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Jind News: किसानों की ललकार रैली में सरकार की नीतियों के खिलाफ गूंजा विरोध
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31जेएनडी19: नई अनाजमंडी में हुई ललकार रैली में उमड़ी किसानों की भीड़। संवाद
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जींद। राज्यस्तरीय ललकार रैली में मंगलवार को हजारों किसानों ने नई अनाजमंडी में एकजुट होकर राज्य व केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। हरियाणा संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले आयोजित रैली में किसानों ने फसल बिक्री पर लगाए जा रहे नए निर्देशों का कड़ा विरोध जताया और इन्हें किसान विरोधी व दमनकारी बताया।
वरिष्ठ किसान नेता जोगेंद्र सिंह उगराह ने हरियाणा सरकार पर धान खरीद में बड़े घोटाले को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार किसानों पर अनुचित शर्तें थोप रही है।
सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में किसानों ने साफ कहा कि वह इन नई शर्तों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे और सरकार से इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों और देश की खाद्य सुरक्षा के साथ समझौता कर रही है।
अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बिजली के निजीकरण और बीज क्षेत्र में कॉर्पोरेट दखल की नीति की आलोचना की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के मुद्दों पर सरकार ने जल्द बातचीत नहीं की तो पूरे प्रदेश में मंत्रिमंडल के बहिष्कार का आह्वान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को अभी तक पर्याप्त राहत नहीं मिली है। रैली में मास्टर बलबीर सिंह, कंवरजीत सिंह, सुखदेव जम्मू, रतन मान, सूबेदार रणबीर, विकास सीसर, सुखविंदर सिंह, मास्टर सतीश, तेजेंद्र, हंस राज राणा, कैप्टन रणधीर चहल समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।
किसानों ने मनरेगा को बहाल करने, चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने और प्रस्तावित व्यापार समझौते से बाहर आने की भी मांग की। रैली में एक अप्रैल को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा मनाए जाने वाले काले दिवस का समर्थन करने का भी एलान किया गया।
राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की निंदा की
इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत की उड़ीसा में गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया गया। रैली में मौजूद किसानों ने उपायुक्त को मौके पर बुलाकर ज्ञापन सौंपने की मांग की। उपायुक्त मंच पर पहुंचे और उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों की मांगों को राज्य सरकार तक भेजा जाएगा।
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वरिष्ठ किसान नेता जोगेंद्र सिंह उगराह ने हरियाणा सरकार पर धान खरीद में बड़े घोटाले को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार किसानों पर अनुचित शर्तें थोप रही है।
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सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में किसानों ने साफ कहा कि वह इन नई शर्तों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे और सरकार से इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों और देश की खाद्य सुरक्षा के साथ समझौता कर रही है।
अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बिजली के निजीकरण और बीज क्षेत्र में कॉर्पोरेट दखल की नीति की आलोचना की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के मुद्दों पर सरकार ने जल्द बातचीत नहीं की तो पूरे प्रदेश में मंत्रिमंडल के बहिष्कार का आह्वान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को अभी तक पर्याप्त राहत नहीं मिली है। रैली में मास्टर बलबीर सिंह, कंवरजीत सिंह, सुखदेव जम्मू, रतन मान, सूबेदार रणबीर, विकास सीसर, सुखविंदर सिंह, मास्टर सतीश, तेजेंद्र, हंस राज राणा, कैप्टन रणधीर चहल समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।
किसानों ने मनरेगा को बहाल करने, चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने और प्रस्तावित व्यापार समझौते से बाहर आने की भी मांग की। रैली में एक अप्रैल को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा मनाए जाने वाले काले दिवस का समर्थन करने का भी एलान किया गया।
राकेश टिकैत की गिरफ्तारी की निंदा की
इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत की उड़ीसा में गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया गया। रैली में मौजूद किसानों ने उपायुक्त को मौके पर बुलाकर ज्ञापन सौंपने की मांग की। उपायुक्त मंच पर पहुंचे और उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों की मांगों को राज्य सरकार तक भेजा जाएगा।