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Fatehabad News: नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड के शौचालयों में पानी नहीं, प्रसूताएं परेशान

Sun, 25 Oct 2026 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 25 Oct 2026 11:08 PM IST
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No water in the toilets of the maternity and child ward at the Civil Hospital; new mothers face hardship.
फतेहाबाद के महिला शौचालय में पानी न होने से फैली गंदगी संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में व्यवस्थाएं बदहाल होती जा रही हैं। यहां महिला शौचालय में पानी की सुविधा नहीं होने से प्रसूताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें शौचालय के लिए प्रथम तल से ग्राउंड फ्लोर पर स्थित ओपीडी वार्ड तक जाना पड़ता है।
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पुरुष शौचालय में भी पानी नहीं होने के कारण गंदगी फैली हुई है। अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की इस स्थिति ने लोक निर्माण विभाग की ओर से करवाए जा रहे मरम्मत कार्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों के लिए शौचालय की सुविधा बेहद जरूरी है।
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प्रसव के बाद महिलाओं को विशेष देखभाल और आराम की आवश्यकता होती है लेकिन वार्ड में ही शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। महिला शौचालय में पानी नहीं होने के कारण प्रसूताओं को दूसरे तल पर जाने के बजाय ग्राउंड फ्लोर पर स्थित ओपीडी वार्ड के शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे उन्हें अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ रही है।
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पुरुष शौचालय की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। यहां पानी की आपूर्ति नहीं होने से साफ-सफाई प्रभावित हो रही है और गंदगी फैली हुई है। अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की कमी मरीजों व उनके परिजनों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
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जुलाई 2025 में शुरू हुआ था मरम्मत कार्य
नागरिक अस्पताल में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत कार्य करवाया जा रहा है। यह काम जुलाई 2025 में शुरू हुआ था लेकिन अक्तूबर 2026 तक भी पूरा नहीं हो पाया है। इतने लंबे समय बाद भी जच्चा-बच्चा वार्ड के शौचालयों में पानी जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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मामला अभी संज्ञान में आया है। अगर शौचालयों में हालत खराब है तो इसको ठीक करवाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में भी मामला लाया जाएगा।
- डॉ. सुभाष, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी
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