आईडीएफसी बैंक घोटाला: रिभव के पांच व स्वाति-अभिषेक के चार बैंक खाते फ्रीज, विक्रम के नाम एलओसी की तैयारी
एसीबी के सूत्रों के अनुसार आरोपियों के नौ बैंक खातों से होने वाले भुगतान में काफी अनियमिताओं के साथ-साथ संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। इसके अलावा विक्रम और उसके रिश्तेदारों के बैंक खातों में तकरीबन 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का ट्रांजेक्शन सामने आ रहा है।
विस्तार
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा के सरकारी विभागों के खातों में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार बैंक मैनेजर रिभव के नाम पर पांच और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक स्वाति सिंगला व अभिषेक सिंगला के नाम पर चार बैंक खाते मिले हैं।
राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने इन सभी नौ खातों को फ्रीज करवाने के साथ संबंधित बैंकों से इनके खुलने से लेकर अब तक के हुए सभी ट्रांजेक्शन का ब्योरा कब्जे में लिया है। दूसरी तरफ रिभव के गुरु विक्रम के देश छोड़कर भागने की आशंका में एसीबी ने उसका लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
एसीबी के सूत्रों के अनुसार आरोपियों के नौ बैंक खातों से होने वाले भुगतान में काफी अनियमिताओं के साथ-साथ संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। इसके अलावा विक्रम और उसके रिश्तेदारों के बैंक खातों में तकरीबन 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का ट्रांजेक्शन सामने आ रहा है। एसीबी की टीम ने बैंक खातों की पड़ताल के साथ आरोपियों के नाम प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी जब्त किए हैं। हालांकि अभी तक की जांच में यह प्रॉपर्टी पारिवारिक बैंक-ग्राउंड से जुड़ी है। बेनामी प्रॉपर्टी जैसे तथ्य अभी सामने नहीं आए हैं।
बार-बार बयान बदल रहा रिभव
पूछताछ के दौरान रिभव ने बताया कि हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से उसकी सीधी जान-पहचान नहीं है। हालांकि, किसके जरिए संपर्क में आया और धोखाधड़ी का पूरा जाल फैलाया था, एसीबी के इस सवाल पर वह बार-बार बयान बदल रहा है।
प्रिंस के पास जाते थे मैसेज, डीडीओ की शक्ति
जांच में बैंक ने कॉल और एसएमएस लॉग भी प्रस्तुत किए हैं जिनसे पता चलता है कि उक्त खाते से जुड़े पंजीकृत मोबाइल नंबर पर लेनदेन संबंधी अलर्ट और ओटीपी भेजे गए थे। यह निजी मोबाइल नंबर पंचायत निदेशक कार्यालय के अधीक्षक प्रिंस के नाम पर पंजीकृत है। एसीबी ने इस मोबाइल नंबर के लॉग विवरण की जानकारी भी निकाली है। प्रिंस के पास डीडीओ की शक्ति है। विभागीय वित्तीय लेन-देन में निजी मोबाइल नंबर कैसे जुड़ा इसकी भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार प्रिंस के जरिए एसीबी अन्य विभागों के संदिग्ध कर्मचारियों और अधिकारियों तक पहुंचने में लगी है।
अब तक 8 निगम-बोर्डों के 16 से कर्मचारी से हुई पूछताछ
सूत्रों के मुताबिक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सरकार के आठ निगमों व बोर्डों के तकरीबन 16 कर्मचारियों से पूछताछ की जा चुकी है। इन कर्मचारियों के पास वित्तीय लेनदेन की जिम्मेदारी थी।
नियम तोड़कर चेक से किए पैसे ट्रांसफर
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खुले खातों में निगमों ने एमएमजीएवाई-2.0 योजना के तहत राशि भेजी थी। इस योजना के पैसे का लेनदेन सिर्फ डेबिट नोट्स से करने का प्रावधान था। इसके बावजूद आरोपियों ने नियम के खिलाफ चेक से पैसे ट्रांसफर करवाए।