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Hisar News: राखीगढ़ी को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी
Sun, 25 Oct 2026 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 25 Oct 2026 01:36 AM IST
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नारनौंद। हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख केंद्र राखीगढ़ी को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए हरियाणा सरकार योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन विकास के लिए मास्टर प्लान व विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी भारत भूषण भारती ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। भारती ने कहा कि राखीगढ़ी के पुरातात्विक साक्ष्य प्राचीन मानव जीवन, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को समझने में महत्वपूर्ण हैं। इसी विरासत को आमजन तक पहुंचाने के लिए इस बार महोत्सव को तीन दिन की बजाय सात दिन का किया गया है। प्रख्यात पुरातत्वविद् डॉ. बसंत शिंदे के मार्गदर्शन और अध्यक्षता में तैयार की जा रही विकास योजना में ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रखने के साथ पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
महोत्सव को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ते हुए हरियाणा के 48 विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। उप निदेशक नरेंद्र परमार की देखरेख में इतिहास और पुरातत्व विषयों के विद्यार्थियों के साथ हिसार व हांसी के सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को पुस्तकों में पढ़े इतिहास को वास्तविक स्थल पर समझने का अवसर मिलेगा।
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ओएसडी ने बताया कि राखीगढ़ी से 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के पंचों, सरपंचों, जिला परिषद और ब्लॉक समिति सदस्यों के साथ बैठकें की गई हैं, ताकि ग्रामीणों को विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
भारती के अनुसार, राखीगढ़ी तक पर्यटकों की पहुंच आसान बनाने के लिए 152डी एक्सप्रेसवे तथा दिल्ली और हिसार हवाई अड्डों से संपर्क मजबूत करने की कार्ययोजना पर विचार किया जा रहा है। इससे पर्यटकों, इतिहासकारों और शोधकर्ताओं को सुविधा मिलेगी और राखीगढ़ी को अध्ययन, शोध और विरासत पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ओएसडी भारत भूषण भारती ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। भारती ने कहा कि राखीगढ़ी के पुरातात्विक साक्ष्य प्राचीन मानव जीवन, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को समझने में महत्वपूर्ण हैं। इसी विरासत को आमजन तक पहुंचाने के लिए इस बार महोत्सव को तीन दिन की बजाय सात दिन का किया गया है। प्रख्यात पुरातत्वविद् डॉ. बसंत शिंदे के मार्गदर्शन और अध्यक्षता में तैयार की जा रही विकास योजना में ऐतिहासिक पहचान सुरक्षित रखने के साथ पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
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महोत्सव को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ते हुए हरियाणा के 48 विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया है। उप निदेशक नरेंद्र परमार की देखरेख में इतिहास और पुरातत्व विषयों के विद्यार्थियों के साथ हिसार व हांसी के सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को पुस्तकों में पढ़े इतिहास को वास्तविक स्थल पर समझने का अवसर मिलेगा।
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ओएसडी ने बताया कि राखीगढ़ी से 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों के पंचों, सरपंचों, जिला परिषद और ब्लॉक समिति सदस्यों के साथ बैठकें की गई हैं, ताकि ग्रामीणों को विरासत संरक्षण और पर्यटन विकास से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
भारती के अनुसार, राखीगढ़ी तक पर्यटकों की पहुंच आसान बनाने के लिए 152डी एक्सप्रेसवे तथा दिल्ली और हिसार हवाई अड्डों से संपर्क मजबूत करने की कार्ययोजना पर विचार किया जा रहा है। इससे पर्यटकों, इतिहासकारों और शोधकर्ताओं को सुविधा मिलेगी और राखीगढ़ी को अध्ययन, शोध और विरासत पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।