सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Take special care of the elderly and children during the cold wave; district administration issues guidelines for civil safety during the cold wave

Charkhi Dadri News: ठंड में बुजुर्गों और बच्चों का रखें विशेष ध्यान, शीत लहर के दौरान नागरिक सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन की ओर से दिशा-निर्देश जारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jan 2026 12:37 AM IST
विज्ञापन
Take special care of the elderly and children during the cold wave; district administration issues guidelines for civil safety during the cold wave
जिले पर छाई धुंध की चादर से निकलते सूर्यदेव। - फोटो : 1
विज्ञापन
चरखी दादरी। जिला प्रशासन की ओर से शीत लहर के दौरान प्रभावी प्रबंधन के लिए बहु-क्षेत्रीय और समन्वित कार्ययोजना लागू की गई है। इसका उद्देश्य जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना, ठंड से होने वाली बीमारियों एवं मृत्यु के जोखिम को कम करना तथा कमजोर वर्गों को आवश्यक राहत प्रदान करना है।
Trending Videos

उपायुक्त डाॅ. मुनीश नागपाल ने बताया कि प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे शीत लहर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। पेयजल की उपलब्धता, अस्थायी आश्रयों, रैन बसेरों और सामुदायिक केंद्रों पर पर्याप्त कंबल, गर्म कपड़े, भोजन और दवाओं की व्यवस्था रहे। बेघर और निराश्रित व्यक्तियों के लिए रात्रि विश्राम गृहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था भी की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन



--विशेष तैयारियों पर बल
डीसी ने बताया कि शीत लहर के संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि ठंड से संबंधित बीमारियों जैसे हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट के उपचार के लिए पर्याप्त दवाओं, कंबलों और हीटिंग उपकरणों की व्यवस्था की जाए। एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भी समुदाय स्तर पर सक्रिय रहकर जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से वृद्धजनों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों की देखभाल और ठंड से सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है।


--पशुओं के लिए उचित व्यवस्था के आदेश
पशुपालन विभाग को भी पशुओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है। सभी पशु आश्रयों में पर्याप्त चारा, स्वच्छ पानी, गर्म बिस्तर और आवश्यक टीकाकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि पशुधन को ठंड के प्रभाव से बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, शहरी स्थानीय निकायों व ग्रामीण विकास विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था करने, रैन बसेरों को सक्रिय रखने तथा राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, भोजन और चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा निरंतर निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और नागरिकों और पशुओं की सुरक्षा हर स्तर पर सुनिश्चित की जा सके।


--ग्राम पंचायत स्तर पर रखें व्यवस्था
शीत लहर के प्रभाव से ग्रामीण जनजीवन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विकास एवं पंचायती राज विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ठंड से बचाव के उपायों के प्रति सचेत और सशक्त बन सकें। उपायुक्त ने जिला के नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें, बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाएं तथा अत्यधिक ठंड या कोहरे में अनावश्यक यात्रा से बचें। वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और रात के समय दृश्यता कम होने पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

--शीत लहर से पहले की तैयारी के लिए सुझाव

लोगों को सलाह दी गई है कि वे रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से मौसम पूर्वानुमान पर ध्यान दें, आवश्यक वस्तुएं जैसे दवाइयां, कंबल और टॉर्च अग्रिम रूप से तैयार रखें और एक से अधिक परतों में कपड़े पहनें। ठंड से होने वाले रोग जैसे जुकाम, फ्लू या नकसीर की स्थिति में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान दें, अनावश्यक यात्रा से बचें और शरीर को सूखा और गर्म रखें। सिर, गर्दन, हाथ और पैर को ढककर रखें व विटामिन-सी युक्त फल व गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। घर के अंदर कोयले या लकड़ी से गर्मी उत्पन्न करने से बचें, क्योंकि इससे कार्बन मोनो ऑक्साइड जैसी विषैली गैस बनती है जो जानलेवा हो सकती है।

--हाइपोथर्मिया व फ्रॉस्टबाइट से बचाव

यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक ठंडक, कंपकंपी, बोलने में कठिनाई या नींद महसूस हो, तो उसे तुरंत गर्म स्थान पर ले जाएं, सूखे कंबल या कपड़ों में लपेटें और गर्म पेय दें। शराब का सेवन बिल्कुल न करें और हालत बिगडऩे पर तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। ठंड में लंबे समय तक न रहें। शराब का सेवन न करें, क्योंकि यह शरीर का तापमान कम करता है। फ्रॉस्टबाइट से प्रभावित अंगों की मालिश न करें और कंपकंपी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें। प्रभावित व्यक्ति को तब तक कोई तरल पदार्थ न दें जब तक वह पूरी तरह सचेत न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed