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Jind News: अंकों में छेड़छाड़ पर सीआरएसयू के चार प्रोफेसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

संवाद न्यूज एजेंसी, जींद Updated Fri, 13 Mar 2026 12:21 AM IST
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FIR lodged against four CRSU professors for tampering with marks
12जेएनडी08: सीआरएसयू ।
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जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) के चार प्रो. जसवीर सिंह, डॉ. अनुपम भाटिया, डॉ. भावना और सुनीता के खिलाफ परीक्षा के अंक में गड़बड़झाला करने पर एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की अब पुलिस जांच कर रही है। यह एफआईआर एडीसी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है।
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एमएफए द्वितीय वर्ष की छात्रा रिचा भंडारी ने जिला परिवेदना समिति में दी शिकायत में कहा था कि छात्रों के पहले सेमेस्टर के इंटरनल अंकों में गड़बड़ी की गई है। कक्षा में जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति बहुत कम रही और जिन्होंने कक्षा की गतिविधियों में विशेष सहभागिता नहीं की उन्हें अधिक अंक प्रदान किए गए हैं।
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वहीं जिन छात्रों की उपस्थिति नियमित रही और जिन्होंने प्रत्येक गतिविधि में सक्रिय रूप से भाग लिया उनके अपेक्षाकृत कम अंक अंकित किए गए। आरोप है कि एमएफए के प्रथम सेमेस्टर 2024-25 की प्रियंका, श्वेता, विशाल, कुलदीप और नेहा आदि के हिस्ट्री ऑफ मॉडर्न वेस्टर्न आर्ट के इंटरनल अंकों में भी छेड़छाड़ करके बदले गए हैं और विजुलाइजेशन विषय के नंबर भी बदले गए हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जो अधिकारी और कर्मचारी इसमें शामिल हैं वह पैसे लेकर नंबर बदलते हैं। जब संबंधित शिक्षक से जानकारी प्राप्त की तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा दिए गए मूल अंकों में बदलाव किया गया है। एक शिक्षक डॉ. गुरिंदर की पत्नी जो इसी विश्वविद्यालय में एमएफए की छात्रा थीं, को अधिक अंक प्रदान किए गए हैं।
यह स्पष्ट रूप से पक्षपात और अनुचित मूल्यांकन को दर्शाता है। कई बार कुलपति, रजिस्ट्रार को शिकायत दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। सबसे गंभीर बात यह है कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ पहले सेमेस्टर में नंबर बदलने की शिकायत कर चुके थे उन्हीं को दोबारा दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाओं का कार्यभार सौंप दिया गया।
रिचा भंडारी ने कहा कि उसके बाद माननीय राज्यपाल को भी दो बार शिकायत दी गई जब आंतरिक अंक सबमिट करवा दिए जाते हैं तो उसके बाद सिर्फ क्लर्क, इंचार्ज और विभागाध्यक्ष को उसके बारे में पता होता है। परीक्षा परिणामों हेराफेरी के उदाहरण भी जांच के दौरान प्रस्तुत किए गए। जांच के दौरान कहा गया कि एमएफए पी-106 के 2024-25 के सेमिनार में भी नंबरों को क्लूड लगाकर बदला गया है। इस पर डाॅ. गुरिंदर के हस्ताक्षर हैं।
26 जुलाई 2025 को शिकायतकर्ता छात्रों ने यूजीसी को एक शिकायत भेजी थी। इसकी जांच के दौरान यूनिवर्सिटी के अधिकारियों द्वारा शिकायत करने वाले विद्यार्थियों को धमकाया गया। विभागाध्यक्ष डाॅ. जसबीर सूरा ने नए अंक बताए और कहा कि अब मान आओ नहीं तो फाइन आर्ट डिपार्टमेंट बंद कर दूंगा। दबाव डालकर जबरदस्ती हस्ताक्षर करवाए गए। इसमें लिखवाया गया कि हम इन अंकों से सहमत हैं। उन्होंने नंबर बदलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया जबकि उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से शिकायत के बाद, डाॅ. जसबीर सूरा और संबंधित क्लर्क आदि को बदल दिया गया है जो इस बात का सबूत है कि फाइन आर्ट डिपार्टमेंट में कुछ न कुछ गलत चल रहा था।
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सहायक प्रोफेसर का आरोप
जांच के दौरान डाॅ. ज्योति, सहायक प्रोफेसर ने बयान दो दिसंबर 2025 को दर्ज करवाते हुए लिखा था कि वह सीआरएसयू में फाइन आर्ट डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। फाइन आर्ट डिपार्टमेंट में उनके द्वारा फर्स्ट सेमेस्टर 2024-25 में बीएफए और एमएफए में कक्षाएं दी गईं। अंक उनके द्वारा दिए गए,लेकिन अंकों को डाॅ. भावना द्वारा बदल दिया गया। उन्होंने अवैध रूप से बिना उनकी अनुमति के जो विद्यार्थी कक्षा में कम आते थे व कोई कार्य नहीं करते थे उन्हें अधिक अंक दिए। जो विद्यार्थी नियमित रूप से उपस्थित रहे उनके अंकों का बदल दिया गया।

छात्रा की शिकायत परिवेदना समिति में भी उठाई गई थी। इसके बाद अतिरिक्त उपायुक्त के नेतृत्व में जांच की गई और जांच में साबित हुआ कि छात्रों के नंबरों के साथ छेड़छाड़ की गई है। एडीसी की जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। -मनीष सहारण, सदर थाना प्रभारी जींद।

विश्वविद्यालय का यह मामला दो वर्ष पहले का है। छात्रा की शिकायत के बाद समाधान कर दिया गया था। राजबीर सूरा को परिवेदना समिति की बैठक में सुनवाई से एक सप्ताह पहले ही विभागाध्यक्ष नियुक्त किया था। वह मामले में ठीक से अपना पक्ष नहीं रख सके। अंकों की जो गड़बड़ी के आरोप लगे थे। वह भी दूर करवा दिए गए थे।-प्रो. रामपाल सैनी, वीसी सीआरएसयू

12जेएनडी08: सीआरएसयू ।

12जेएनडी08: सीआरएसयू ।

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