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Fatehabad News: सफाई न होने से पार्क हुआ बदहाल
Fri, 14 Aug 2026 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 14 Aug 2026 10:49 PM IST
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गांव कुम्हारिया के पार्क की सफाई नहीं होने से फैली गंदगी। स्रोत ग्रामीण
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फतेहाबाद। कुम्हारिया गांव में छह वर्ष पूर्व तैयार किया गया सार्वजनिक पार्क देखरेख और नियमित सफाई के अभाव में बदहाल हो चुका है। पार्क में घास और झाड़ियां बढ़ गई हैं तथा कई स्थानों पर कूड़ा-कचरा पड़ा रहता है। इससे ग्रामीणों ने पार्क में जाना ही बंद कर दिया है।
ग्रामीण ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन से जल्द सफाई और मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण नरेंद्र, विकास और अमित ने बताया कि पार्क का निर्माण ग्रामीणों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए किया गया था। निर्माण के शुरुआती वर्षों में पार्क की नियमित सफाई होती थी और इसकी स्थिति भी ठीक थी। बाद में देखरेख बंद होने से पार्क की हालत लगातार बिगड़ती गई।
वर्तमान में पार्क के अंदर जगह-जगह घास और झाड़ियां उगी हुई हैं। कूड़ा-कचरा जमा रहने से गंदगी का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पार्क का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ वातावरण और बैठने की सुविधा देना था लेकिन उचित देखरेख के अभाव में यह सुविधा खत्म हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पार्क की सफाई कराने के साथ मरम्मत और नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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मरम्मत के अभाव से टूट चुके हैं झूले
पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले भी टूट चुके हैं। इनकी मरम्मत नहीं होने से बच्चे अपना मनोरंजन भी नहीं कर पा रहे हैं। पार्क में लगा पानी का पंप भी खराब पड़ा है। इस कारण यहां की हरियाली और साफ-सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पार्क में नियमित रूप से सफाई और रखरखाव किया जाए तो इसका लाभ बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को मिल सकता है।
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10 लाख की लागत से बना था पार्क
ग्रामीण भूप सिहं ने बताया कि पार्क पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे लेकिन देखरेख के अभाव में सुविधाएं धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही हैं। प्रशासन को पार्क का निरीक्षण कर झाड़ियों की कटाई, सफाई, टूटे झूलों की मरम्मत और खराब पानी के पंप को ठीक करवाना चाहिए। प्रशासन से मांग की है कि पार्क की स्थिति सुधारने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं। सार्वजनिक सुविधाओं पर खर्च होने वाले सरकारी धन का उचित उपयोग तभी संभव है, जब उनका नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए।
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:: गांव के पार्क की साफ सफाई नियमित ध्यान दिया जा रहा है। पार्क की स्थिति ठीक है। अगर कोई कमी रह गई है तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा।
- सुरेश कुमार डाबला, सरपंच गांव कुम्हारियां।
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ग्रामीण ग्राम पंचायत और जिला प्रशासन से जल्द सफाई और मरम्मत कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण नरेंद्र, विकास और अमित ने बताया कि पार्क का निर्माण ग्रामीणों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए किया गया था। निर्माण के शुरुआती वर्षों में पार्क की नियमित सफाई होती थी और इसकी स्थिति भी ठीक थी। बाद में देखरेख बंद होने से पार्क की हालत लगातार बिगड़ती गई।
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वर्तमान में पार्क के अंदर जगह-जगह घास और झाड़ियां उगी हुई हैं। कूड़ा-कचरा जमा रहने से गंदगी का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पार्क का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ वातावरण और बैठने की सुविधा देना था लेकिन उचित देखरेख के अभाव में यह सुविधा खत्म हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पार्क की सफाई कराने के साथ मरम्मत और नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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मरम्मत के अभाव से टूट चुके हैं झूले
पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले भी टूट चुके हैं। इनकी मरम्मत नहीं होने से बच्चे अपना मनोरंजन भी नहीं कर पा रहे हैं। पार्क में लगा पानी का पंप भी खराब पड़ा है। इस कारण यहां की हरियाली और साफ-सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पार्क में नियमित रूप से सफाई और रखरखाव किया जाए तो इसका लाभ बच्चों, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को मिल सकता है।
10 लाख की लागत से बना था पार्क
ग्रामीण भूप सिहं ने बताया कि पार्क पर करीब 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे लेकिन देखरेख के अभाव में सुविधाएं धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही हैं। प्रशासन को पार्क का निरीक्षण कर झाड़ियों की कटाई, सफाई, टूटे झूलों की मरम्मत और खराब पानी के पंप को ठीक करवाना चाहिए। प्रशासन से मांग की है कि पार्क की स्थिति सुधारने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं। सार्वजनिक सुविधाओं पर खर्च होने वाले सरकारी धन का उचित उपयोग तभी संभव है, जब उनका नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाए।
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:: गांव के पार्क की साफ सफाई नियमित ध्यान दिया जा रहा है। पार्क की स्थिति ठीक है। अगर कोई कमी रह गई है तो उसे तुरंत ठीक किया जाएगा।
- सुरेश कुमार डाबला, सरपंच गांव कुम्हारियां।

गांव कुम्हारिया के पार्क की सफाई नहीं होने से फैली गंदगी। स्रोत ग्रामीण