना का उद्देश्य केवल गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों का विस्तार करना नहीं, बल्कि ऐसे वैकल्पिक विकास केंद्र तैयार करना है जहां रोजगार, उद्योग, शिक्षा और निवेश के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। इससे दिल्ली-एनसीआर की ओर होने वाले पलायन को कम किया जा सकेगा।
हिसार को एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और एयरपोर्ट आधारित आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की योजना है। इससे फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी और जींद जैसे जिलों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।
दूसरी ओर, अंबाला को ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स हब, रक्षा एवं इंजीनियरिंग उद्योग केंद्र, मेडिकल एवं एजुकेशन हब और व्यापारिक वितरण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका लाभ यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और पंचकूला सहित पूरे उत्तरी हरियाणा को मिलेगा।
दो नए क्षेत्रीय एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव
एनसीआर योजना बोर्ड की बैठक में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए दो नए क्षेत्रीय एक्सप्रेसवे प्रस्तावित किए गए हैं। पहला एक्सप्रेसवे पानीपत, मेरठ, हापुड़, रेवाड़ी और रोहतक को जोड़ेगा, जबकि दूसरा करनाल, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा और अलवर को आपस में जोड़ने का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य एनसीआर के विभिन्न शहरों के बीच तेज और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है।पंचग्राम से हिसार एविएशन हब तक, हरियाणा में विकास के बड़े प्रोजेक्ट
रीजनल प्लान में हरियाणा के कई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को प्रमुखता दी गई है। कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) कॉरिडोर पर पंचग्राम योजना के तहत 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पांच नए शहर बसाने का प्रस्ताव है, जहां प्रत्येक शहर में 15 से 18 लाख आबादी बस सकती है।गुरुग्राम में 1000 एकड़ में विकसित हो रही ग्लोबल सिटी में करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। नारनौल के नांगल चौधरी में 1200 एकड़ में उत्तर भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब विकसित किया जा रहा है, जिसमें 5,000 करोड़ रुपये निवेश का अनुमान है। वहीं हिसार में 4,200 एकड़ में इंटीग्रेटेड एविएशन हब विकसित होगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, एयरोस्पेस उद्योग और एविएशन यूनिवर्सिटी शामिल होंगे। इसके लिए एनसीआरपीबी पहले चरण में 700 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर कर चुका है।