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Karnal News: पीने लायक नहीं पानी, बढ़ रहा बोतलबंद पानी का कारोबार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jan 2026 03:33 AM IST
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Bottled water is not potable, the business of bottled water is increasing
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पानीपत। औद्योगिक नगरी में बोतलबंद पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। शहर में हर रोज करीब 20 हजार कैंपर की सप्लाई होती है। इनमें भी शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है। इनकी नियमित जांच तक नहीं की जा रही है। प्लांंट में थोड़ी बहुत कमी को कभी कभार ठीक कराया जाता है। इसके अलावा कैंपर के पानी की जांच फील्ड में नहीं की जा रही है।
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शहर से लेकर गांवों तक दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है। लोगों को अपने घरों व कार्यालयों में आरओ लगा रखे हैं। इसके बाद भी बोतलबंद पानी की मांग बढ़ रही है। शहर में करीब 80 लोग बोतलबंद पानी की सप्लाई कर रहे हैं। पिछले पांच साल में इनकी संख्या बढ़ी है। पहले 15 से 20 लोग ही पानी सप्लाई करते थे। पानी सप्लाई करने वाले भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने कॉलोनी में अपना प्लांट लगा रखा है। उनके प्लांट से हर रोज करीब 250 कैंपर पानी के सप्लाई किए जाते हैं। बाकी लोगों से भी औसतन इतने ही कैंपर सप्लाई किए जाते हैं। इनके अलावा बोतल में भी पानी का प्रयोग किया जाता है। शहर में हर रोज करीब 500 छोटी बोतल की बिक्री होती है। सरकारी व निजी कार्यालयों में भी कैंपर का पानी सप्लाई में जाता है। जिला सचिवालय में हर रोज एक गाड़ी कैंपर की जाती है।
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कोट्स फोटो
सप्लाई का पानी साफ नहीं आता : जयदेव
सेक्टर-7 जयदेव ने बताया कि सप्लाई में पानी इतना साफ नहीं आता है। उनको कार्यालय में पानी का कैंपर लगा रखा है। सर्दी के मौसम में एक और गर्मी के दिनों में दो कैंपर लगते हैं।


कोट्स फोटो
पानी की शुद्धता की गारंटी : डॉ. नवीन
डॉ. नवीन नैन ने बताया कि पानी की शुद्धता की गारंटी तो दी जाती है लेकिन यह भी इतना साफ नहीं होता है। इसमें भी टीडीएस अधिक मिल जाता है। इसके अलावा दूसरे मिनरल की भी कोई गारंटी नहीं है।



कोट्स फोटो
लगा रखा है आरओ : गुलशन
बरासत रोड के उद्यमी गुलशन मल्होत्रा ने बताया कि घर पर आरओ लगा रखा है और फैक्टरी में पानी के लिए कैंपर लगवा रखे हैं। इनकी भी कोई नियमित जांच नहीं की जाती। यह भी यकीन पर ही पीया जा रहा है।

वर्जन :
प्लांट से समय-समय पर पेयजल के नमूने लिए जाते हैं। इनमें किसी प्रकार की कमी मिलती है तो पूरे करा जाते हैं। इसके लिए जुर्माना भी लगाया जाता है।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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