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Jind News: सफीदों के गुरकीरत की इंग्लैंड में संदिग्ध हालात में मौत, गांव में गमगीन माहौल
Sun, 09 Aug 2026 01:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 09 Aug 2026 01:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सफीदों(जींद)। उपमंडल के गांव धर्मगढ़ बोहली के 23 वर्षीय गुरकीरत सिंह की इंग्लैंड में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जब युवक का शव गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। गांव के लोगों ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। 15 दिन बाद में गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि गुरकीरत पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम नौकरी भी करते थे। घटना वाले दिन भी वह अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद रोजाना की तरह पास के पार्क में टहलने गए थे। इसके बाद वह अपने कमरे पर नहीं लौटे। देर रात तक न आने पर साथियों ने तलाश शुरू की। अगली सुबह उसी पार्क में शव संदिग्ध अवस्था में मिला।
गुरकीरत सिंह वर्ष 2022 में बीटेक की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड के वॉर्सेस्टर गए थे था। दिसंबर 2025 में पढ़ाई पूरी कर ली थी और उसे वर्क परमिट भी मिल चुका था। परिवार के लिए गर्व का क्षण तब आया जब दो दिन पहले ही उसे एक प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी से नौकरी का ऑफर लेटर मिला था। यह खुशखबरी पिता सतनाम सिंह और दादा के साथ फोन पर साझा की थी।
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करीब 35 मिनट तक चली बातचीत में वह बेहद खुश और अपने उज्ज्वल भविष्य को लेकर उत्साहित नजर आ रहा था। गुरकीरत के पिता सतनाम सिंह हरियाणा रोडवेज में कंडक्टर के पद पर कार्यरत हैं और सेना में हवलदार रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि बेटा मेहनती और सकारात्मक सोच वाला था। उन्होंने भावुक होकर कहा उसने आखिरी बार कहा था, पिताजी अब सो जाओ, सुबह आपको ड्यूटी पर जाना है।
यह शब्द अब परिवार के लिए आखिरी याद बनकर रह गए हैं। गुरकीरत सिंह दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। परिवार में दादा बेअंत सिंह किसान हैं, जबकि माता नरेंद्र कौर गृहिणी हैं। परिवार का सैन्य पृष्ठभूमि से गहरा जुड़ाव रहा है। ताऊ लखविंदर सिंह सूबेदार और चाचा कश्मीर सिंह भी सेना से सेवानिवृत्त हैं।
15 दिन तक परिजन शव आने का इंतजार करते रहे
15 दिन तक गुरकीरत सिंह के परिजन शव आने का इंतजार करते रहे। 15 दिनों में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों का कहना था कि बार-बार उसे गुरकीरत सिंह की याद सताती थी और वह रात भर बैठकर काटते थे।
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सफीदों(जींद)। उपमंडल के गांव धर्मगढ़ बोहली के 23 वर्षीय गुरकीरत सिंह की इंग्लैंड में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जब युवक का शव गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। गांव के लोगों ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। 15 दिन बाद में गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि गुरकीरत पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम नौकरी भी करते थे। घटना वाले दिन भी वह अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद रोजाना की तरह पास के पार्क में टहलने गए थे। इसके बाद वह अपने कमरे पर नहीं लौटे। देर रात तक न आने पर साथियों ने तलाश शुरू की। अगली सुबह उसी पार्क में शव संदिग्ध अवस्था में मिला।
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गुरकीरत सिंह वर्ष 2022 में बीटेक की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड के वॉर्सेस्टर गए थे था। दिसंबर 2025 में पढ़ाई पूरी कर ली थी और उसे वर्क परमिट भी मिल चुका था। परिवार के लिए गर्व का क्षण तब आया जब दो दिन पहले ही उसे एक प्रतिष्ठित मल्टीनेशनल कंपनी से नौकरी का ऑफर लेटर मिला था। यह खुशखबरी पिता सतनाम सिंह और दादा के साथ फोन पर साझा की थी।
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करीब 35 मिनट तक चली बातचीत में वह बेहद खुश और अपने उज्ज्वल भविष्य को लेकर उत्साहित नजर आ रहा था। गुरकीरत के पिता सतनाम सिंह हरियाणा रोडवेज में कंडक्टर के पद पर कार्यरत हैं और सेना में हवलदार रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि बेटा मेहनती और सकारात्मक सोच वाला था। उन्होंने भावुक होकर कहा उसने आखिरी बार कहा था, पिताजी अब सो जाओ, सुबह आपको ड्यूटी पर जाना है।
यह शब्द अब परिवार के लिए आखिरी याद बनकर रह गए हैं। गुरकीरत सिंह दो भाइयों में बड़ा था। उसका छोटा भाई अभी पढ़ाई कर रहा है। परिवार में दादा बेअंत सिंह किसान हैं, जबकि माता नरेंद्र कौर गृहिणी हैं। परिवार का सैन्य पृष्ठभूमि से गहरा जुड़ाव रहा है। ताऊ लखविंदर सिंह सूबेदार और चाचा कश्मीर सिंह भी सेना से सेवानिवृत्त हैं।
15 दिन तक परिजन शव आने का इंतजार करते रहे
15 दिन तक गुरकीरत सिंह के परिजन शव आने का इंतजार करते रहे। 15 दिनों में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों का कहना था कि बार-बार उसे गुरकीरत सिंह की याद सताती थी और वह रात भर बैठकर काटते थे।