राज्यसभा चुनाव: सेंधमारी से बचने के लिए कांग्रेस ने हिमाचल भेजे हरियाणा के 31 विधायक, हुड्डा सहित छह नहीं गए
विधायकों को कुफरी भेजे जाने के सवाल पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि कौन विधायक कहां गया है। उन्होंने कहा कि 16 मार्च को सभी विधायक एकजुट होकर मतदान करेंगे और कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करेंगे।
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विधायकों को कुफरी भेजे जाने के सवाल पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि कौन विधायक कहां गया है। उन्होंने कहा कि 16 मार्च को सभी विधायक एकजुट होकर मतदान करेंगे और कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करेंगे। चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित हुड्डा आवास पर शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे से विधायक बैठक में पहुंचना शुरू हुए। प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद जयप्रकाश, राज्यसभा प्रत्याशी कर्मवीर सिंह बौद्ध सहित सभी 37 विधायक बैठक में मौजूद रहे। बैठक के बाद हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस के 37 विधायक हैं जबकि बौद्ध को एक-दो वोट इससे ज्यादा ही मिलेंगे।
पूछा गया-भाजपा से किसे आए फोन?
सूत्रों के अनुसार, बैठक में विधायकों से यह भी पूछा गया कि क्या किसी को भाजपा या उससे जुड़े लोगों की ओर से वोट मांगने के लिए फोन आए हैं। इस पर एक-दो विधायकों ने बताया कि उनके परिचितों के फोन आए थे, जो भाजपा से जुड़े हैं लेकिन उन्होंने केवल चुनाव की स्थिति के बारे में सामान्य बातचीत की। सभी विधायकों ने एकजुट होकर मतदान करने का भरोसा दिया।
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 48 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 37। इसके अलावा इनेलो के दो विधायक और तीन निर्दलीय विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को 31 वोटों की आवश्यकता होती है। भाजपा के पास तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन सहित कुल 51 वोट माने जा रहे हैं। ऐसे में भाजपा के उम्मीदवार संजय भाटिया तो आसानी से जीत की स्थिति में है। उसके बाद भी भाजपा के पास करीब 20 वोट बचते हैं। दूसरी सीट के लिए मुख्य मुकाबला कांग्रेस समर्थित कर्मवीर बौद्ध और निर्दलीय प्रत्याशी सतीष नांदल के बीच माना जा रहा है। नांदल को अंदरखाने भाजपा का समर्थन है। यदि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट होकर वोट करते हैं और कोई क्रॉस वोटिंग नहीं होती है तो कर्मवीर बौद्ध की जीत लगभग तय मानी जा रही है। अगर नांदल इनेलो के दो वोट हासिल करने के साथ-साथ कांग्रेस में करीब नौ वोटों की सेंध लगा लेते हैं तो समीकरण बदल जाएगा। भाजपा कहीं कांग्रेस के विधायकों पर डोरे न डाले, इसलिए कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल भेज दिया है।
यह छह क्यों नहीं गए
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जुलाना से विधायक विनेश फोगाट, बादली से कुलदीप वत्स, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास, टोहाना से परमवीर सिंह और पंचकूला से चंद्रमोहन बिश्नोई कुफरी नहीं गए। पांच विधायकों ने समस्या बताई। इनमें चार हुड्डा व एक सैलजा गुट के हैं।
विनेश फोगाट : जुलाना से विधायक हैं और हुड्डा गुट की है। उनका बेटा छोटा होने के कारण विनेश बाहर नहीं जा सकी है। इनकी क्रॉस वोटिंग की संभावना न के बराबर है।
कुलदीप वत्स : बादली से विधायक व हुड्डा के करीबी विधायकों में से एक। पारिवारिक समारोह के चलते घर से बाहर नहीं जा सके। इनकी भी क्रॉस वोटिंग की संभावना न के बराबर।
परमवीर सिंह व मोहम्मद इलियास : टोहाना विधायक परमवीर सिंह और पुन्हाना के विधायक मोहम्मद इलियास बीमार है। इस वजह से दोनों ने बाहर जाने में असहमति जताई हैं जिसे वरिष्ठ नेताओं ने स्वीकार कर लिया है। दोनों पुराने कांग्रेसी हैं। इनका भी दूसरे पक्ष में वोट करने की कम आशंका है।
चंद्रमोहन : पंचकूला के विधायक व सिरसा की सांसद सैलजा खेमे के है। उन्होंने खुद को अस्वस्थ बताकर बाहर जाने से मना किया है। इस चुनाव से सैलजा भी दूर नजर आ रही हैं।
वहीं, भूपेंद्र हुड्डा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुझसे मिलना है तो मेरे घर आ जाइए। मैं यही हूं ।
हुड्डा-हरिप्रसाद बने पर्यवेक्षक
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने राज्यसभा चुनाव के लिए बीके हरिप्रसाद और उन्हें पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वहीं प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और आदमपुर के विधायक चंद्रप्रकाश को पोलिंग एजेंट बनाया गया है।
एक घंटे दिया गया मतदान का प्रशिक्षण
बैठक के बाद विधायकों को करीब एक घंटे तक राज्यसभा चुनाव में मतदान की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। विशेष रूप से नए विधायकों को दो-तीन बार मतदान की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे पहले पहुंची चंडीगढ़ नंबर की दो लग्जरी टेंपो ट्रैवलर में विधायकों को बैठाकर कुफरी के लिए रवाना किया गया। किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए प्रभारी और प्रदेशाध्यक्ष भी विधायकों के साथ गए हैं।
भाजपा की अहम बैठक आज, हर्ष संघवी आएंगे चंडीगढ़
भाजपा की ओर से चुनाव के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी 14 मार्च को चंडीगढ़ वापस आ रहे हैं। चुनाव के लिए प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली और प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया भी चंडीगढ़ में मौजूद रहेंगे। उनकी सीएम नायब सिंह सैनी के साथ अहम बैठक होगी। भाजपा के निर्देशाें पर सभी विधायक 14 से 16 मार्च तक चंडीगढ़ में रहेंगे। पंचकूला एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के जीत के दावे पर कहा कि हर व्यक्ति जीत का दावा करता है। कांग्रेस को डरने की जरूरत नहीं है। विधायकों को हिमाचल शिफ्ट करने के मामले में कहा कि हर दल अपने तरीके से काम करता है।