{"_id":"69f263551698b73cc6040274","slug":"9546-people-of-the-district-have-entered-information-for-self-enumeration-one-day-left-for-self-enumeration-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1010-154544-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: जिले के 9546 लोगों ने स्व गणना के लिए दर्ज की जानकारी, स्व गणना के लिए एक दिन शेष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: जिले के 9546 लोगों ने स्व गणना के लिए दर्ज की जानकारी, स्व गणना के लिए एक दिन शेष
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 30 Apr 2026 01:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण कार्य में अभी तक जिले के 9,546 लोगों ने स्व गणना के लिए अपनी जानकारी दर्ज की है। इनमें से 8,861 लोगों की जानकारी पूर्ण रूप से भी दर्ज हो गई है। स्व गणना के लिए अब केवल एक दिन ही शेष बचा है। कोई भी व्यक्ति 30 अप्रैल तक ही स्व गणना के लिए अपना डाटा ऑनलाइन दर्ज कर सकता है।
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि जनगणना संचालन में बदलाव के चलते, निवासियों के पास आगामी जनगणना 2027 में स्व गणना के माध्यम से भाग लेने का विकल्प दिया गया है। यह एक नई सुविधा है जो 16 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। इस विकल्प को अपनाते हुए अभी तक जिला के 9,546 लोगों ने स्व गणना के तहत अपना डाटा दर्ज कर दिया है। उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी जनगणना 2027 के पहले चरण के दौरान मकान सूचीकरण के लिए स्व गणना जरूर करें।
आज आवेदन का अंतिम दिन
स्व-गणना प्रक्रिया नागरिकों को समर्पित पोर्टल एससी.सेंसस.जीओवी.आईएन के माध्यम से अपने परिवार का विवरण सुरक्षित रूप से ऑनलाइन भरने की सुविधा प्रदान करता है जोकि केवल 30 अप्रैल तक ही खुला रहेगा। सफलतापूर्वक जमा करने पर प्रतिभागियों को एक अद्वितीय स्व-गणना आईडी (एसई आईडी) प्राप्त होगी जिसे उन्हें सत्यापन के लिए अपने क्षेत्र के दौरे के दौरान जनगणना अधिकारियों के साथ साझा करना होगा।
स्वजनगणना को बताया हितैषी
उपायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी ने इस पहल को राष्ट्रीय जनगणना में पहली बार शुरू किया गया नागरिक हितैषी उपाय बताया। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया नागरिकों को पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार का विवरण सुरक्षित रूप से ऑनलाइन भरने की सुविधा देती है। यह डिजिटल विधि एक अद्वितीय स्व-गणना आईडी (एसई आईडी) उत्पन्न करती है, जिसे सत्यापन के लिए अधिकारियों के साथ उनके क्षेत्र दौरे के दौरान साझा किया जाएगा। ऐसा विकल्प पहली बार दिया जा रहा है।
14 भाषाओं में पोर्टल
यह पोर्टल अंग्रेजी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है जिससे यह अधिक से अधिक लोगों के लिए सुलभ हो जाता है। स्व गणना की अवधि समाप्त होने के बाद अधिकारी घर-घर जाकर मकान सूचीबद्ध करने का कार्य (एचएलओ) शुरू हो जाएगा। इसके लिए सबसे पहले मोबाइल नंबर से लॉग इन करें। पहले चरण के लिए आवश्यक 33 प्रश्नों के उत्तर 15-20 मिनट के भीतर भरें और जमा करें ताकि आपको 11 अंकों की आईडी प्राप्त हो सके। जब जनगणना अधिकारी आपके घर आते हैं तो आपको त्वरित सत्यापन के लिए केवल आईडी प्रदान करनी होगी न कि पूरा साक्षात्कार देना होगा।
पहली पूर्णत: डिजिटल जनगणना
जनगणना करने वालों द्वारा किए जाने वाले साक्षात्कार उन लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे जो ऑनलाइन सुविधा का उपयोग नहीं करना चाहते हैं या ऐसा करने में असमर्थ हैं। उन्होंने इस पूरी तरह से प्रौद्योगिकी-आधारित प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनगणना कर्मी डेटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग करेंगे और सभी जानकारी केंद्रीय जनगणना सर्वर पर लाइव अपडेट की जाएगी। यह भारत की पहली पूर्णत: डिजिटल जनगणना है।
Trending Videos
उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि जनगणना संचालन में बदलाव के चलते, निवासियों के पास आगामी जनगणना 2027 में स्व गणना के माध्यम से भाग लेने का विकल्प दिया गया है। यह एक नई सुविधा है जो 16 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। इस विकल्प को अपनाते हुए अभी तक जिला के 9,546 लोगों ने स्व गणना के तहत अपना डाटा दर्ज कर दिया है। उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी जनगणना 2027 के पहले चरण के दौरान मकान सूचीकरण के लिए स्व गणना जरूर करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
आज आवेदन का अंतिम दिन
स्व-गणना प्रक्रिया नागरिकों को समर्पित पोर्टल एससी.सेंसस.जीओवी.आईएन के माध्यम से अपने परिवार का विवरण सुरक्षित रूप से ऑनलाइन भरने की सुविधा प्रदान करता है जोकि केवल 30 अप्रैल तक ही खुला रहेगा। सफलतापूर्वक जमा करने पर प्रतिभागियों को एक अद्वितीय स्व-गणना आईडी (एसई आईडी) प्राप्त होगी जिसे उन्हें सत्यापन के लिए अपने क्षेत्र के दौरे के दौरान जनगणना अधिकारियों के साथ साझा करना होगा।
स्वजनगणना को बताया हितैषी
उपायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी ने इस पहल को राष्ट्रीय जनगणना में पहली बार शुरू किया गया नागरिक हितैषी उपाय बताया। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया नागरिकों को पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार का विवरण सुरक्षित रूप से ऑनलाइन भरने की सुविधा देती है। यह डिजिटल विधि एक अद्वितीय स्व-गणना आईडी (एसई आईडी) उत्पन्न करती है, जिसे सत्यापन के लिए अधिकारियों के साथ उनके क्षेत्र दौरे के दौरान साझा किया जाएगा। ऐसा विकल्प पहली बार दिया जा रहा है।
14 भाषाओं में पोर्टल
यह पोर्टल अंग्रेजी और 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है जिससे यह अधिक से अधिक लोगों के लिए सुलभ हो जाता है। स्व गणना की अवधि समाप्त होने के बाद अधिकारी घर-घर जाकर मकान सूचीबद्ध करने का कार्य (एचएलओ) शुरू हो जाएगा। इसके लिए सबसे पहले मोबाइल नंबर से लॉग इन करें। पहले चरण के लिए आवश्यक 33 प्रश्नों के उत्तर 15-20 मिनट के भीतर भरें और जमा करें ताकि आपको 11 अंकों की आईडी प्राप्त हो सके। जब जनगणना अधिकारी आपके घर आते हैं तो आपको त्वरित सत्यापन के लिए केवल आईडी प्रदान करनी होगी न कि पूरा साक्षात्कार देना होगा।
पहली पूर्णत: डिजिटल जनगणना
जनगणना करने वालों द्वारा किए जाने वाले साक्षात्कार उन लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे जो ऑनलाइन सुविधा का उपयोग नहीं करना चाहते हैं या ऐसा करने में असमर्थ हैं। उन्होंने इस पूरी तरह से प्रौद्योगिकी-आधारित प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनगणना कर्मी डेटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप का उपयोग करेंगे और सभी जानकारी केंद्रीय जनगणना सर्वर पर लाइव अपडेट की जाएगी। यह भारत की पहली पूर्णत: डिजिटल जनगणना है।
