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Chandigarh-Haryana News: गेहूं का 70 हजार क्विंटल बीज कम बिका, कार्रवाई के लिए एमडी को भेजी रिपोर्ट
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जांच में हरियाणा बीज विकास निगम के चार अधिकारी-कर्मचारियों की मिली लापरवाही
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा बीज विकास निगम लिमिटेड में अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। इस बार गेहूं का करीब 70 हजार क्विंटल बीज कम बिका है। इस लापरवाही के लिए विभाग ने चार अधिकारी-कर्मचारियों को जिम्मेदार माना है। विभागीय जांच की रिपोर्ट कार्रवाई के लिए प्रबंध निदेशक को भेजी गई है।
हरियाणा बीज विकास निगम लिमिटेड के चेयरमैन देव शर्मा के अनुसार इस बार करीब 2 लाख 70 हजार क्विंटल गेहूं तैयार किया गया था। इसमें से करीब दो लाख क्विंटल बीज 80 क्रय केंद्रों के माध्यम से बेचा गया। इस बार बारदाने से लेकर बीज को उपचारित करने वाली दवा और लेबर आदि के टेंडर देरी से हुए। इससे किसानों को अनुदान पर मिलने वाला गेहूं का बीज देरी से मिल सका। यही बड़ा कारण रहा कि इस बार गेहूं का बीज कम बिका। चेयरमैन ने बताया कि इस प्रकरण की विभागीय जांच रिपोर्ट में चार अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही मिली है जिनमें से 2 अधिकारी सेवानिवृत हो गए हैं। दो कर्मचारी विभाग में अभी भी तैनात हैं।
किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर अनुदान के साथ गेहूं का बीज उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को 40 किलोग्राम गेहूं के बीज का बैग 1200 रुपये में अनुदान के साथ दिया गया था। इस बीज की प्रति बैग वास्तविक कीमत 1630 रुपये थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा बीज विकास निगम लिमिटेड में अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है। इस बार गेहूं का करीब 70 हजार क्विंटल बीज कम बिका है। इस लापरवाही के लिए विभाग ने चार अधिकारी-कर्मचारियों को जिम्मेदार माना है। विभागीय जांच की रिपोर्ट कार्रवाई के लिए प्रबंध निदेशक को भेजी गई है।
हरियाणा बीज विकास निगम लिमिटेड के चेयरमैन देव शर्मा के अनुसार इस बार करीब 2 लाख 70 हजार क्विंटल गेहूं तैयार किया गया था। इसमें से करीब दो लाख क्विंटल बीज 80 क्रय केंद्रों के माध्यम से बेचा गया। इस बार बारदाने से लेकर बीज को उपचारित करने वाली दवा और लेबर आदि के टेंडर देरी से हुए। इससे किसानों को अनुदान पर मिलने वाला गेहूं का बीज देरी से मिल सका। यही बड़ा कारण रहा कि इस बार गेहूं का बीज कम बिका। चेयरमैन ने बताया कि इस प्रकरण की विभागीय जांच रिपोर्ट में चार अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही मिली है जिनमें से 2 अधिकारी सेवानिवृत हो गए हैं। दो कर्मचारी विभाग में अभी भी तैनात हैं।
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किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर अनुदान के साथ गेहूं का बीज उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को 40 किलोग्राम गेहूं के बीज का बैग 1200 रुपये में अनुदान के साथ दिया गया था। इस बीज की प्रति बैग वास्तविक कीमत 1630 रुपये थी।
