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Fatehabad News: बीमे का खेल...25,647 किसानों ने भरा प्रीमियम, सिर्फ 10,549 को मिला लाभ, खेत में खराब हुई नरमे की फसल, पटवारियों ने कागजों में दिखा दी मूंग, दफ्तरों के चक्कर काट रहे अन्नदाता
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 21 May 2026 10:13 PM IST
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फतेहाबाद। जिले में खरीफ सीजन के दौरान बेमौसम बारिश और जलभराव के कारण तबाह हुई फसलों के मुआवजे को लेकर बीमा कंपनी की बड़ी मनमानी सामने आई है।
फसल सुरक्षा के लिए जिले के 25,647 किसानों ने बीमा करवाया था जिसके प्रीमियम के तौर पर उनके खातों से 16 करोड़ 96 लाख रुपये काट लिए गए लेकिन जब नुकसान की भरपाई का समय आया तो कंपनी ने आधे से अधिक किसानों को क्लेम देने से हाथ खड़े कर दिए।
कृषि विभाग और बीमा कंपनी के समन्वय के बाद जिले के किसानों के लिए कुल 60 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम मंजूर हुआ था। इसके विपरीत कंपनी ने अब तक मात्र 10,549 किसानों को ही 39.60 करोड़ रुपये की बीमा राशि जारी की है। हजारों किसान अपनी मेहनत की कमाई के लिए कृषि विभाग और किसान केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। प्रभावित किसानों को नुकसान के आधार पर अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा मिलने की उम्मीद थी।
कृषि विभाग के कार्यालयों में रोजाना 15 से 20 किसान अपनी बीमा राशि का स्टेटस जानने पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि खरीफ 2025 में बेमौसम बारिश से कपास, धान और बाजरे की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई थीं। अब कृषि विभाग के अधिकारी और बीमा कंपनी के नुमाइंदे एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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फसल सुरक्षा के लिए जिले के 25,647 किसानों ने बीमा करवाया था जिसके प्रीमियम के तौर पर उनके खातों से 16 करोड़ 96 लाख रुपये काट लिए गए लेकिन जब नुकसान की भरपाई का समय आया तो कंपनी ने आधे से अधिक किसानों को क्लेम देने से हाथ खड़े कर दिए।
कृषि विभाग और बीमा कंपनी के समन्वय के बाद जिले के किसानों के लिए कुल 60 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम मंजूर हुआ था। इसके विपरीत कंपनी ने अब तक मात्र 10,549 किसानों को ही 39.60 करोड़ रुपये की बीमा राशि जारी की है। हजारों किसान अपनी मेहनत की कमाई के लिए कृषि विभाग और किसान केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। प्रभावित किसानों को नुकसान के आधार पर अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति एकड़ तक मुआवजा मिलने की उम्मीद थी।
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कृषि विभाग के कार्यालयों में रोजाना 15 से 20 किसान अपनी बीमा राशि का स्टेटस जानने पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि खरीफ 2025 में बेमौसम बारिश से कपास, धान और बाजरे की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई थीं। अब कृषि विभाग के अधिकारी और बीमा कंपनी के नुमाइंदे एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ रहे हैं।