{"_id":"6a137214a5c038df530041f4","slug":"roadside-garbage-is-being-set-on-fire-trees-are-also-being-scorched-kaithal-news-c-245-1-kht1013-149808-2026-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: सड़क किनारे कूड़े में लगाई जा रही आग, पेड़ भी झुलस रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: सड़क किनारे कूड़े में लगाई जा रही आग, पेड़ भी झुलस रहे
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 25 May 2026 03:18 AM IST
विज्ञापन
सड़क के किनारे दो विशाल सफेदे के पेड़ों के जले तने।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
नरेंद्र राणा
पूंडरी। पूंडरी क्षेत्र में कुछ कर्मचारी सड़क किनारे लगे पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों को हटाने के बजाय उनमें आग लगा रहे है। आग की चपेट में आने से से पेड़ भी चपेट में आ रहे हैं। इससे पर्यावरण के साथ लोगों को भी नुकसान पहुंच रहा है। प्रकृति संरक्षण संस्कृति मंच पूंडरी के प्रधान अनिल आर्य ने कहा कि लोग जाने-अनजाने में पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।लगातार पेड़ों में आग लगना प्रकृति के साथ गंभीर खिलवाड़ है, जिसके दुष्परिणाम भविष्य में सामने आ सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई और वन विभाग से नियमित निरीक्षण अभियान चलाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल हरियाली नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव हैं। पूंडरी-ढांड रोड पर हालात चिंताजनक हैं। सड़क किनारे खड़े सैकड़ों सफेदे और अन्य बड़े पेड़ आग की चपेट में आकर आधे से अधिक झुलस चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते रोक नहीं लगी तो यह पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
ग्रामीणों और राहगीरों के अनुसार कई जगह पेड़ों के नीचे सूखी घास और कूड़े में आग लगा दी जाती है। धीरे-धीरे इसकी लपटें बड़े पेड़ों तक पहुंच जाती हैं, जिससे उनकी जड़ें और तने कमजोर हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि तेज आंधी या बारिश के दौरान ये अधजले पेड़ सड़क पर गिर सकते हैं। इससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ कर्मचारी सड़क किनारे सफाई और सूखी झाड़ियों को हटाने की मेहनत से बचने के लिए आग लगाने का तरीका अपनाते हैं। इससे न केवल पेड़ नष्ट हो रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित हो रहा है। आग से औषधीय पौधों और छोटे जीव-जंतुओं को भी नुकसान पहुंच रहा है।
विज्ञापन
पूंडरी के रेंज आफिसर महाबीर ने बताया कि किसानों की जांच पड़ताल की जा रही है। अगर किसी किसान या अन्य ने आग लगाई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। काफी किसानों के खिलाफ समय- समय पर नोटिस दे रहे हैं। संवाद
पूंडरी। पूंडरी क्षेत्र में कुछ कर्मचारी सड़क किनारे लगे पेड़ों, झाड़ियों और जड़ी-बूटियों को हटाने के बजाय उनमें आग लगा रहे है। आग की चपेट में आने से से पेड़ भी चपेट में आ रहे हैं। इससे पर्यावरण के साथ लोगों को भी नुकसान पहुंच रहा है। प्रकृति संरक्षण संस्कृति मंच पूंडरी के प्रधान अनिल आर्य ने कहा कि लोग जाने-अनजाने में पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।लगातार पेड़ों में आग लगना प्रकृति के साथ गंभीर खिलवाड़ है, जिसके दुष्परिणाम भविष्य में सामने आ सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई और वन विभाग से नियमित निरीक्षण अभियान चलाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल हरियाली नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव हैं। पूंडरी-ढांड रोड पर हालात चिंताजनक हैं। सड़क किनारे खड़े सैकड़ों सफेदे और अन्य बड़े पेड़ आग की चपेट में आकर आधे से अधिक झुलस चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते रोक नहीं लगी तो यह पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों और राहगीरों के अनुसार कई जगह पेड़ों के नीचे सूखी घास और कूड़े में आग लगा दी जाती है। धीरे-धीरे इसकी लपटें बड़े पेड़ों तक पहुंच जाती हैं, जिससे उनकी जड़ें और तने कमजोर हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि तेज आंधी या बारिश के दौरान ये अधजले पेड़ सड़क पर गिर सकते हैं। इससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ कर्मचारी सड़क किनारे सफाई और सूखी झाड़ियों को हटाने की मेहनत से बचने के लिए आग लगाने का तरीका अपनाते हैं। इससे न केवल पेड़ नष्ट हो रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन भी प्रभावित हो रहा है। आग से औषधीय पौधों और छोटे जीव-जंतुओं को भी नुकसान पहुंच रहा है।
Trending Videos
पूंडरी के रेंज आफिसर महाबीर ने बताया कि किसानों की जांच पड़ताल की जा रही है। अगर किसी किसान या अन्य ने आग लगाई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। काफी किसानों के खिलाफ समय- समय पर नोटिस दे रहे हैं। संवाद