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Kaithal News: मैडम... पांच साल से इंसाफ नहीं मिला, मेरी शिकायत ड्राॅप न करें
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:46 AM IST
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बैठक में डीसी के सामने समस्या रखता शिकायतकर्ता।
- फोटो : बावली में पानी भती महिलाएं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। डीसी मैडम... मुझे पांच साल से इंसाफ नहीं मिला, मेरी शिकायत को ड्राप न करो। यह गुहार अपने भाई की हत्या के मामले में न्याय की मांग कर रही मृतक की बहन नीतू मौण ने शुक्रवार को आरकेएसडी कॉलेज में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में लगाई। बैठक में समिति अध्यक्ष मंत्री अनिल विज के अनुपस्थित रहने पर जिला उपायुक्त अपराजिता ने शिकायतों की सुनवाई की।
हत्या के मामले में जब डीसी ने शिकायत को ड्राप करने के निर्देश दिए तो समिति के सदस्यों ने खड़े होकर कड़ा विरोध जताया। सदस्यों के विरोध के बाद डीसी को शिकायत को लंबित रखने का निर्णय लेना पड़ा। डीसी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक इस मामले में सीबीआई जांच शुरू नहीं होती, तब तक की गई प्रत्येक कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को दी जाए।
इस दौरान कष्ट निवारण समिति की सदस्य शैली मुंजाल ने मजबूती से शिकायतकर्ता का पक्ष रखा। उन्होंने ढांड निवासी संतोष देवी की शिकायत की भी प्रभावी पैरवी की।
नगर पालिका राजौंद में करोड़ों के घोटाले के आरोप
बैठक में नगर पालिका राजौंद के अधिकारियों पर करोड़ों रुपये के घोटाले की शिकायत सबसे अहम मुद्दा रही। शिकायतकर्ता वार्ड-3 राजौंद निवासी राकेश राणा ने नपा सचिव, जेई, एमई, ठेकेदारों और कार्यकारी अभियंता पर विकास कार्यों के नाम पर भारी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए।
शिकायत में भवन मरम्मत के नाम पर 26.34 लाख रुपये, पार्क सौंदर्यकरण में 34.16 लाख रुपये, गलियों की रिपेयर में एक करोड़ रुपये, नालों की सफाई, तालाबों से पानी निकासी और बंदर टेंडर घोटाले समेत कई मामलों का उल्लेख किया गया।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तथा संबंधित अधिकारियों का पक्ष सुनने के बाद समिति सदस्यों की मांग पर इस शिकायत को लंबित रखा गया।
छेड़छाड़ संबंधी शिकायत झूठी, लड़की पर कार्रवाई
पुरानी शिकायत चंदाना गेट निवासी एक महिला द्वारा उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ संबंधी थी। इसमें मंत्री अनिल विज ने गत बैठक में जांच के आदेश दिए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि लड़के और लड़की के बीच जो चैट हुई है, वो लड़की के फोन से की गई है। दोनों में अश्लील बातें हुई हैं। इसलिए लड़के के खिलाफ हुई एफआईआर को रद्द कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि शिकायत जांच में तथ्यात्मक नहीं मिली। पुलिस द्वारा शिकायतकर्ता द्वारा झूठी शिकायत दिए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस शिकायत का निवारण कर दिया गया।
आंखों के गलत ऑपरेशन के आरोप
गांव करोड़ा निवासी श्रीनिवास ने शिकायत में बताया कि वह पैरालाइज है और नागरिक अस्पताल द्वारा उसे 70 प्रतिशत दिव्यांग प्रमाणपत्र दिया गया है। उसने आरोप लगाया कि आंख के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से उसकी दृष्टि पहले से भी कमजोर हो गई।
डीसी अपराजिता ने मामले को गंभीर मानते हुए सीईओ जिला परिषद, जिला समाज कल्याण अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य गोपाल सैनी की जांच कमेटी गठित की और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
15 शिकायतों में से छह का मौके पर निवारण
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में डीसी अपराजिता ने कुल 15 शिकायतों में से छह का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि नौ शिकायतों को लंबित रखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। डीसी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लें और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला भाजपा अध्यक्ष ज्योति सैनी, विधायक सतपाल जांबा, नपा सीवन अध्यक्ष हेमलता सैनी, एसपी उपासना, एडीसी डॉ. सुशील कुमार, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डीएमसी कपिल कुमार, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार सहित अन्य अधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
ये रहीं प्रमुख शिकायतें
कैथल निवासी संध्या की लंबित शिकायत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी। डीसी ने एडीसी को निर्देश दिए कि पुलिस को आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए।
डीग निवासी ऋषिपाल की बेटी की आत्महत्या के मामले में चालान पेश होने की जानकारी दी गई और शिकायत का निपटान किया गया।
तितरम गांव निवासी संदीप मलिक की एफआईआर करनाल ट्रांसफर के मामले को अगली बैठक तक लंबित रखा गया।
कांगथली निवासी कृष्ण कुमार द्वारा नकली पनीर बनाने की शिकायत में डेयरी सील कर लाइसेंस रद्द कर दिया गया, शिकायत का निवारण किया गया।
विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी, अवैध कब्जा, पानी की निकासी, अवैध खुर्दा, सीवरेज लाइन और कन्यादान सहायता से जुड़ी शिकायतों पर डीसी ने जांच कमेटियां गठित कर आवश्यक निर्देश जारी किए।
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कैथल। डीसी मैडम... मुझे पांच साल से इंसाफ नहीं मिला, मेरी शिकायत को ड्राप न करो। यह गुहार अपने भाई की हत्या के मामले में न्याय की मांग कर रही मृतक की बहन नीतू मौण ने शुक्रवार को आरकेएसडी कॉलेज में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में लगाई। बैठक में समिति अध्यक्ष मंत्री अनिल विज के अनुपस्थित रहने पर जिला उपायुक्त अपराजिता ने शिकायतों की सुनवाई की।
हत्या के मामले में जब डीसी ने शिकायत को ड्राप करने के निर्देश दिए तो समिति के सदस्यों ने खड़े होकर कड़ा विरोध जताया। सदस्यों के विरोध के बाद डीसी को शिकायत को लंबित रखने का निर्णय लेना पड़ा। डीसी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक इस मामले में सीबीआई जांच शुरू नहीं होती, तब तक की गई प्रत्येक कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को दी जाए।
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इस दौरान कष्ट निवारण समिति की सदस्य शैली मुंजाल ने मजबूती से शिकायतकर्ता का पक्ष रखा। उन्होंने ढांड निवासी संतोष देवी की शिकायत की भी प्रभावी पैरवी की।
नगर पालिका राजौंद में करोड़ों के घोटाले के आरोप
बैठक में नगर पालिका राजौंद के अधिकारियों पर करोड़ों रुपये के घोटाले की शिकायत सबसे अहम मुद्दा रही। शिकायतकर्ता वार्ड-3 राजौंद निवासी राकेश राणा ने नपा सचिव, जेई, एमई, ठेकेदारों और कार्यकारी अभियंता पर विकास कार्यों के नाम पर भारी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए।
शिकायत में भवन मरम्मत के नाम पर 26.34 लाख रुपये, पार्क सौंदर्यकरण में 34.16 लाख रुपये, गलियों की रिपेयर में एक करोड़ रुपये, नालों की सफाई, तालाबों से पानी निकासी और बंदर टेंडर घोटाले समेत कई मामलों का उल्लेख किया गया।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तथा संबंधित अधिकारियों का पक्ष सुनने के बाद समिति सदस्यों की मांग पर इस शिकायत को लंबित रखा गया।
छेड़छाड़ संबंधी शिकायत झूठी, लड़की पर कार्रवाई
पुरानी शिकायत चंदाना गेट निवासी एक महिला द्वारा उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ संबंधी थी। इसमें मंत्री अनिल विज ने गत बैठक में जांच के आदेश दिए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि लड़के और लड़की के बीच जो चैट हुई है, वो लड़की के फोन से की गई है। दोनों में अश्लील बातें हुई हैं। इसलिए लड़के के खिलाफ हुई एफआईआर को रद्द कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि शिकायत जांच में तथ्यात्मक नहीं मिली। पुलिस द्वारा शिकायतकर्ता द्वारा झूठी शिकायत दिए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस शिकायत का निवारण कर दिया गया।
आंखों के गलत ऑपरेशन के आरोप
गांव करोड़ा निवासी श्रीनिवास ने शिकायत में बताया कि वह पैरालाइज है और नागरिक अस्पताल द्वारा उसे 70 प्रतिशत दिव्यांग प्रमाणपत्र दिया गया है। उसने आरोप लगाया कि आंख के ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से उसकी दृष्टि पहले से भी कमजोर हो गई।
डीसी अपराजिता ने मामले को गंभीर मानते हुए सीईओ जिला परिषद, जिला समाज कल्याण अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य गोपाल सैनी की जांच कमेटी गठित की और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
15 शिकायतों में से छह का मौके पर निवारण
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में डीसी अपराजिता ने कुल 15 शिकायतों में से छह का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि नौ शिकायतों को लंबित रखते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। डीसी ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लें और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में जिला भाजपा अध्यक्ष ज्योति सैनी, विधायक सतपाल जांबा, नपा सीवन अध्यक्ष हेमलता सैनी, एसपी उपासना, एडीसी डॉ. सुशील कुमार, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डीएमसी कपिल कुमार, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार सहित अन्य अधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
ये रहीं प्रमुख शिकायतें
कैथल निवासी संध्या की लंबित शिकायत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी। डीसी ने एडीसी को निर्देश दिए कि पुलिस को आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए।
डीग निवासी ऋषिपाल की बेटी की आत्महत्या के मामले में चालान पेश होने की जानकारी दी गई और शिकायत का निपटान किया गया।
तितरम गांव निवासी संदीप मलिक की एफआईआर करनाल ट्रांसफर के मामले को अगली बैठक तक लंबित रखा गया।
कांगथली निवासी कृष्ण कुमार द्वारा नकली पनीर बनाने की शिकायत में डेयरी सील कर लाइसेंस रद्द कर दिया गया, शिकायत का निवारण किया गया।
विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी, अवैध कब्जा, पानी की निकासी, अवैध खुर्दा, सीवरेज लाइन और कन्यादान सहायता से जुड़ी शिकायतों पर डीसी ने जांच कमेटियां गठित कर आवश्यक निर्देश जारी किए।

बैठक में डीसी के सामने समस्या रखता शिकायतकर्ता।- फोटो : बावली में पानी भती महिलाएं।

बैठक में डीसी के सामने समस्या रखता शिकायतकर्ता।- फोटो : बावली में पानी भती महिलाएं।