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Fatehabad News: कतर से एलपीजी से भरा जहाज लेकर लौट रहे जिले के 2 लाल
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:13 PM IST
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जहाज में मौजूद अनिल भांभू
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फतेहाबाद। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति के बीच देश में एलपीजी की भारी मांग और आपूर्ति को लेकर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस बीच खुशी की बात यह है कि खाड़ी देशों से भारत दो जहाज एलपीजी लेकर आ रहे हैं, जिनमें जिले के दो अधिकारी शामिल हैं।
गांव कुम्हारिया के कृष्ण कुमार मुख्य अधिकारी और गांव सरवरपुर के अनिल सेकेंड अधिकारी के पद पर मर्चेंट नेवी में तैनात हैं। दोनों जहाज पिछले 25 फरवरी को कतर से एलपीजी लाने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन युद्ध की वजह से कुछ समय वहां फंस गए थे।
अनिल के भाई सुनील ने बताया कि इस दौरान परिवार में चिंता का माहौल रहा लेकिन अब जहाज भारत की ओर लौट रहे हैं। इससे उन्हें गर्व और उत्साह का अनुभव हो रहा है। पूरे देश में एलपीजी की कमी से लोग परेशान हैं। इन दोनों जहाजों के आने से देश में काफी हद तक गैस का संकट कम होगा।
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व्हाट्स एप कॉल से संपर्क में रहे
सेकेंड ऑफिसर अनिल भांभू के भाई सुनील ने बताया कि करीब आठ साले पहले वह मर्चेंट नेवी में तैनात हुआ था। शुरू से ही नेवी में जाने का जज्बा था। परिवार में पिता कृष्ण कुमार, माता सुशीला, भाभी ऊषा, भतीजा कुशांत है। परिवार को शुरू में चिंता हुई लेकिन अब गर्व है कि बेटा देश के लिए काम कर रहा है। वे व्हाट्स एप कॉल के जरिये बेटे के संपर्क में भी हैं। सोमवार को उम्मीद है जहाज अपने तय जगह पर पहुंच जाएंगे। सेकेंड ऑफिसर अनिल कुमार ने बातचीत में बताया कि जहाज के सुरक्षित पहुंचने में भारत सरकार और भारतीय नेवी, शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया का काफी सहयोग रहा है। एक जहाज में पांच अधिकारी और 20 क्रू सदस्य शामिल हैं।
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गांव कुम्हारिया के कृष्ण कुमार मुख्य अधिकारी और गांव सरवरपुर के अनिल सेकेंड अधिकारी के पद पर मर्चेंट नेवी में तैनात हैं। दोनों जहाज पिछले 25 फरवरी को कतर से एलपीजी लाने के लिए रवाना हुए थे, लेकिन युद्ध की वजह से कुछ समय वहां फंस गए थे।
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अनिल के भाई सुनील ने बताया कि इस दौरान परिवार में चिंता का माहौल रहा लेकिन अब जहाज भारत की ओर लौट रहे हैं। इससे उन्हें गर्व और उत्साह का अनुभव हो रहा है। पूरे देश में एलपीजी की कमी से लोग परेशान हैं। इन दोनों जहाजों के आने से देश में काफी हद तक गैस का संकट कम होगा।
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व्हाट्स एप कॉल से संपर्क में रहे
सेकेंड ऑफिसर अनिल भांभू के भाई सुनील ने बताया कि करीब आठ साले पहले वह मर्चेंट नेवी में तैनात हुआ था। शुरू से ही नेवी में जाने का जज्बा था। परिवार में पिता कृष्ण कुमार, माता सुशीला, भाभी ऊषा, भतीजा कुशांत है। परिवार को शुरू में चिंता हुई लेकिन अब गर्व है कि बेटा देश के लिए काम कर रहा है। वे व्हाट्स एप कॉल के जरिये बेटे के संपर्क में भी हैं। सोमवार को उम्मीद है जहाज अपने तय जगह पर पहुंच जाएंगे। सेकेंड ऑफिसर अनिल कुमार ने बातचीत में बताया कि जहाज के सुरक्षित पहुंचने में भारत सरकार और भारतीय नेवी, शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया का काफी सहयोग रहा है। एक जहाज में पांच अधिकारी और 20 क्रू सदस्य शामिल हैं।

जहाज में मौजूद अनिल भांभू