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Fatehabad News: रिश्वत लेते पकड़ा गया प्रशिक्षु बना सरकारी गवाह
Wed, 15 Jul 2026 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:02 PM IST
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फतेहाबाद। टोहाना में चंडीगढ़ रोड स्थित 33 केवी बिजलीघर में बने ग्रामीण बिजली कार्यालय में रिश्वतखोरी मामले में एसीबी ने वहां नियुक्ति प्रशिक्षु कर्ण को सरकारी गवाह बनाया है। एसीबी के मुताबिक प्रशिक्षु कर्ण को आरोपी यूडीसी और सहायक लाइनमैन ने रिश्वत लेने के लिए जरिया ।
एसीबी ने यूडीसी क्लर्क सत्यनारायण और एचकेआरएन के तहत कार्यरत सहायक लाइनमैन विनोद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। यहां से न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि कर्ण कुछ दिन पहले ही अप्रेंटिस लगा था और उसे रिश्वत लेने के लिए आरोपियों ने जरिया बनाया था।
उल्लेखनीय है कि गांव फतेहपुरी निवासी बलजिंदर सिंह ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उनका ट्यूबवेल कनेक्शन नाम बदलवाने की एवज में कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत के बाद एसीबी फतेहाबाद इंचार्ज मनमोहन सिंह के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। टीम ने बलजिंदर को केमिकल लगे नोट देकर भेजा।
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बलजिंदर से प्रशिक्षु करण ने 12 हजार रुपये लिए। रुपये लेते ही उसके हाथ लाल हो गए। इसके बाद मौके पर मौजूद यूडीसी क्लर्क सत्यनारायण और एचकेआरएन के तहत कार्यरत सहायक लाइनमैन विनोद को भी काबू कर लिया गया था। एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह ने बताया कि मामले में यूडीसी क्लर्क सत्यनारायण और सहायक लाइनमैन विनोद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशिक्षु कर्ण को मामले में सरकारी गवाह बनाया गया है।
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एसीबी ने यूडीसी क्लर्क सत्यनारायण और एचकेआरएन के तहत कार्यरत सहायक लाइनमैन विनोद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। यहां से न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एसीबी के अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि कर्ण कुछ दिन पहले ही अप्रेंटिस लगा था और उसे रिश्वत लेने के लिए आरोपियों ने जरिया बनाया था।
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उल्लेखनीय है कि गांव फतेहपुरी निवासी बलजिंदर सिंह ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उनका ट्यूबवेल कनेक्शन नाम बदलवाने की एवज में कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत के बाद एसीबी फतेहाबाद इंचार्ज मनमोहन सिंह के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। टीम ने बलजिंदर को केमिकल लगे नोट देकर भेजा।
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बलजिंदर से प्रशिक्षु करण ने 12 हजार रुपये लिए। रुपये लेते ही उसके हाथ लाल हो गए। इसके बाद मौके पर मौजूद यूडीसी क्लर्क सत्यनारायण और एचकेआरएन के तहत कार्यरत सहायक लाइनमैन विनोद को भी काबू कर लिया गया था। एसीबी इंचार्ज मनमोहन सिंह ने बताया कि मामले में यूडीसी क्लर्क सत्यनारायण और सहायक लाइनमैन विनोद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रशिक्षु कर्ण को मामले में सरकारी गवाह बनाया गया है।