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Kaithal News: 561 साल पुराने बाबा राजपुरी डेरे में होगा भव्य वार्षिक मेला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:41 PM IST
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A grand annual fair will be held at the 561-year-old Baba Rajpuri Dera.
गांव बात्ता में बाबा राजपुरी वार्षिक मेला की तैयारियों को दिया अंतिम स्वरूप560 वर्ष पुराना है
कलायत। चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित गांव बात्ता के बाबा राजपुरी डेरा में होने वाले वार्षिक मेले की तैयारियों को अंतिम स्वरूप दे दिया गया है। डेरे के महंत बाबा नरेश पुरी ने बताया कि रविवार रात्रि में मां हिंगलाज के हवन के साथ ही मेले की पारंपरिक शुरुआत हो जाएगी। मेले में गांव बात्ता व दूर दराज से बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालु बाबा राजपुरी व मां हिंगलाज की पूजा कर मन्नत मांगते हैं।
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डेरा महंत बाबा नरेश पुरी ने बताया कि ऐतिहासिक सिद्ध बाबा राजपुरी धार्मिक डेरे में धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला अष्टमी दिवस से जारी हो जाता है। उन्होंने बताया कि नवमी के दिन कन्या पूजन के साथ ही तीन दिवसीय मेले की शुरुआत होती है। विजय दशमी को बाबा की ध्वजा चढ़ाई जाती है। एकादशी पर देश की सांस्कृतिक विविध संस्कृतियों को एकता के सूत्र में पिरोते हुए सभी राज्यों की संस्कृतियों पर आधारित मेले का आयोजन होता है।
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उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की ओर से बाबा की समाधि पर दूध बताशों के साथ पूजा की जाती है। इसमें महिलाएं व बच्चे जमकर खरीदारी करते हैं। मेला उपलक्ष्य में सजने वाले खेल दंगल में पहलवान दमखम दिखाते हैं। तीसरे दिन बाबा राजपुरी डेरा की ओर से सामूहिक भोज की व्यवस्था का आयोजन किया जाता है।
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561 वर्ष पुराना है डेरा का इतिहास
महंत नरेश पुरी ने बताया कि डेरा 561 वर्ष पुराना है। बाबा राजपुरी का जन्म बाबा लदाना में हुआ था और बात्ता उनका गुरुस्थान है जहां बाबा सरस्वती पुरी से उन्होंने शिक्षा व दीक्षा ग्रहण की थी। बाबा लदाना को पूजा के लिए जाना जाता है। वहां 24 घंटे लगातार ज्योति जलती है और तीन बार पूजा का आयोजन होता है। गांव बात्ता को भंडारे के लिए जाना जाता है। गांव बात्ता के डेरे में लगातार भंडारा चलता ही रहता है। उन्होंने बताया कि सिद्ध बाबा राजपुरी को मां हिंगलाज सिद्ध थीं। वे हमेशा उनसे संवाद करते रहते थे।

मां के प्रताप से ही बाबा राजपुरी सिद्ध हुए। प्रबंध समिति सदस्यों संजीव भारद्वाज, शिव कुमार, प्रदीप राणा, जसवंत सिंह, पवन सरपंच, साहिब सिंह, किरण पाल राणा आदी ने बताया कि डेरे के पास 250 एकड़ भूमि थी। समाज सेवा के हर कार्य में बाबा राजपुरी डेरा सदैव अग्रणी रहता है। गांव के सरकारी स्कूल, अस्पताल, पशु अस्पताल, वाटर सप्लाई, स्टेडियम व पावर हाउस आदी के लिए भूमि बाबा राजपुरी डेरा की और से उपलब्ध करवाई गई।
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