{"_id":"69616335e631cbf02607a810","slug":"of-the-1189-water-samples-taken-over-three-months-41-failed-tds-was-high-in-many-areas-kaithal-news-c-18-1-knl1004-820511-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: तीन माह में लिए गए पानी के 1189 सैंपल में 41 फेल<bha>;<\/bha> कई इलाकों में टीडीएस ज्यादा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: तीन माह में लिए गए पानी के 1189 सैंपल में 41 फेल<bha>;</bha> कई इलाकों में टीडीएस ज्यादा
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:51 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में कई स्थानों पर लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। घरों में आ रहा पानी गंदा और रेतीला होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित रूप से पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं, जिनमें से कई सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि जिले के कुछ इलाकों में स्वच्छ पेयजल आमजन तक नहीं पहुंच पा रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष अक्तूबर से दिसंबर तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 1189 पानी के सैंपल लिए गए। इनमें से 41 सैंपल पीने योग्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। अधिकतर सैंपलों में टीडीएस (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स) की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई गई, जो पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े
करती है।
इसी बीच शहर के अर्जुन नगर गली नंबर-5 में सीवरेज लीकेज की समस्या पिछले करीब पांच वर्षों से बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और नगर पालिका को शिकायतें दीं, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।
शिकायत के बाद कर्मचारी मौके पर आते तो हैं, लेकिन स्थिति देखकर बिना ठोस कार्रवाई के लौट जाते हैं। कई बार घरों में गंदा पानी सप्लाई होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सीवरेज ओवरफ्लो और गंदगी के कारण क्षेत्रवासी बीमारियों के साए में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इस लापरवाही को लेकर लोगों में रोष भी बढ़ता जा रहा है।
बीमारियां फैलने का अंदेशा
विशेषज्ञों के अनुसार पानी में टीडीएस की अधिक मात्रा होने पर उसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटेशियम जैसे खनिज लवण के साथ-साथ क्लोराइड, सल्फेट, कार्बोनेट और नाइट्रेट जैसे आयन घुले होते हैं। इससे पानी का स्वाद खारा या कड़वा हो जाता है। कई मामलों में आयरन, मैंगनीज और आर्सेनिक जैसे हानिकारक तत्व भी पाए जा सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। ऐसे में दूषित पानी के सेवन से बीमारियां फैलने का अंदेशा बना रहता है।
सीवरेज लीकेज की समस्या चार-पांच साल से बनी हुई है। समिति और विभाग को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। आने-जाने वाले राहगीर और गली के लोग लगातार परेशान हैं। -विक्रम, अर्जुन नगर
समस्या लंबे समय से चल रही है। हालात ऐसे हैं कि घरों के अंदर तक बदबू फैल जाती है। बाहर बैठना मुश्किल हो गया है और पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है। लीकेज के समय कई बार गंदा पानी सप्लाई में आ जाता है। -सत्यवान
शिकायत के बाद कर्मचारी समस्या देखकर चले जाते हैं और दोबारा कोई सुध लेने नहीं आता। सीवरेज ओवरफ्लो की स्थिति बनी रहती है। लोगों को बीमारियां फैलने का डर सता रहा है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। -बलविंदर
विभाग द्वारा लगातार पानी की सैंपलिंग की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद जिस क्षेत्र में समस्या पाई जाती है, वहां तुरंत प्रभाव से समाधान कराया जाता है। विभाग का उद्देश्य लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि किसी इलाके में दिक्कत है तो विभाग को अवगत कराया जाए, समस्या का समाधान किया जाएगा।
- एसडीओ गोपाल वैद , जनस्वास्थ्य विभाग
Trending Videos
कैथल। जिले में कई स्थानों पर लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। घरों में आ रहा पानी गंदा और रेतीला होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित रूप से पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं, जिनमें से कई सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतर पाए हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि जिले के कुछ इलाकों में स्वच्छ पेयजल आमजन तक नहीं पहुंच पा रहा है।
जनस्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष अक्तूबर से दिसंबर तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 1189 पानी के सैंपल लिए गए। इनमें से 41 सैंपल पीने योग्य मानकों पर खरे नहीं उतरे। अधिकतर सैंपलों में टीडीएस (टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स) की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई गई, जो पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े
विज्ञापन
विज्ञापन
करती है।
इसी बीच शहर के अर्जुन नगर गली नंबर-5 में सीवरेज लीकेज की समस्या पिछले करीब पांच वर्षों से बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और नगर पालिका को शिकायतें दीं, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हो सका।
शिकायत के बाद कर्मचारी मौके पर आते तो हैं, लेकिन स्थिति देखकर बिना ठोस कार्रवाई के लौट जाते हैं। कई बार घरों में गंदा पानी सप्लाई होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सीवरेज ओवरफ्लो और गंदगी के कारण क्षेत्रवासी बीमारियों के साए में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इस लापरवाही को लेकर लोगों में रोष भी बढ़ता जा रहा है।
बीमारियां फैलने का अंदेशा
विशेषज्ञों के अनुसार पानी में टीडीएस की अधिक मात्रा होने पर उसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटेशियम जैसे खनिज लवण के साथ-साथ क्लोराइड, सल्फेट, कार्बोनेट और नाइट्रेट जैसे आयन घुले होते हैं। इससे पानी का स्वाद खारा या कड़वा हो जाता है। कई मामलों में आयरन, मैंगनीज और आर्सेनिक जैसे हानिकारक तत्व भी पाए जा सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। ऐसे में दूषित पानी के सेवन से बीमारियां फैलने का अंदेशा बना रहता है।
सीवरेज लीकेज की समस्या चार-पांच साल से बनी हुई है। समिति और विभाग को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। आने-जाने वाले राहगीर और गली के लोग लगातार परेशान हैं। -विक्रम, अर्जुन नगर
समस्या लंबे समय से चल रही है। हालात ऐसे हैं कि घरों के अंदर तक बदबू फैल जाती है। बाहर बैठना मुश्किल हो गया है और पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है। लीकेज के समय कई बार गंदा पानी सप्लाई में आ जाता है। -सत्यवान
शिकायत के बाद कर्मचारी समस्या देखकर चले जाते हैं और दोबारा कोई सुध लेने नहीं आता। सीवरेज ओवरफ्लो की स्थिति बनी रहती है। लोगों को बीमारियां फैलने का डर सता रहा है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। -बलविंदर
विभाग द्वारा लगातार पानी की सैंपलिंग की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद जिस क्षेत्र में समस्या पाई जाती है, वहां तुरंत प्रभाव से समाधान कराया जाता है। विभाग का उद्देश्य लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि किसी इलाके में दिक्कत है तो विभाग को अवगत कराया जाए, समस्या का समाधान किया जाएगा।
- एसडीओ गोपाल वैद , जनस्वास्थ्य विभाग