सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Nawab Abdul Rahman Khan founded the historic village of Chhuchhakwas in 1841.

Jhajjar-Bahadurgarh News: नवाब अब्दुल रहमान खान ने 1841 में बसाया था ऐतिहासिक गांव छुछकवास

संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Thu, 18 Jun 2026 04:49 AM IST
विज्ञापन
Nawab Abdul Rahman Khan founded the historic village of Chhuchhakwas in 1841.
17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद
विज्ञापन
झज्जर। करीब 9500 की आबादी वाला छुछकवास गांव सन् 1841 में झज्जर के नवाब अब्दुल रहमान खान ने 10060 बीघा जमीन देकर बसाया था। 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलनकारियों को सहयोग करने के कारण अंग्रेजी हुकूमत ने उनको 23 दिसंबर 1857 को दिल्ली के लाल किला चांदनी चौक क्षेत्र में फांसी दी थी।



आसपास रहने वाले लोगों को खेती के लिए जमीन देकर यह गांव बसाया गया था। शुरुआत में नवाब ने गांव का नाम इस्लामगढ़ रखा था मगर हिंदू आबादी का गांव होने के कारण सरकार ने 2025 में इसका नाम बदलकर छुछकवास कर दिया। गांव के नाम के पीछे की कहानी यह है कि नवाब ने यह गांव उसकी बेटी को पुत्र होने पर छुछक में दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी के चलते गांव का नाम छुछकवास रखा गया। गांव में नवाब की हवेली हुआ करती थी। नवाबों के यहां से जाने के बाद उसको सन् 1955 में रेस्ट हाउस बना दिया गया था। छुछकवास में लोग आपसी सौहार्द के साथ रहते हैं। गांव में मतदाताओं की संख्या करीब 4800 है। यहां पंचायती चुनाव के दौरान कभी भी किसी प्रकार का विवाद नहीं होता है।
विज्ञापन




पंचायती चुनाव के नतीजों के बाद भी प्रत्याशी कभी एक-दूसरे पर कोई आरोप नहीं लगाते और कोई विरोध नहीं करते। हारा हुआ प्रत्याशी जीते प्रत्याशी को शुभकामनाएं देता है और गांव के विकास के लिए सहयोग का भी भरोसा दिलाता है।



सड़कों का बेहतर नेटवर्क



गांव में सड़कों का बेहतर नेटवर्क है। छुछकवास से झज्जर, दादरी, महेंद्रगढ़, मातनहेल-साल्हावास-कोसली के लिए खुली, चौड़ी और अच्छी सड़कें हैं। गांव से विभिन्न डिपो की सरकारी बसें भी इन सभी रूटों पर आसानी से मिल जाती हैं। इसके अलावा गांव में पीने के पानी की बेहतर व्यवस्था और समय पर सप्लाई भी आती है।



रिकाॅर्ड में पिछले साल दर्ज हुआ छुछकवास नाम



गांव बसने से लेकर 2025 तक गांव को सरकारी रिकार्ड में इस्लामगढ़ के नाम से ही जाना जाता था। हालांकि आम बोलचाल में गांव को छुछकवास ही कहा जाता था। गांव के लोग लगातार सरकार और प्रशासन के सामने गांव का नाम बदलने की मांग उठा रहे थे। पिछले साल सरकार ने सरकारी रिकाॅर्ड में गांव का नाम इस्लामगढ़ से बदलकर छुछकवास कर दिया।



छुछकवास की ट्राॅलियां देश में प्रसिद्ध



छुछकवास में किसानों के लिए ट्राॅलियां बनाई जाती हैं। यहां बनी ट्राॅलियां पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। न केवल हरियाणा बल्कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के अलावा कई प्रदेशों के किसान यहां से ट्राॅली बनवाकर ले जाते हैं। यहां बनी ट्राॅलियों को उपयोग में बेहतर और मजबूत माना जाता है। यहां पर ट्राॅली बनाने की कई यूनिट लगी हुई हैं।



गांव एक नजर में



गांव की आबादी करीब 9500



मतदाता करीबन 4800



राजकीय विद्यालय एक सरकारी, चार प्राइवेट



महाविद्यालय एक प्राइवेट



पशु अस्पताल एक



सरकारी अस्पताल पीएचसी



बैंक तीन



डाकघर एक



मंदिर दो



लाइब्रेरी एक



सरकारी जिम एक



छुछकवास गांव को झज्जर के नवाब अब्दुल रहमान खान ने 10060 बीघा जमीन देकर 185 साल पहले बसाया था। गांव का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है। सरकार की ओर से गांव में सड़कों की कनेक्टिविटी और यातायात की सुविधा दी गई है।
- सतबीर



शुरुआत में गांव में दो-चार परिवार आकर बसे थे। नवाब ने खेती के लिए जगह दी थी। धीरे-धीरे यहां आने वाले परिवारों की संख्या बढ़ गई। इसके बाद परिवार लगातार बढ़ते रहे और आज गांव की आबादी करीब 9500 हो गई है।



- विक्रम



गांव का इतिहास जितना पुराना है उतना ही गौरवमयी भी है। देश की आजादी में गांव का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गांव के लोग मेहनतकश हैं और ईमानदारी के साथ काम करते हैं। एक-दूसरे के साथ सौहार्द और सद्भाव के साथ रहते हैं।



- राजेंद्र सिंह



गांव में पहले नवाब की हवेली हुआ करती थी। उसको बाद में रेस्ट हाउस बना दिया गया था। देश की कई बड़ी हस्तियां रेस्ट हाउस में आकर रुकी हुई हैं। हालांकि देखभाल की कमी के कारण अब उस रेस्ट हाउस की हालत खस्ता हो गई है।



- रणबीर

17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद

17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद

17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद

17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद

17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद

17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद

17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद

17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद

17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद

17jjrp10 गांव छुछकवास में बना रेस्ट हाउस, जो पहले नवाब की हवेली हुआ करता था। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed