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Chandigarh-Haryana News: मंडियों में 8 प्रतिशत नमी तक ही होगी सरसों की खरीद
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फोटो संख्या : 02 और 03
- गेहूं में 12 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर कुल कीमत का 1 प्रतिशत कट लगेगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में शनिवार से सरसों की खरीद शुरू होगी। किसानों को फसलों में नमी को लेकर सतर्क रहना होगा। सरसों की फसल में 8 प्रतिशत तक नमी खरीद के लिए मान्य होगी। इससे ज्यादा नमी होने पर खरीद नहीं की जाएगी। गेहूं की फसल में 12 प्रतिशत तक की नमी खरीद के लिए मान्य होगी। 12 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर कुल कीमत का एक प्रतिशत कट लगेगा। 14 प्रतिशत तक नमी होने पर गेहूं खरीदा गया तो कुल कीमत का 2 प्रतिशत कट लगेगा।
प्रदेश की 416 मंडियों में गेहूं और 110 मंडियों में सरसों की खरीद होगी। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल है। गेहूं में नमी होने पर 1 क्विंटल पर 1 प्रतिशत का कट 25.85 रुपये होगा। मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत सरसों का उत्पादन करीब 13.17 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर का कहना है कि वह खुद मंडियों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इस बार किसानों के लिए ऐसी व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं कि उन्हें कोई परेशानी न हो।
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बीते साल नमी से हुआ था 80 करोड़ का नुकसान : हर्ष
हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक हर्ष गिरधर का कहना है कि बीते साल नमी के नाम पर आढ़तियों के करीब 80 करोड़ रुपये काट लिए थे। खाद्य एवं आपूर्ति निदेशालय में जब शिकायतें की गईं तो करीब 30 हजार आढ़तियों को करीब 12 करोड़ रुपये के भुगतान का आश्वासन दिया गया था लेकिन वह रकम भी नहीं मिल पाई।
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मंडियों में अधूरी व्यवस्थाओं से होगी परेशानी : मान
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान का कहना है कि अभी तक मंडी में खरीद के लिए व्यवस्थाएं पूरी नहीं हैं। सरसों की एक सप्ताह पहले ही सरकारी खरीद शुरू होनी चाहिए थी जिससे समय से फसलें बिकने के कारण किसानों को बारिश के कारण नुकसान नहीं उठाना पड़ता। मान का कहना है कि मंडियों में शाैचालय, सफाई, पेयजल आदि की पर्याप्त व्यवस्था न होने से किसानों को परेशानी होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में शनिवार से सरसों की खरीद शुरू होगी। किसानों को फसलों में नमी को लेकर सतर्क रहना होगा। सरसों की फसल में 8 प्रतिशत तक नमी खरीद के लिए मान्य होगी। इससे ज्यादा नमी होने पर खरीद नहीं की जाएगी। गेहूं की फसल में 12 प्रतिशत तक की नमी खरीद के लिए मान्य होगी। 12 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर कुल कीमत का एक प्रतिशत कट लगेगा। 14 प्रतिशत तक नमी होने पर गेहूं खरीदा गया तो कुल कीमत का 2 प्रतिशत कट लगेगा।
प्रदेश की 416 मंडियों में गेहूं और 110 मंडियों में सरसों की खरीद होगी। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल है। गेहूं में नमी होने पर 1 क्विंटल पर 1 प्रतिशत का कट 25.85 रुपये होगा। मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत सरसों का उत्पादन करीब 13.17 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है। सरसों के लिए एमएसपी 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर का कहना है कि वह खुद मंडियों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। इस बार किसानों के लिए ऐसी व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं कि उन्हें कोई परेशानी न हो।
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बीते साल नमी से हुआ था 80 करोड़ का नुकसान : हर्ष
हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक हर्ष गिरधर का कहना है कि बीते साल नमी के नाम पर आढ़तियों के करीब 80 करोड़ रुपये काट लिए थे। खाद्य एवं आपूर्ति निदेशालय में जब शिकायतें की गईं तो करीब 30 हजार आढ़तियों को करीब 12 करोड़ रुपये के भुगतान का आश्वासन दिया गया था लेकिन वह रकम भी नहीं मिल पाई।
मंडियों में अधूरी व्यवस्थाओं से होगी परेशानी : मान
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान का कहना है कि अभी तक मंडी में खरीद के लिए व्यवस्थाएं पूरी नहीं हैं। सरसों की एक सप्ताह पहले ही सरकारी खरीद शुरू होनी चाहिए थी जिससे समय से फसलें बिकने के कारण किसानों को बारिश के कारण नुकसान नहीं उठाना पड़ता। मान का कहना है कि मंडियों में शाैचालय, सफाई, पेयजल आदि की पर्याप्त व्यवस्था न होने से किसानों को परेशानी होगी।