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Jhajjar-Bahadurgarh News: मजदूर दिवस पर श्रमिकों का प्रदर्शन, लेबर कोड वापस लेने की मांग
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बहादुरगढ़। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मजदूर संगठनों ने श्रमिक अधिकारों को लेकर प्रदर्शन और विचार गोष्ठियों का आयोजन किया। मजदूर कल्याण मंच, बहादुरगढ़ संबंधित एआईयूटीयूसी की ओर से गांव सांखोल में गोष्ठी आयोजित की गई जबकि एसयूसीआई की जिला कमेटी ने लाइनपार स्थित सुभाष नगर में प्रदर्शन किया।
सांखोल में गोष्ठी में मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मजदूरों ने कहा कि आज भी श्रमिकों को 12-12 घंटे काम करने के बावजूद मात्र साढ़े 8 हजार से 11 हजार रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। महिला मजदूरों की स्थिति और खराब है। श्रमिकों ने महंगाई, ठेका प्रथा और सामाजिक सुरक्षा के अभाव पर भी नाराजगी जताई।
एआईयूटीयूसी के जिला सचिव सतीश कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू कर दिए हैं जिससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर हुए हैं। उन्होंने कहा कि इससे स्थायी रोजगार, यूनियन बनाने और हड़ताल के अधिकार प्रभावित हुए हैं। वहीं सुभाष नगर में एसयूसीआई के बैनर तले मजदूरों ने प्रदर्शन कर चार लेबर कोड समाप्त करने, न्यूनतम वेतन 33 हजार रुपये प्रतिमाह लागू करने, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारों को रोजगार, सस्ती शिक्षा और इलाज की व्यवस्था करने की भी मांग की।
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सांखोल में गोष्ठी में मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मजदूरों ने कहा कि आज भी श्रमिकों को 12-12 घंटे काम करने के बावजूद मात्र साढ़े 8 हजार से 11 हजार रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। महिला मजदूरों की स्थिति और खराब है। श्रमिकों ने महंगाई, ठेका प्रथा और सामाजिक सुरक्षा के अभाव पर भी नाराजगी जताई।
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एआईयूटीयूसी के जिला सचिव सतीश कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार लेबर कोड लागू कर दिए हैं जिससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर हुए हैं। उन्होंने कहा कि इससे स्थायी रोजगार, यूनियन बनाने और हड़ताल के अधिकार प्रभावित हुए हैं। वहीं सुभाष नगर में एसयूसीआई के बैनर तले मजदूरों ने प्रदर्शन कर चार लेबर कोड समाप्त करने, न्यूनतम वेतन 33 हजार रुपये प्रतिमाह लागू करने, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारों को रोजगार, सस्ती शिक्षा और इलाज की व्यवस्था करने की भी मांग की।
