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Jind News: 2012 में मिले प्लॉटों पर संगतपुरा के ग्रामीणों अभी तक नहीं मिला कब्जा
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लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर में संगतपुरा गांव की महिलाएं सो सो वर्ग गज के प्लाटों की मा
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जींद। गांव संगतपुरा की महिलाओं और पुरुषों ने वर्ष 2012 में मिले सोशल वर्ग के प्लॉटों पर कब्जा दिलाने की मांग को लेकर डीसी कार्यालय में आयोजित समाधान शिविर में शिकायत दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें 13 साल पहले प्लॉट आवंटित किए गए थे लेकिन आज तक उन पर कब्जा नहीं दिलवाया गया।
शिकायत देने पहुंची महिला निशा, मुकेश, सरोज, अनीता, वीरमती, उषा और दीपक ने बताया कि वर्ष 2012 में गांव में सोशल वर्ग के तहत 41 प्लॉट आवंटित किए गए थे। उस समय प्रशासन की ओर से पात्र लोगों को प्लॉट देने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई थी लेकिन आज भी परिवारों के सामने आवास की समस्या बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत इस जमीन की हर साल बोली करवाकर दूसरे लोगों को खेती के लिए दे रही है। इससे संबंधित लोग वर्षों से प्लॉट मिलने के बावजूद अपने घर नहीं बना पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई परिवार आज भी किराये के मकानों या कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं।
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ग्रामीणों ने डीसी को दी शिकायत में मांग की कि जल्द से जल्द उन्हें उनके प्लॉटों पर कब्जा दिलवाया जाए ताकि वे अपने मकान बनाकर परिवार सहित रह सकें। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शिकायत देने पहुंची महिला निशा, मुकेश, सरोज, अनीता, वीरमती, उषा और दीपक ने बताया कि वर्ष 2012 में गांव में सोशल वर्ग के तहत 41 प्लॉट आवंटित किए गए थे। उस समय प्रशासन की ओर से पात्र लोगों को प्लॉट देने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई थी लेकिन आज भी परिवारों के सामने आवास की समस्या बनी हुई है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत इस जमीन की हर साल बोली करवाकर दूसरे लोगों को खेती के लिए दे रही है। इससे संबंधित लोग वर्षों से प्लॉट मिलने के बावजूद अपने घर नहीं बना पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई परिवार आज भी किराये के मकानों या कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं।
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