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Haryana Politics: अहीरवाल में सैनी की राजनीतिक इंजीनियरिंग, राव इंद्रजीत व राव नरबीर के बीच सियासी संतुलन
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: Naveen
Updated Sun, 03 May 2026 10:13 AM IST
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सार
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सफेद मूठ छोड़ने वाला सिद्ध पुरुष बताया। राव ने कहा, पुराने समय में सिद्ध पुरुष दो प्रकार के माने जाते थे। एक वे जो तांत्रिक साधनाओं और कथित काली विद्या से जुड़े होते हैं जबकि दूसरे वे होते हैं जो राम-राम का जाप करके सकारात्मक शक्ति प्राप्त करते हैं।
हरियाणा के सीएम नायब सैनी
- फोटो : ANI
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विस्तार
अहीरवाल की राजनीति में शनिवार को नए राजनीतिक समीकरण बनते दिखे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी दौरा सिर्फ एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं था, बल्कि पार्टी में पिछले कई साल से दक्षिण हरियाणा के लिए चली आ रही परंपरा से अलग एक राजनीतिक इंजीनियरिंग का एक नया प्रयोग था। अपने एक दिन के दौरे में सबसे पहले उन्होंने राव इंद्रजीत के खिलाफ 319 दिन से चले आ रहे जनता के गुस्से को कैबिनेट में अपने साथी राव नरबीर की मौजूदगी में शांत कराया और फिर सीधे रामपुरा हाउस पहुंच राव इंद्रजीत के घर पर भोजन कर अहीरवाल की राजनीति में शक्ति संतुलन की नई तस्वीर का खाका भी खींचा।
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नायब सिंह सैनी का यह कदम इस बात का संकेत है कि लोग उनके नेतृत्व को स्वीकार कर रहे हैं। वे भाजपा के पूर्व सीएम की नीति से अलग चलते हुए सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रख रहे हैं। सीएम सैनी का रेवाड़ी के गांव गोकलपुर का दौरा पहले से ही प्रस्तावित था। गांव के प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित भंडारे व शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचने से पहले वे राव नरबीर के साथ रामगढ़-भगवानपुर में 319 दिनों से चल रहे धरने पर पहुंचे। यह आंदोलन केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों के आक्रोश से उपजा था, जिसमें उन पर वादाखिलाफी का आरोप था।
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मुख्यमंत्री ने राव नरबीर सिंह के साथ पहुंचकर न केवल संवाद स्थापित किया, बल्कि स्टेडियम और आयुर्वेदिक कॉलेज जैसी विकासपरक घोषणाओं के माध्यम से आंदोलन को 319वें दिन विराम दिलाया। इस पूरे घटनाक्रम में धरने के समापन का श्रेय राव नरबीर को मिलना, स्थानीय शक्ति-संतुलन में उनके पुनर्वास की तरह देखा जा रहा है। इसके बाद मुख्यमंत्री का रामपुरा स्थित राव इंद्रजीत सिंह के आवास पर जाना, जहां भोजन और विस्तृत राजनीतिक चर्चा हुई, अपने आप में अभूतपूर्व था। यह पहली बार है जब किसी मुख्यमंत्री ने उनके आवास पर जाकर सीधा संवाद स्थापित किया हो। इससे पहले राव इंद्रजीत जब कांग्रेस में थे तो तब भी कोई सीएम उनके घर नहीं गया था और न ही भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री।
इस मुलाकात में प्रदेश प्रभारी सतीश पुनिया की उपस्थिति ने इस राजनीतिक संदेश को और अधिक संस्थागत स्वरूप प्रदान किया। यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि मुख्यमंत्री अहीरवाल के सबसे प्रभावशाली चेहरे को पूरी तरह अलग-थलग रखने के बजाय उन्हें मुख्यधारा में बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है। दक्षिण हरियाणा में पार्टी के अंदर राव इंद्रजीत ही एक ऐसे नेता हैं, जो समय-समय पर पार्टी को इशारों में सवाल उठाते रहे हैं।
केएमपी एक्सप्रेसवे पर प्रस्तावित पांच शहरों के विरोध जैसे बयानों ने उनकी स्वतंत्र राजनीतिक स्थिति को और स्पष्ट किया था। राव इंद्रजीत कई बार अपने भाषणों में मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जता चुके हैं। ऐसे में सैनी पहुंचना और साथ में लंच करना दोनों नेताओं के बीच बढ़ती नजदीकियों और बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत माना जा रहा है।
यही नहीं रेवाड़ी और धारूहेड़ा के निकाय चुनाव में राव इंद्रजीत सिंह के कहने पर उनके उम्मीदवारों को टिकट देना और उनकी करीबी मानेसर की निर्दलीय मेयर को भाजपा में शामिल कराने की मंजूरी देना कहीं न कहीं यह बताता है कि मुख्यमंत्री और राव इंद्रजीत की बढ़ती नजदीकियों के तौर पर देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, यह दौरा राव नरबीर सिंह की राजनीतिक प्रतिष्ठा को भी अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती देता है, क्योंकि आंदोलन समाधान में उनकी भूमिका को प्रमुखता मिली। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राव नरबीर और राव इंद्रजीत सिंह के बीच पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री का संतुलनकारी रुख दोनों पक्षों को साधने की रणनीति को दर्शाता है।
हमारे सीएम सफेद मूठ छोड़ने वाले सिद्ध पुरुष : राव इंद्रजीत
केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सफेद मूठ छोड़ने वाला सिद्ध पुरुष बताया। राव ने कहा, पुराने समय में सिद्ध पुरुष दो प्रकार के माने जाते थे। एक वे जो तांत्रिक साधनाओं और कथित काली विद्या से जुड़े होते हैं जबकि दूसरे वे होते हैं जो राम-राम का जाप करके सकारात्मक शक्ति प्राप्त करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को सफेद मूठ से जोड़ते हुए उन्हें जनहित में काम करने वाला और लोगों की भलाई करने वाला नेता बताया।
