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Rewari: नाबालिग को घर से उठाकर ले गई पुलिस, थर्ड डिग्री देने का लगा आरोप; एसएचओ समेत चार कर्मियों पर FIR
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवाड़ी (रेवाड़ी)
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 27 Apr 2026 11:49 AM IST
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सार
भिवाड़ी एसपी ब्रजेश उपाध्याय ने बताया कि नाबालिग के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया है और उसका जयपुर के निम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इलाज को प्राथमिकता दी जा रही है
Teenager, crime, child demo
- फोटो : freepik
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विस्तार
एक नाबालिग लड़के के साथ बर्बर मारपीट और थर्ड डिग्री यातना देने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस प्रकरण में यूआईटी थाना प्रभारी दारा सिंह मीणा सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ रविवार देर रात एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपियों पर मारपीट और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
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परिजनों का आरोप है कि उन्होंने शुरुआत में पुलिस को शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवार के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी विरोध में उतर आए। बढ़ते दबाव और विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस को आखिरकार एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। रविवार शाम करीब सात बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पीड़ित परिवार चौपानकी थाने पहुंचा। यहां सभी ने धरना देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल उस समय और गरमा गया जब रात करीब नौ बजे पूर्व विधायक संदीप यादव और कांग्रेस प्रत्याशी इमरान खान भी धरने में शामिल हो गए। इसके बाद देर रात पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
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परिजनों ने लगाए ये आरोप
परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि 21 अप्रैल को दोपहर करीब तीन बजे भिवाड़ी फेस-3 थाने से सिपाही गोपाल और अन्य पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और 16 वर्षीय लड़के को जबरन अपने साथ ले गए। उस समय लड़का पूरी तरह स्वस्थ था। बाद में चचेरे भाई के पास थाना प्रभारी का फोन आया, जिसमें लड़का रोते हुए मदद की गुहार लगा रहा था और खुद को बुरी तरह पीटे जाने की बात कह रहा था
थाने पहुंचे तो मिलने नहीं दिया गया
परिजनों के मुताबिक अगले दिन जब वे थाने पहुंचे तो उन्हें लड़के से मिलने नहीं दिया गया। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे थाना प्रभारी का फोन आया कि लड़के को भिवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और तुरंत आधार कार्ड लेकर पहुंचने को कहा गया। जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो लड़का बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर था। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जयपुर रेफर कर दिया। परिवार का आरोप है कि जयपुर के अस्पताल में भी पुलिसकर्मियों ने उन्हें लड़के के वीडियो और फोटो बनाने से रोका और धमकाकर रिकॉर्डिंग डिलीट करवा दी, ताकि मामले को दबाया जा सके।
नाबालिग के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया
उधर, भिवाड़ी एसपी ब्रजेश उपाध्याय ने बताया कि नाबालिग के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया है और उसका जयपुर के निम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इलाज को प्राथमिकता दी जा रही है और मामले की जांच एडिशनल एसपी अतुल साहू को सौंपी गई है। निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार ने अपनी शिकायत में बताया कि 21 अप्रैल को दोपहर करीब तीन बजे भिवाड़ी फेस-3 थाने से सिपाही गोपाल और अन्य पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और 16 वर्षीय लड़के को जबरन अपने साथ ले गए। उस समय लड़का पूरी तरह स्वस्थ था। बाद में चचेरे भाई के पास थाना प्रभारी का फोन आया, जिसमें लड़का रोते हुए मदद की गुहार लगा रहा था और खुद को बुरी तरह पीटे जाने की बात कह रहा था
थाने पहुंचे तो मिलने नहीं दिया गया
परिजनों के मुताबिक अगले दिन जब वे थाने पहुंचे तो उन्हें लड़के से मिलने नहीं दिया गया। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे थाना प्रभारी का फोन आया कि लड़के को भिवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और तुरंत आधार कार्ड लेकर पहुंचने को कहा गया। जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो लड़का बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर था। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जयपुर रेफर कर दिया। परिवार का आरोप है कि जयपुर के अस्पताल में भी पुलिसकर्मियों ने उन्हें लड़के के वीडियो और फोटो बनाने से रोका और धमकाकर रिकॉर्डिंग डिलीट करवा दी, ताकि मामले को दबाया जा सके।
नाबालिग के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया
उधर, भिवाड़ी एसपी ब्रजेश उपाध्याय ने बताया कि नाबालिग के फेफड़ों में संक्रमण पाया गया है और उसका जयपुर के निम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल इलाज को प्राथमिकता दी जा रही है और मामले की जांच एडिशनल एसपी अतुल साहू को सौंपी गई है। निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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