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Jind News: 40 करोड़ के विकास कार्य फाइलों में अटके, बजट की मंजूरी का इंतजार
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13जेएनडी26: नगर परिषद कार्यालय जींद। संवाद
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जींद। शहर की गलियों, सड़कों और नालियों की बदहाल स्थिति सुधारने के लिए नगर परिषद ने करीब 40 करोड़ रुपये के 200 विकास कार्यों की सूची तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी है। इन कार्यों को मंजूरी मिलने के बाद शहर के विभिन्न वार्डों में सड़क, गली और नाली निर्माण समेत अन्य जरूरी विकास कार्य करवाए जाने हैं।
हालांकि सूची भेजे जाने के करीब पांच माह बाद अब तक बजट की मंजूरी नहीं मिल पाई है। विभिन्न स्तरों पर आई आपत्तियों के कारण विकास कार्यों की प्रक्रिया लंबित बताई जा रही है।
नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने शहर के समग्र विकास को लेकर जनसंवाद के माध्यम से सभी पार्षदों से उनके वार्डों की प्राथमिकता और जरूरत के अनुसार विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे थे।
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पार्षदों से प्राप्त प्रस्तावों को एकत्रित करने के बाद करीब 200 विकास कार्यों की सूची तैयार की गई। चेयरपर्सन का प्रयास है कि शहर के किसी भी वार्ड में मूलभूत सुविधाओं की कमी न रहे और लंबे समय से खराब गलियों, नालियों व सड़कों को दुरुस्त किया जा सके।
85 कार्यों के लिए 22 करोड़ के एस्टीमेट भी अटके
नगर परिषद को मुख्यालय की ओर से 85 अन्य विकास कार्यों के एस्टीमेट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए थे। इन कार्यों की अनुमानित लागत करीब 22 करोड़ रुपये है। परिषद ने एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेज दिए हैं लेकिन इनमें कुछ तकनीकी त्रुटियां पाए जाने के कारण इनकी मंजूरी और राशि जारी होने की प्रक्रिया भी अटकी हुई है। तकनीकी खामियों को दूर करवाने के लिए नगर परिषद के एमई को पिछले तीन दिनों से मुख्यालय भेजा गया है। वहां संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर एस्टीमेट में रही कमियों को दूर करवाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि स्वीकृति मिलने के बाद विकास कार्यों को शुरू करने में कोई अन्य बाधा न आए।
62 कार्यों की सूची भी मुख्यालय ने मंगवाई
नगर परिषद से पहले 85 विकास कार्यों की सूची मांगी गई थी। इसके बाद 62 अन्य कार्यों की सूची भी मुख्यालय स्तर पर मंगवाई गई। अधिकारियों के अनुसार, एस्टीमेट में पाई गई तकनीकी त्रुटियों को दूर करने के बाद विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। योजनाबद्ध तरीके से कार्य होने पर आने वाले वर्षों में शहरवासियों को छोटी गलियों, नालियों और सड़कों के निर्माण के लिए बार-बार मांग उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बाक्स
बजट मिलने के बाद नगर परिषद इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करवाएगी। इससे न केवल शहर की मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि गलियों और सड़कों का स्वरूप बदलने से शहर का सुंदरीकरण भी होगा। नगर परिषद का उद्देश्य वार्ड स्तर पर विकास की कमी दूर कर शहर को बेहतर सड़क, जल निकासी और साफ-सुथरे सार्वजनिक ढांचे के साथ विकसित करना है।
-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद जींद।
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हालांकि सूची भेजे जाने के करीब पांच माह बाद अब तक बजट की मंजूरी नहीं मिल पाई है। विभिन्न स्तरों पर आई आपत्तियों के कारण विकास कार्यों की प्रक्रिया लंबित बताई जा रही है।
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नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने शहर के समग्र विकास को लेकर जनसंवाद के माध्यम से सभी पार्षदों से उनके वार्डों की प्राथमिकता और जरूरत के अनुसार विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे थे।
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पार्षदों से प्राप्त प्रस्तावों को एकत्रित करने के बाद करीब 200 विकास कार्यों की सूची तैयार की गई। चेयरपर्सन का प्रयास है कि शहर के किसी भी वार्ड में मूलभूत सुविधाओं की कमी न रहे और लंबे समय से खराब गलियों, नालियों व सड़कों को दुरुस्त किया जा सके।
85 कार्यों के लिए 22 करोड़ के एस्टीमेट भी अटके
नगर परिषद को मुख्यालय की ओर से 85 अन्य विकास कार्यों के एस्टीमेट तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए थे। इन कार्यों की अनुमानित लागत करीब 22 करोड़ रुपये है। परिषद ने एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भेज दिए हैं लेकिन इनमें कुछ तकनीकी त्रुटियां पाए जाने के कारण इनकी मंजूरी और राशि जारी होने की प्रक्रिया भी अटकी हुई है। तकनीकी खामियों को दूर करवाने के लिए नगर परिषद के एमई को पिछले तीन दिनों से मुख्यालय भेजा गया है। वहां संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर एस्टीमेट में रही कमियों को दूर करवाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि स्वीकृति मिलने के बाद विकास कार्यों को शुरू करने में कोई अन्य बाधा न आए।
62 कार्यों की सूची भी मुख्यालय ने मंगवाई
नगर परिषद से पहले 85 विकास कार्यों की सूची मांगी गई थी। इसके बाद 62 अन्य कार्यों की सूची भी मुख्यालय स्तर पर मंगवाई गई। अधिकारियों के अनुसार, एस्टीमेट में पाई गई तकनीकी त्रुटियों को दूर करने के बाद विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। योजनाबद्ध तरीके से कार्य होने पर आने वाले वर्षों में शहरवासियों को छोटी गलियों, नालियों और सड़कों के निर्माण के लिए बार-बार मांग उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बाक्स
बजट मिलने के बाद नगर परिषद इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करवाएगी। इससे न केवल शहर की मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि गलियों और सड़कों का स्वरूप बदलने से शहर का सुंदरीकरण भी होगा। नगर परिषद का उद्देश्य वार्ड स्तर पर विकास की कमी दूर कर शहर को बेहतर सड़क, जल निकासी और साफ-सुथरे सार्वजनिक ढांचे के साथ विकसित करना है।
-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद जींद।