{"_id":"6add06f2541909de630b35ad","slug":"elderly-passengers-robbed-on-train-after-being-made-to-inhale-a-stupefying-substance-hisar-news-c-21-hsr1020-979808-2026-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: ट्रेन में नशीला पदार्थ सुंघा बुजुर्गों से लूटपाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: ट्रेन में नशीला पदार्थ सुंघा बुजुर्गों से लूटपाट
विज्ञापन
हांसी। राजस्थान से ट्रेन में सवार होकर हांसी लौट रहे दो 70 वर्षीय बुजुर्ग भाईयों के साथ संदिग्ध वारदात का मामला सामने आया है। शनिवार सुबह करीब 8 बजे एक बुजुर्ग हांसी रेलवे स्टेशन की पार्किंग में बेसुध हालत में पड़ा मिला, जबकि दूसरा बुजुर्ग देर शाम दिल्ली स्टेशन पर बेसुध मिला है।
यहां बेसुध मिले बुजुर्ग को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। शाम को होश आने पर उन्होंने अपनी सोने की अंगूठी, पर्स और नकदी गायब होने की बात बताई। परिजनों ने आशंका जताई है कि बुजुर्गाें को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटपाट की गई है।
दयाल सिंह कॉलोनी निवासी महेंद्र सिंह और मनफूल सिंह चचेरे भाई हैं। दोनों किसी काम से राजस्थान के डूंगरगढ़ गए थे। महेंद्र सिंह के बेटे डॉ. सतीश सिंहमार ने बताया कि उनके पिता और चाचा मनफूल सिंह डूंगरगढ़ से वापस शुक्रवार रात करीब 12 बजे ट्रेन में हांसी के लिए रवाना हुए थे। सुबह छह बजे उन्हें हांसी पहुंचना था। जब वे तय समय पर घर नहीं पहुंचे तो उन्हें फोन किया गया। लेकिन उनके पिता का मोबाइल फोन बंद आ रहा था, जबकि चाचा मनफूल सिंह फोन नहीं उठा रहे थे। इससे परिवार को उनकी चिंता होने लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां बेसुध मिले बुजुर्ग को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। शाम को होश आने पर उन्होंने अपनी सोने की अंगूठी, पर्स और नकदी गायब होने की बात बताई। परिजनों ने आशंका जताई है कि बुजुर्गाें को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूटपाट की गई है।
विज्ञापन
दयाल सिंह कॉलोनी निवासी महेंद्र सिंह और मनफूल सिंह चचेरे भाई हैं। दोनों किसी काम से राजस्थान के डूंगरगढ़ गए थे। महेंद्र सिंह के बेटे डॉ. सतीश सिंहमार ने बताया कि उनके पिता और चाचा मनफूल सिंह डूंगरगढ़ से वापस शुक्रवार रात करीब 12 बजे ट्रेन में हांसी के लिए रवाना हुए थे। सुबह छह बजे उन्हें हांसी पहुंचना था। जब वे तय समय पर घर नहीं पहुंचे तो उन्हें फोन किया गया। लेकिन उनके पिता का मोबाइल फोन बंद आ रहा था, जबकि चाचा मनफूल सिंह फोन नहीं उठा रहे थे। इससे परिवार को उनकी चिंता होने लगी।
विज्ञापन