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Karnal: 20 दिन तक छकाने वाला शातिर बदमाश अंबाला से फिर गिरफ्तार, मामले में चार पुलिसकर्मी हो चुके सस्पेंड
माई सिटी रिपोर्टर, करनाल (हरियाणा)
Published by: Naveen
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:29 PM IST
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सार
घायल आरोपी का इलाज सरकारी अस्पताल के कैदी वार्ड में चल रहा था। उसकी सुरक्षा के लिए चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बावजूद 28 मई की रात करीब 12 बजे गुरजीत पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गया।
आरोपी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पुलिस की सीआईए टीम ने सरकारी अस्पताल के कैदी वार्ड से फरार हुए शातिर बदमाश गुरजीत सिंह को आखिरकार दोबारा पकड़ लिया है। करीब 20 दिनों तक पुलिस को चकमा देने के बाद आरोपी को सीआईए टीम ने अंबाला से दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी को 25 मई को मेरठ रोड स्थित आवर्धन नहर के पास मुठभेड़ में दो गोली मारने के बाद हिरासत में लिया था।
इसके बाद आरोपी को इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती करा दिया था लेकिन तीन दिन की उपचाराधीन हिरासत के बाद आरोपी 28 मई की रात सरकारी अस्पताल के कैदी वार्ड से पुलिस सुरक्षा को धत्ता बताते हुए फरार हो गया। आरोपी के दोबारा पकड़े जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है, वहीं अब फरारी के दौरान उसे किसने शरण दी और भागने में किसने मदद की, इसकी भी गहन जांच शुरू कर दी गई है।
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पुलिस के अनुसार पंजाब के खरड़ क्षेत्र निवासी गुरजीत सिंह लंबे समय से हरियाणा समेत कई राज्यों की पुलिस के लिए वांछित था। उस पर लूट, फायरिंग और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों के आरोप हैं। तरावड़ी स्थित पेट्रोल पंप पर फायरिंग कर लूट का प्रयास करने के मामले में पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। आरोपी के फरार होने पर पुलिस अधीक्षक ने उसकी निगरानी में तैनात चार पुलिस कर्मियों को निलंबित तक किया था।
चार पुलिसकर्मियों की निगरानी के बावजूद अस्पताल से हो गया था फरार
घायल आरोपी का इलाज सरकारी अस्पताल के कैदी वार्ड में चल रहा था। उसकी सुरक्षा के लिए चार पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बावजूद 28 मई की रात करीब 12 बजे गुरजीत पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो गया। जब पुलिसकर्मी वार्ड में पहुंचे तो आरोपी बिस्तर पर नहीं मिला और वहां केवल उसकी हथकड़ी पड़ी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे। अस्पताल से आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। चार पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में एक हाई-प्रोफाइल आरोपी का फरार होना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। मामले में ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई और विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई।
तरावड़ी पेट्रोल पंप पर की थी लूट की कोशिश, फायरिंग भी की थी
गुरजीत सिंह पर 2 मई की तड़के तरावड़ी स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पर लूट का प्रयास के आरोप लगे थे। शिकायत के अनुसार वह बिना नंबर प्लेट की काली बाइक पर पेट्रोल पंप पहुंचा और पहले 100 रुपये का पेट्रोल डलवाया। इसके बाद उसने पिस्तौल निकालकर कर्मचारी सुरेश कुमार पर तान दी और कैश लूटने का प्रयास किया। लेकिन कर्मचारी सुरेश कुमार ने साहस दिखाते हुए आरोपी की पिस्तौल पर हाथ मार दिया और शोर मचा दिया। शोर सुनकर दूसरा कर्मचारी नरेश कुमार भी मौके पर पहुंच गया। दोनों ने मिलकर आरोपी का विरोध किया तो उसने फायरिंग कर दी। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी और बड़ा हादसा टल गया। पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
अंबाला से दोबारा गिरफ्तारी, अब फरारी की पूरी कड़ी खंगालेगी पुलिस
अस्पताल से फरार होने के बाद पुलिस की सीआईए टीम लगातार विभिन्न जिलों में दबिश दे रही थी। निगरानी, मुखबिर तंत्र और अन्य इनपुट के आधार पर आखिरकार पुलिस ने आरोपी को अंबाला से दोबारा गिरफ्तार कर लिया। अब उससे फरारी के दौरान इस्तेमाल किए गए ठिकानों, मददगारों और उसके नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अस्पताल से फरार होने में किसी अंदरूनी व्यक्ति या सहयोगी की भूमिका तो नहीं थी। अगर किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।