{"_id":"6a1373f88fde84485d0af555","slug":"demand-to-roll-back-the-hike-in-petrol-and-diesel-prices-kaithal-news-c-245-1-kht1007-149816-2026-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: पेट्रोल-डीजल के बढे़ दाम वापस लेने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: पेट्रोल-डीजल के बढे़ दाम वापस लेने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 25 May 2026 03:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ढांड। आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने ढांड कार्यालय के पास पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस के बढ़ते दामों और नीट पेपर लीक मामले के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा व जिला सचिव कामरेड कृष्ण चंद ने की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर रोष जताया और फसलों के लाभकारी दाम देने, बढ़े हुए पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के दाम वापस लेने, किसानों के कर्ज माफ करने प्रीपेड स्मार्ट बिजली योजना रद्द करने और युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांंग की।
इस अवसर पर राजकुमार ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई का बोझ आम जनता पर डाल रही है, जबकि पेट्रोलियम कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से युवाओं में नाराजगी है।
विज्ञापन
उन्होंने खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी को किसानों के साथ मजाक बताते हुए कहा कि सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान सी-2+50 प्रतिशत के आधार पर फसल खरीद का कानून बनाने का वादा किया था, लेकिन अब उससे पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज, दवाई, औजार व डीजल के दाम बढ़ने से खेती घाटे का सौदा बन चुकी है। संवाद
प्रदर्शन की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा व जिला सचिव कामरेड कृष्ण चंद ने की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर रोष जताया और फसलों के लाभकारी दाम देने, बढ़े हुए पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के दाम वापस लेने, किसानों के कर्ज माफ करने प्रीपेड स्मार्ट बिजली योजना रद्द करने और युवाओं के लिए रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांंग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस अवसर पर राजकुमार ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई का बोझ आम जनता पर डाल रही है, जबकि पेट्रोलियम कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं। बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और भर्ती परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से युवाओं में नाराजगी है।
Trending Videos
उन्होंने खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी को किसानों के साथ मजाक बताते हुए कहा कि सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान सी-2+50 प्रतिशत के आधार पर फसल खरीद का कानून बनाने का वादा किया था, लेकिन अब उससे पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज, दवाई, औजार व डीजल के दाम बढ़ने से खेती घाटे का सौदा बन चुकी है। संवाद