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Jhajjar-Bahadurgarh News: संसाधनों व कर्मचारियों की कमी में आग लगी तो कैसे बुझेगी?
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:55 AM IST
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बहादुरगढ़। तेजी से औद्योगिक और शहरी विस्तार कर रहे बहादुरगढ़ में अग्निशमन विभाग संसाधनों और कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। यहां लगातार हाइराइज इमारतों का निर्माण हो रहा है, सात औद्योगिक क्षेत्रों में साढ़े सात हजार से अधिक फैक्ट्रियां संचालित हैं। इसके बावजूद फायर विभाग के पास न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही ऊंची इमारतों में आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफार्म।
यदि कहीं आग की घटना घट जाए तो फायर विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। हाइराइज बिल्डिंग में आग बुझाने के लिए बहादुरगढ़ फायर विभाग को गुरुग्राम पर निर्भर रहना पड़़ता है और वहां से सहायता पहुंचने में कम से कम डेढ़ घंटा लगता है। हालांकि विभाग की ओर से हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की मांग सरकार के पास भेजी गई है।
120 कर्मचारियों की जरूरत मौजूद हैं 35
विभागीय आंकड़ों के अनुसार बहादुरगढ़ फायर स्टेशन में करीब 120 कर्मचारियों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में अधिकारियों समेत 40 कर्मचारी ही तैनात हैं। इसमें पांच अधिकारी हैं। ऐसे में किसी बड़े हादसे या एक साथ कई स्थानों पर आग लगने की स्थिति में विभाग के सामने चुनौती बढ़ जाती है।
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सात औद्योगिक क्षेत्र हो चुके विकसित
शहर और आसपास के क्षेत्रों में सात औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो चुके हैं जहां साढ़े सात हजार से अधिक फैक्ट्रियां संचालित हैं। इनमें रसायन, प्लास्टिक, पैकेजिंग, फर्नीचर और अन्य उद्योग शामिल हैं। गर्मी में शॉर्ट सर्किट और अन्य कारणों से आग लगने की घटनाओं का खतरा बना रहता है।
शहरवासी राकेश शर्मा, प्रवीण कुमार, राजेंद्र सिंह, प्रदीप गुप्ता, नरेंद्र छिकारा का कहना है कि औद्योगिक और शहरी विस्तार के अनुरूप फायर विभाग को भी आधुनिक संसाधनों और पर्याप्त स्टाफ से लैस किया जाना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
विभाग के पास हैं 13 गाड़ी और पांच फायर बाइक
विभाग के पास वर्तमान में छोटी-बड़ी 13 फायर गाड़ियां और पांच फायर बाइक उपलब्ध हैं। ये संसाधन सामान्य परिस्थितियों में आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त माने जा सकते हैं लेकिन बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की स्थिति में विभाग के पास कोई हाइड्रोलिक प्लेटफार्म या हाई-राइज फायर फाइटिंग वाहन नहीं है। ऐसे में ऊपरी मंजिलों तक पहुंचना और राहत-बचाव कार्य करना बेहद कठिन हो सकता है। शहर में तेजी से बन रही बहुमंजिला आवासीय और व्यावसायिक इमारतों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
विभाग के पास स्टाफ की कमी है। हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की मांग सरकार के पास भेजी गई है। इसके अलावा कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी संबंधित स्तर पर लंबित है। यदि पर्याप्त संख्या में कर्मचारी उपलब्ध हों तो आग बुझाने और बचाव कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सकता है।
- पंकज मलिक, फायर अधिकारी, बहादुरगढ़।
यदि कहीं आग की घटना घट जाए तो फायर विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। हाइराइज बिल्डिंग में आग बुझाने के लिए बहादुरगढ़ फायर विभाग को गुरुग्राम पर निर्भर रहना पड़़ता है और वहां से सहायता पहुंचने में कम से कम डेढ़ घंटा लगता है। हालांकि विभाग की ओर से हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की मांग सरकार के पास भेजी गई है।
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120 कर्मचारियों की जरूरत मौजूद हैं 35
विभागीय आंकड़ों के अनुसार बहादुरगढ़ फायर स्टेशन में करीब 120 कर्मचारियों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में अधिकारियों समेत 40 कर्मचारी ही तैनात हैं। इसमें पांच अधिकारी हैं। ऐसे में किसी बड़े हादसे या एक साथ कई स्थानों पर आग लगने की स्थिति में विभाग के सामने चुनौती बढ़ जाती है।
सात औद्योगिक क्षेत्र हो चुके विकसित
शहर और आसपास के क्षेत्रों में सात औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो चुके हैं जहां साढ़े सात हजार से अधिक फैक्ट्रियां संचालित हैं। इनमें रसायन, प्लास्टिक, पैकेजिंग, फर्नीचर और अन्य उद्योग शामिल हैं। गर्मी में शॉर्ट सर्किट और अन्य कारणों से आग लगने की घटनाओं का खतरा बना रहता है।
शहरवासी राकेश शर्मा, प्रवीण कुमार, राजेंद्र सिंह, प्रदीप गुप्ता, नरेंद्र छिकारा का कहना है कि औद्योगिक और शहरी विस्तार के अनुरूप फायर विभाग को भी आधुनिक संसाधनों और पर्याप्त स्टाफ से लैस किया जाना चाहिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
विभाग के पास हैं 13 गाड़ी और पांच फायर बाइक
विभाग के पास वर्तमान में छोटी-बड़ी 13 फायर गाड़ियां और पांच फायर बाइक उपलब्ध हैं। ये संसाधन सामान्य परिस्थितियों में आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त माने जा सकते हैं लेकिन बहुमंजिला इमारतों में आग लगने की स्थिति में विभाग के पास कोई हाइड्रोलिक प्लेटफार्म या हाई-राइज फायर फाइटिंग वाहन नहीं है। ऐसे में ऊपरी मंजिलों तक पहुंचना और राहत-बचाव कार्य करना बेहद कठिन हो सकता है। शहर में तेजी से बन रही बहुमंजिला आवासीय और व्यावसायिक इमारतों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
विभाग के पास स्टाफ की कमी है। हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की मांग सरकार के पास भेजी गई है। इसके अलावा कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी संबंधित स्तर पर लंबित है। यदि पर्याप्त संख्या में कर्मचारी उपलब्ध हों तो आग बुझाने और बचाव कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सकता है।
- पंकज मलिक, फायर अधिकारी, बहादुरगढ़।