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Charkhi Dadri News: रात्रि ठहराव में शिक्षा विभाग का जनसंवाद, मकड़ाना में समस्याओं का मौके पर समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 30 Apr 2026 01:26 AM IST
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गांव मकड़ाना में ग्रामीणों से संवाद करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारी।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिला प्रशासन की तर्ज पर मंगलवार सायं गांव मकड़ाना में शिक्षा विभाग ने रात्रि ठहराव कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी धर्मेंद्र चौधरी ने विभागीय अधिकारियों के साथ गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं सुनकर मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभाग की ओर से संचालित क्लास रेडनेस प्रोग्राम के तहत विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करना और राजकीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के प्रयासों को गति देना रहा। इस दौरान गांव के वालीबॉल कोच समुंदर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मौजूद हैं लेकिन खेल सामग्री की कमी से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए विद्यालय को एक दर्जन वॉलीबाल व नेट उपलब्ध करवाने की घोषणा की।
सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने जर्जर हो चुके विद्यालय भवन को कंडम घोषित कर नए कक्षों के निर्माण की मांग रखी। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग के जेई राजबीर से दूरभाष पर बातचीत कर स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त ग्रामीणों ने राजकीय विद्यालय में साइंस स्ट्रीम शुरू करवाने का अनुरोध किया जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए ताकि आगामी प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया और अनेक मुद्दों का मौके पर ही समाधान किया गया।
रात्रि ठहराव कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन अब गांव स्तर तक पहुंचकर शिक्षा से जुड़ी हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सरपंच सुमन कुमारी, एसएमसी प्रधान सोमबीर, प्रोफेसर छाजूराम, जिला समन्वयक डॉ. सतीश साहू व प्राचार्य कमल पंवार सहित सैंकड़ों ग्रामीण जिनमें अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थी शामिल रहे। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय कदम बताया।
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कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभाग की ओर से संचालित क्लास रेडनेस प्रोग्राम के तहत विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करना और राजकीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के प्रयासों को गति देना रहा। इस दौरान गांव के वालीबॉल कोच समुंदर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मौजूद हैं लेकिन खेल सामग्री की कमी से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए विद्यालय को एक दर्जन वॉलीबाल व नेट उपलब्ध करवाने की घोषणा की।
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सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने जर्जर हो चुके विद्यालय भवन को कंडम घोषित कर नए कक्षों के निर्माण की मांग रखी। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग के जेई राजबीर से दूरभाष पर बातचीत कर स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त ग्रामीणों ने राजकीय विद्यालय में साइंस स्ट्रीम शुरू करवाने का अनुरोध किया जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य को स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए ताकि आगामी प्रक्रिया को शीघ्र आगे बढ़ाया जा सके। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया और अनेक मुद्दों का मौके पर ही समाधान किया गया।
रात्रि ठहराव कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन अब गांव स्तर तक पहुंचकर शिक्षा से जुड़ी हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सरपंच सुमन कुमारी, एसएमसी प्रधान सोमबीर, प्रोफेसर छाजूराम, जिला समन्वयक डॉ. सतीश साहू व प्राचार्य कमल पंवार सहित सैंकड़ों ग्रामीण जिनमें अभिभावक, शिक्षक और विद्यार्थी शामिल रहे। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय कदम बताया।
