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Hisar News: ग्रीन रैंकिंग में जीजेयू प्रदेश में अव्वल, देश में 20वें स्थान पर
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हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू) ने यूआई ग्रीनमेट्रिक विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग 2026 में हरियाणा में पहला, देश में 20वां, एशिया में 341वां और विश्व स्तर पर 586वां स्थान हासिल किया है। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े सात मानकों के मूल्यांकन में विश्वविद्यालय को 10,000 में से 6,750 अंक मिले हैं।
इंडोनेशिया की यूनिवर्सिटास इंडोनेशिया की ओर से शुरू की गई इस अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में छह महाद्वीपों के 110 देशों के 2,016 शिक्षण संस्थानों ने भाग लिया। इसमें विश्वविद्यालयों के पर्यावरण अनुकूल प्रयासों और सतत विकास की दिशा में किए गए कार्यों का आकलन किया जाता है।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के कुशल उपयोग और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार, गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के निदेशक प्रो. कश्मीरी लाल, उपनिदेशक डॉ. रमेश कुमार और डॉ. विक्रमजीत सिंह ने भी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों को बधाई दी।
सात मानकों पर हुआ मूल्यांकन
रैंकिंग में परिसर की व्यवस्था एवं आधारभूत संरचना, ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, परिवहन, शिक्षा एवं शोध तथा सुशासन, डिजिटलीकरण और एकीकृत कार्य प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया गया। विश्वविद्यालय को परिवहन में सर्वाधिक 1,237.5 अंक मिले। ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन में 1,100, कचरा प्रबंधन में 1,075, शिक्षा एवं शोध में 975, सुशासन एवं डिजिटलीकरण में 837.5, जल संरक्षण में 825 और परिसर की व्यवस्था एवं आधारभूत संरचना में 700 अंक प्राप्त हुए।
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इंडोनेशिया की यूनिवर्सिटास इंडोनेशिया की ओर से शुरू की गई इस अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में छह महाद्वीपों के 110 देशों के 2,016 शिक्षण संस्थानों ने भाग लिया। इसमें विश्वविद्यालयों के पर्यावरण अनुकूल प्रयासों और सतत विकास की दिशा में किए गए कार्यों का आकलन किया जाता है।
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विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के कुशल उपयोग और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार, गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के निदेशक प्रो. कश्मीरी लाल, उपनिदेशक डॉ. रमेश कुमार और डॉ. विक्रमजीत सिंह ने भी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों को बधाई दी।
सात मानकों पर हुआ मूल्यांकन
रैंकिंग में परिसर की व्यवस्था एवं आधारभूत संरचना, ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण, परिवहन, शिक्षा एवं शोध तथा सुशासन, डिजिटलीकरण और एकीकृत कार्य प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया गया। विश्वविद्यालय को परिवहन में सर्वाधिक 1,237.5 अंक मिले। ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन में 1,100, कचरा प्रबंधन में 1,075, शिक्षा एवं शोध में 975, सुशासन एवं डिजिटलीकरण में 837.5, जल संरक्षण में 825 और परिसर की व्यवस्था एवं आधारभूत संरचना में 700 अंक प्राप्त हुए।