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Chandigarh-Haryana News: विवाह से नहीं बदलती है जातीय स्थिति, नहीं मिलेगा आरक्षण लाभ
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम संवैधानिक सिद्धांत दोहराते हुए राजस्थान मूल की महिला की हरियाणा में बीसी-बी प्रमाणपत्र के नवीनीकरण की मांग खारिज कर दी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि विवाह के बाद दूसरे राज्य में बसने मात्र से किसी महिला को पति के राज्य की पिछड़ा वर्ग श्रेणी का लाभ नहीं मिल सकता। मूल रूप से राजस्थान की निवासी एकता यादव वर्तमान में रेवाड़ी में रह रही हैं।
उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर हरियाणा सरकार को उनका बीसी-बी प्रमाणपत्र नवीनीकृत करने का निर्देश देने और 10 अगस्त 2025 को दिए गए कानूनी नोटिस पर निर्णय लेने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि विवाह के बाद हरियाणा में निवास करने के कारण वह यहां की आरक्षण नीति का लाभ पाने की पात्र हैं।
हरियाणा सरकार ने अदालत को बताया कि 22 मार्च 2022 की अधिसूचना के अनुसार यदि कोई व्यक्ति एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित होता है तो वह केवल अपने मूल राज्य में मान्य जाति श्रेणी का ही लाभ ले सकता है। ब्यूरो
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अदालत ने स्पष्ट किया कि विवाह के बाद दूसरे राज्य में बसने मात्र से किसी महिला को पति के राज्य की पिछड़ा वर्ग श्रेणी का लाभ नहीं मिल सकता। मूल रूप से राजस्थान की निवासी एकता यादव वर्तमान में रेवाड़ी में रह रही हैं।
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उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर हरियाणा सरकार को उनका बीसी-बी प्रमाणपत्र नवीनीकृत करने का निर्देश देने और 10 अगस्त 2025 को दिए गए कानूनी नोटिस पर निर्णय लेने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि विवाह के बाद हरियाणा में निवास करने के कारण वह यहां की आरक्षण नीति का लाभ पाने की पात्र हैं।
हरियाणा सरकार ने अदालत को बताया कि 22 मार्च 2022 की अधिसूचना के अनुसार यदि कोई व्यक्ति एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित होता है तो वह केवल अपने मूल राज्य में मान्य जाति श्रेणी का ही लाभ ले सकता है। ब्यूरो
