{"_id":"699df50c3685bc46bd001d97","slug":"changing-weather-hits-innocent-children-with-cough-and-cold-hisar-news-c-21-hsr1005-817911-2026-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: बदलते मौसम की मार, मासूमों पर खांसी-जुकाम का वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: बदलते मौसम की मार, मासूमों पर खांसी-जुकाम का वार
विज्ञापन
ओपीडी में मरीज देखतीं डॉ. मंजू हुड्डा।
विज्ञापन
हिसार। बदलते मौसम का असर मासूमों की सेहत पर साफ दिखने लगा है। खांसी-जुकाम से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने के कारण जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ ओपीडी में अभिभावकों की भीड़ उमड़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों ओपीडी में आने वाले करीब 50 प्रतिशत बच्चे खांसी-जुकाम से ग्रस्त हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम परिवर्तन के दौरान जिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, वे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। वर्तमान में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें अधिकांश को खांसी-जुकाम की शिकायत है, जबकि कुछ बच्चे वायरल संक्रमण से भी पीड़ित हैं।
चिकित्सकों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को बार-बार गुनगुना पानी पिलाएं, ताकि गला सूखने से बचा रहे और खांसी में राहत मिले। छह माह से छोटे शिशुओं को थोड़ी-थोड़ी देर में मां का दूध पिलाएं और उनकी नाक नियमित रूप से साफ करें। साथ ही बच्चों को पंखा चलाकर न सुलाएं और उन्हें पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर रखें।
ये लक्षण नजर आएं तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
बच्चे की सांस सामान्य गति से तेज चल रही हो। बच्चा सही ढंग से खाना नहीं खा रहा हो। इसके अलावा बच्चा कम पेशाब कर रहा हो। अगर बच्चे में ये लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
ओपीडी में आ रहे मरीजों में 50 प्रतिशत खांसी-जुकाम से पीड़ित
चिकित्सक के मुताबिक फिलहाल ओपीडी में 50 प्रतिशत मरीज खांसी-जुकाम के ही आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 150 से 200 मरीज प्रतिदिन आते हैं।
5 साल तक के बच्चे को इस मौसम में खांसी-जुकाम ज्यादा हो रहा है। ऐसे मौसम में अभिभावकों को बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- डॉ. मंजू हुड्डा, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल।
Trending Videos
चिकित्सकों का कहना है कि मौसम परिवर्तन के दौरान जिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, वे जल्दी बीमार पड़ जाते हैं। वर्तमान में बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन 150 से 200 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिनमें अधिकांश को खांसी-जुकाम की शिकायत है, जबकि कुछ बच्चे वायरल संक्रमण से भी पीड़ित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
चिकित्सकों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को बार-बार गुनगुना पानी पिलाएं, ताकि गला सूखने से बचा रहे और खांसी में राहत मिले। छह माह से छोटे शिशुओं को थोड़ी-थोड़ी देर में मां का दूध पिलाएं और उनकी नाक नियमित रूप से साफ करें। साथ ही बच्चों को पंखा चलाकर न सुलाएं और उन्हें पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर रखें।
ये लक्षण नजर आएं तो तुरंत चिकित्सक को दिखाएं
बच्चे की सांस सामान्य गति से तेज चल रही हो। बच्चा सही ढंग से खाना नहीं खा रहा हो। इसके अलावा बच्चा कम पेशाब कर रहा हो। अगर बच्चे में ये लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत चिकित्सक को दिखाएं।
ओपीडी में आ रहे मरीजों में 50 प्रतिशत खांसी-जुकाम से पीड़ित
चिकित्सक के मुताबिक फिलहाल ओपीडी में 50 प्रतिशत मरीज खांसी-जुकाम के ही आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में 150 से 200 मरीज प्रतिदिन आते हैं।
5 साल तक के बच्चे को इस मौसम में खांसी-जुकाम ज्यादा हो रहा है। ऐसे मौसम में अभिभावकों को बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- डॉ. मंजू हुड्डा, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल।