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Jind News: 15 लाख खर्च कर स्टडी वीजा पर यूरोप गए युवक की समुद्र में डूबने से मौत
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फोटो 16जेएनडी20-निहाल सिंह।
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जींद। नौ महीने पहले स्टडी वीजा पर यूरोप के मॉल्डोवा गए गांव चांदपुर निवासी 22 वर्षीय निहाल सिंह की समुद्र में डूबने से मौत हो गई। निहाल की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
निहाल सिंह करीब 15 लाख रुपये खर्च कर यूरोप गए थे। अब उनका शव भारत लाने में करीब दस लाख रुपये खर्च करने पड़े। रविवार को दोपहर करीब दो बजे शव गांव पहुंचा जहां बड़ी बहन ने इकलौते भाई का अंतिम संस्कार किया और मुखाग्नि दी।
चचेरे भाई प्रवीन कुमार ने बताया कि निहाल सिंह करीब नौ महीने पहले स्टडी वीजा पर यूरोप गया था। वह मॉल्डोवा के चिशिनाउ शहर में रहकर होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था। पढ़ाई के साथ-साथ वह होटल में पार्ट टाइम डिलीवरी ब्वॉय का काम भी करता था।
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परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद मां सुनीता देवी ने रिश्तेदारों और जानकारों से पैसे उधार लेकर बेटे को विदेश भेजा था। परिवार को उम्मीद थी कि निहाल पढ़ाई पूरी करने के साथ कमाई कर मां और बहन का सहारा बनेगा।
निहाल के पिता कृष्ण कुमार की करीब सात वर्ष पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद मां सुनीता देवी ने दोनों बच्चों का पालन-पोषण किया। निहाल सिंह के परिजनों की घर के पास किराना की दुकान है। निहाल परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद का मुख्य सहारा था।
चचेरे भाई प्रवीन ने बताया कि 31 जुलाई को वीकेंड पर निहाल अपने दोस्तों के साथ मॉल्डोवा के समुद्र घूमने गया था। जिस बोट में वह सवार था वह अचानक डूबने लगी। समुद्र में डूबकर निहाल की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर घर में मातम छा गया। परिवार की उम्मीद थी कि निहाल विदेश में पढ़ाई और नौकरी कर उनका जीवन बेहतर करेगा लेकिन उसकी मौत से उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं।
निहाल सिंह करीब 15 लाख रुपये खर्च कर यूरोप गए थे। अब उनका शव भारत लाने में करीब दस लाख रुपये खर्च करने पड़े। रविवार को दोपहर करीब दो बजे शव गांव पहुंचा जहां बड़ी बहन ने इकलौते भाई का अंतिम संस्कार किया और मुखाग्नि दी।
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चचेरे भाई प्रवीन कुमार ने बताया कि निहाल सिंह करीब नौ महीने पहले स्टडी वीजा पर यूरोप गया था। वह मॉल्डोवा के चिशिनाउ शहर में रहकर होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रहा था। पढ़ाई के साथ-साथ वह होटल में पार्ट टाइम डिलीवरी ब्वॉय का काम भी करता था।
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परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद मां सुनीता देवी ने रिश्तेदारों और जानकारों से पैसे उधार लेकर बेटे को विदेश भेजा था। परिवार को उम्मीद थी कि निहाल पढ़ाई पूरी करने के साथ कमाई कर मां और बहन का सहारा बनेगा।
निहाल के पिता कृष्ण कुमार की करीब सात वर्ष पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसके बाद मां सुनीता देवी ने दोनों बच्चों का पालन-पोषण किया। निहाल सिंह के परिजनों की घर के पास किराना की दुकान है। निहाल परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद का मुख्य सहारा था।
चचेरे भाई प्रवीन ने बताया कि 31 जुलाई को वीकेंड पर निहाल अपने दोस्तों के साथ मॉल्डोवा के समुद्र घूमने गया था। जिस बोट में वह सवार था वह अचानक डूबने लगी। समुद्र में डूबकर निहाल की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर घर में मातम छा गया। परिवार की उम्मीद थी कि निहाल विदेश में पढ़ाई और नौकरी कर उनका जीवन बेहतर करेगा लेकिन उसकी मौत से उनकी सारी उम्मीदें टूट गईं।

फोटो 16जेएनडी20-निहाल सिंह।