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Jhajjar-Bahadurgarh News: खाड़ी देशों में युद्ध विराम से पेट्रो पदार्थों के दामों में कमी आने की संभावना, महंगाई से मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:50 AM IST
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बहादुरगढ़। खाड़ी देशों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बाद युद्ध विराम की घोषणा से वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल देखने को मिल रहा है। बहादुरगढ़ के कारोबारियों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर ऊर्जा क्षेत्र से लेकर आम उपभोक्ताओं की जेब तक दिखाई दे सकता है।
युद्ध विराम के बाद गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। इससे आने वाले दिनों में ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
बहादुरगढ़ शहर में दिल्ली-रोहतक रोड पर एक पेट्रोल पंप के मैनेजर संतलाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण पिछले दिनों कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। युद्ध विराम के बाद तेल और गैस के प्रमुख समुद्री मार्गों पर जोखिम कम होने से आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होने की संभावना है।
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इसका लाभ भारत सहित कई आयातक देशों को मिल सकता है। पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर भी राहत भरी उम्मीदें हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं और आपूर्ति सामान्य होती है तो तेल कंपनियां ईंधन की कीमतों में कटौती पर विचार कर सकती हैं। इससे परिवहन लागत घटेगी और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी।
सर्राफा कारोबार पर दिखेगा असर
शहर के सर्राफा कारोबारी जगदीश एलाबादी, जयभगवान के अनुसार युद्ध विराम के बाद निवेशकों की धारणा में बदलाव आएगा। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की मांग में बढ़ोतरी के चलते इनके दामों में करीब दो प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। स्थानीय बाजारों में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। दो दिन पहले जहां 24 कैरेट सोने का भाव 147 हजार रुपये था वहीं बुधवार को यह डेढ़ लाख को पार कर गया। चांदी के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी कीमत दो दिन पहले 2 लाख 40 हजार थी तो यह बुधवार को बढ़कर 2 लाख 47 हजार रुपये रही।
गैस, पेट्रोल और डीजल सस्ते होने से उद्योगों की उत्पादन लागत भी घटेगी जिसका लाभ अंतत: उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। ऐसे में युद्ध विराम को वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय संकेतों के आधार पर आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव संभव है।
- विकास आनंद सोनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज
युद्ध विराम के बाद गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है। इससे आने वाले दिनों में ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
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बहादुरगढ़ शहर में दिल्ली-रोहतक रोड पर एक पेट्रोल पंप के मैनेजर संतलाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण पिछले दिनों कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। युद्ध विराम के बाद तेल और गैस के प्रमुख समुद्री मार्गों पर जोखिम कम होने से आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होने की संभावना है।
इसका लाभ भारत सहित कई आयातक देशों को मिल सकता है। पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर भी राहत भरी उम्मीदें हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं और आपूर्ति सामान्य होती है तो तेल कंपनियां ईंधन की कीमतों में कटौती पर विचार कर सकती हैं। इससे परिवहन लागत घटेगी और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी।
सर्राफा कारोबार पर दिखेगा असर
शहर के सर्राफा कारोबारी जगदीश एलाबादी, जयभगवान के अनुसार युद्ध विराम के बाद निवेशकों की धारणा में बदलाव आएगा। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की मांग में बढ़ोतरी के चलते इनके दामों में करीब दो प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। स्थानीय बाजारों में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। दो दिन पहले जहां 24 कैरेट सोने का भाव 147 हजार रुपये था वहीं बुधवार को यह डेढ़ लाख को पार कर गया। चांदी के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी कीमत दो दिन पहले 2 लाख 40 हजार थी तो यह बुधवार को बढ़कर 2 लाख 47 हजार रुपये रही।
गैस, पेट्रोल और डीजल सस्ते होने से उद्योगों की उत्पादन लागत भी घटेगी जिसका लाभ अंतत: उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है। ऐसे में युद्ध विराम को वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय संकेतों के आधार पर आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव संभव है।
- विकास आनंद सोनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज