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हरियाणा के सीएम सैनी ने किया एलान: अब एप से पता चलेगी फसल के भुगतान की स्थिति, व्हाट्सएप पर मिलेगा जे-फार्म

अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: Naveen Updated Sun, 26 Apr 2026 08:21 AM IST
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सार

हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पहले गेहूं की कटाई और फसल बेचने का सीजन ढाई महीने का होता था। अब यह सीजन सिमटकर 15 दिन में आ गया है। इससे थोड़ी बहुत परेशानी आती है। उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल से उठान प्रक्रिया में और तेजी आई है।

Haryana CM Saini Announces: Crop Payment Status Now Accessible via App; J-Forms to be Received on WhatsApp
सीएम नायब सिंह सैनी - फोटो : एएनआई
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विस्तार

हरियाणा के किसानों को अगले सीजन से अपनी फसल बेचने के लिए मंडी में बैठकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार जल्द ही किसान ई-खरीद एप लॉन्च करेगी। इस एप की मदद से किसानों को जे-फॉर्म, भुगतान की स्थिति, भूमि बुवाई एवं उपज सत्यापन की स्थिति, गेट पास शेड्यूलिंग (अगली सरसों फसल से प्रारंभ), भूमि सत्यापन की स्थिति व सभी सूचनाएं किसान ई-खरीद एप पर ही उपलब्ध होंगी। इससे खरीद कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। वहीं, अगले सप्ताह से सभी किसानों को व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड आधारित जे फार्म भेजा जाएगा ताकि उन्हें ऋण या अन्य सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ें।

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यह एलान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता में किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में अब तक हुई गेहूं खरीद का ब्योरा देते हुए कहा कि रबी सीजन 2026-27 में प्रदेश की मंडियों में गेहूं की बंपर आवक हुई है। इसने पिछले चार साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सरकार ने खरीद प्रबंधों को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जिसके चलते प्रदेश में गेहूं खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और किसानों को समय पर भुगतान भी किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री ने कहा अब तक प्रदेश की मंडियों में 21 हजार 44 करोड़ रुपये मूल्य की 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले 4 वर्षों में सर्वाधिक है। अकेले 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख 71 हजार मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड आवक हुई। उन्होंने कहा कि अब तक 5 लाख 80 हजार किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं। हर किसान की पहचान डिजिटल गेट पास के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही 79 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं का बायोमेट्रिक सत्यापन हो चुका है, जो लगभग 97 प्रतिशत है। प्रदेश की मंडियों में 70 लाख 23 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है, साथ ही प्रदेश की मंडियों से 34 लाख 56 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है।

पहले ढाई महीने का सीजन होता था, अब 15 दिन का
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि पहले गेहूं की कटाई और फसल बेचने का सीजन ढाई महीने का होता था। अब यह सीजन सिमटकर 15 दिन में आ गया है। इससे थोड़ी बहुत परेशानी आती है। उन्होंने कहा कि 18 अप्रैल से उठान प्रक्रिया में और तेजी आई है। अब प्रतिदिन साढ़े 3 लाख मीट्रिक टन का उठान हो रहा है। पिछले वर्ष से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि रबी सत्र 2025-26 में जहां कुल 72 लाख 89 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। वहीं, इस वर्ष अब तक 81 लाख 48 हजार मीट्रिक टन की आवक हो चुकी है।

किसानों को नहीं, सिर्फ विपक्ष को दिक्कत
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि पूर्व की सरकारों के समय न डिजिटल व्यवस्था थी, न पारदर्शिता थी, न समय पर भुगतान होता था। किसानों को मंडियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। कागजी टोकन बनते थे और भुगतान के लिए हफ्तों, कभी-कभी महीनों का इंतजार करना पड़ता था। बोले-मंडियों में सब व्यवस्थाएं ठीक हैं। किसी भी किसान को दिक्कत नहीं है, सिवाय विपक्ष को।

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