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Charkhi Dadri News: तीन मंडियों में उठान की धीमी रफ्तार से अटका 1.16 लाख क्विंटल बाजरा
Mon, 19 Oct 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 19 Oct 2026 01:04 AM IST
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नई अनाज मंडी दादरी में बाजरे की उठान करते हुए मजदूर।
चरखी दादरी। जिले की तीन प्रमुख अनाज मंडियों में बाजरे की आवक लगातार बढ़ रही है लेकिन इसके मुकाबले उठान की रफ्तार धीमी बनी हुई है। अब तक करीब 1 लाख 41 हजार क्विंटल बाजरे की ही उठान हो सकी है जबकि करीब 1 लाख 16 हजार क्विंटल बाजरा मंडियों में पड़ा है। ऐसे में उठान प्रक्रिया में तेजी लाना जरूरी हो गया है ताकि मंडियों में जगह की कमी के कारण किसानों को परेशानी न उठानी पड़े।
जिले की मंडियों में अब तक 5 लाख 8 हजार क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है जबकि खरीद का आंकड़ा 2 लाख 58 हजार क्विंटल तक पहुंचा है। अब तक 18,063 किसान अपनी फसल बेच चुके हैं। दूसरी ओर मंडियों में बाजरे के ढेर लगे हुए हैं। रविवार को जिले की मंडियों से करीब 11,500 क्विंटल बाजरे का उठान हुआ।
हालांकि, आवक और खरीद के मुकाबले उठान की गति कम होने के कारण मंडियों में बड़ी मात्रा में बाजरा जमा है। अब तक खरीदे गए बाजरे के मुकाबले करीब 54 प्रतिशत उठान होने की जानकारी सामने आई है। शेष बाजरे के मंडियों में पड़े रहने से खरीद व्यवस्था और अनाज के सुरक्षित भंडारण को लेकर दबाव बना हुआ है।
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दादरी मंडी में सबसे अधिक खरीद
जिले की तीन मंडियों में खरीद के आंकड़ों पर नजर डालें तो दादरी अनाज मंडी सबसे आगे है। यहां अब तक 1 लाख 79 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद हो चुकी है। वहीं, बाढड़ा मंडी में 42 हजार क्विंटल और झोझू कलां मंडी में 36 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद दर्ज की गई है। इस प्रकार जिले की तीनों मंडियों में कुल खरीद करीब 2 लाख 58 हजार क्विंटल तक पहुंच गई है। दादरी मंडी में खरीद का आंकड़ा अन्य दोनों मंडियों के मुकाबले काफी अधिक है।
आवक और खरीद के बीच में अंतर
मंडियों में अब तक 5.08 लाख क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है लेकिन खरीद 2.58 लाख क्विंटल तक ही पहुंची है। यानी आवक की तुलना में खरीद का आंकड़ा लगभग आधा है। वहीं, खरीदे गए बाजरे की उठान भी पूरी गति से नहीं हो रही। ऐसे में आवक बढ़ने के साथ मंडियों में बाजरे की मात्रा और बढ़ सकती है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में पहुंचना पड़ रहा है इसलिए खरीद और उठान की प्रक्रिया के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
मंडी में शांतिपूर्वक तरीके से बाजरे की खरीद की जा रही है। उठान संबंधित निर्देश भी आढ़तियों को दिए गए हैं। अब मंडी में किसानों का आना काफी कम हो गया है।
- विद्या सागर, सचिव, मार्केट कमेटी।
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जिले की मंडियों में अब तक 5 लाख 8 हजार क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है जबकि खरीद का आंकड़ा 2 लाख 58 हजार क्विंटल तक पहुंचा है। अब तक 18,063 किसान अपनी फसल बेच चुके हैं। दूसरी ओर मंडियों में बाजरे के ढेर लगे हुए हैं। रविवार को जिले की मंडियों से करीब 11,500 क्विंटल बाजरे का उठान हुआ।
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हालांकि, आवक और खरीद के मुकाबले उठान की गति कम होने के कारण मंडियों में बड़ी मात्रा में बाजरा जमा है। अब तक खरीदे गए बाजरे के मुकाबले करीब 54 प्रतिशत उठान होने की जानकारी सामने आई है। शेष बाजरे के मंडियों में पड़े रहने से खरीद व्यवस्था और अनाज के सुरक्षित भंडारण को लेकर दबाव बना हुआ है।
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दादरी मंडी में सबसे अधिक खरीद
जिले की तीन मंडियों में खरीद के आंकड़ों पर नजर डालें तो दादरी अनाज मंडी सबसे आगे है। यहां अब तक 1 लाख 79 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद हो चुकी है। वहीं, बाढड़ा मंडी में 42 हजार क्विंटल और झोझू कलां मंडी में 36 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद दर्ज की गई है। इस प्रकार जिले की तीनों मंडियों में कुल खरीद करीब 2 लाख 58 हजार क्विंटल तक पहुंच गई है। दादरी मंडी में खरीद का आंकड़ा अन्य दोनों मंडियों के मुकाबले काफी अधिक है।
आवक और खरीद के बीच में अंतर
मंडियों में अब तक 5.08 लाख क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है लेकिन खरीद 2.58 लाख क्विंटल तक ही पहुंची है। यानी आवक की तुलना में खरीद का आंकड़ा लगभग आधा है। वहीं, खरीदे गए बाजरे की उठान भी पूरी गति से नहीं हो रही। ऐसे में आवक बढ़ने के साथ मंडियों में बाजरे की मात्रा और बढ़ सकती है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में पहुंचना पड़ रहा है इसलिए खरीद और उठान की प्रक्रिया के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
मंडी में शांतिपूर्वक तरीके से बाजरे की खरीद की जा रही है। उठान संबंधित निर्देश भी आढ़तियों को दिए गए हैं। अब मंडी में किसानों का आना काफी कम हो गया है।
- विद्या सागर, सचिव, मार्केट कमेटी।