बहादुरगढ़। वैश्य आर्य शिक्षण महिला महाविद्यालय की ओर से विश्व गौरैया दिवस पर स्वयंसेविकाओं ने लकड़ी, गत्ते व अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग करते हुए आकर्षक व सुरक्षित घोंसले तैयार किए। इन घोंसलों को महाविद्यालय परिसर, पेड़ों और सुरक्षित स्थानों पर स्थापित किया गया।
प्राचार्य डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, तीव्र शहरीकरण, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई व बढ़ते प्रदूषण के कारण गौरैया की संख्या निरंतर घटती जा रही है। यदि हम छोटे-छोटे प्रयास, जैसे पक्षियों के लिए घोंसले बनाना, दाना-पानी की व्यवस्था करना व हरित वातावरण को बढ़ावा देना नियमित रूप से करें तो हम इस नन्हे पक्षी के संरक्षण में योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम महाविद्यालय की एनएसएस इकाई एवं अहिल्याबाई होलकर सदन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। मौके पर मेघा, अनीता, हर्षिता, मानसी, लिपिका, सुनैना, शिवानी, तनु, विराची, कन्नू, नेहा आदि मौजूद रहे। संवाद