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Kurukshetra News: 9 करोड़ के धान घोटाले में अब दर्ज होगी एफआईआर, खाद्य आपूर्ति मंत्री ने दिया भाकियू को भरोसा
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पिहोवा। एक राइस मिल में करीब 9 करोड़ रुपये के धान गायब होने के मामले में अब एफआईआर दर्ज की जाएगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने मंगलवार तक कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने यह आश्वासन शुक्रवार को पिहोवा में भारतीय किसान यूनियन और किसानों से मुलाकात के दौरान दिया।
भारतीय किसान यूनियन ने प्रिंस वड़ैच की अध्यक्षता में पिहोवा अनाज मंडी में मंत्री से मुलाकात की। किसानों ने धान घोटाले में तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने मंत्री को याद दिलाया कि विभागीय जांच के बाद इंस्पेक्टर और एफएसओ निलंबित हो चुके हैं। यह कार्रवाई भाकियू के दो बार चंडीगढ़ जाकर मंत्री से मिलने के बाद हुई थी। विभाग के अधिकारी पहले दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे थे। भाकियू ने बताया कि मंत्री नागर ने दूसरी बैठक में एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने निदेशक को भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन लंबे समय बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने से किसानों में भारी रोष है।
किसानों की नाराजगी और मंत्री का आश्वासन
किसानों ने मंत्री से उनके पूर्व आश्वासन पर सवाल किए। उन्होंने पूछा कि दोषियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। किसानों के सवालों के बीच मंत्री ने मौके पर ही विभाग के निदेशक से फोन पर बात की। उन्होंने किसानों से आगामी मंगलवार तक का समय मांगा। मंत्री ने मंगलवार तक एफआईआर दर्ज करवाने का भरोसा दिलाया।
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भाकियू की चेतावनी
बलविंदर कंबोज बटेडी ने कहा कि सरकार को अपने वादों का सम्मान करना चाहिए। मनीष मालिक ने बताया कि डीएफएससी जांच में अधिकारियों की मिलीभगत स्पष्ट हुई है। भाकियू पहले ही घोटाले से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक कर चुकी है। गुरलाल असमानपुर ने इसे भ्रष्टाचार को दबाने का गंभीर उदाहरण बताया। यूनियन ने चेतावनी दी कि मंगलवार तक एफआईआर न होने पर वे चंडीगढ़ में विरोध करेंगे।
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भारतीय किसान यूनियन ने प्रिंस वड़ैच की अध्यक्षता में पिहोवा अनाज मंडी में मंत्री से मुलाकात की। किसानों ने धान घोटाले में तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने मंत्री को याद दिलाया कि विभागीय जांच के बाद इंस्पेक्टर और एफएसओ निलंबित हो चुके हैं। यह कार्रवाई भाकियू के दो बार चंडीगढ़ जाकर मंत्री से मिलने के बाद हुई थी। विभाग के अधिकारी पहले दोषियों को बचाने का प्रयास कर रहे थे। भाकियू ने बताया कि मंत्री नागर ने दूसरी बैठक में एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन दिया था। उन्होंने निदेशक को भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन लंबे समय बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने से किसानों में भारी रोष है।
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किसानों की नाराजगी और मंत्री का आश्वासन
किसानों ने मंत्री से उनके पूर्व आश्वासन पर सवाल किए। उन्होंने पूछा कि दोषियों के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। किसानों के सवालों के बीच मंत्री ने मौके पर ही विभाग के निदेशक से फोन पर बात की। उन्होंने किसानों से आगामी मंगलवार तक का समय मांगा। मंत्री ने मंगलवार तक एफआईआर दर्ज करवाने का भरोसा दिलाया।
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भाकियू की चेतावनी
बलविंदर कंबोज बटेडी ने कहा कि सरकार को अपने वादों का सम्मान करना चाहिए। मनीष मालिक ने बताया कि डीएफएससी जांच में अधिकारियों की मिलीभगत स्पष्ट हुई है। भाकियू पहले ही घोटाले से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक कर चुकी है। गुरलाल असमानपुर ने इसे भ्रष्टाचार को दबाने का गंभीर उदाहरण बताया। यूनियन ने चेतावनी दी कि मंगलवार तक एफआईआर न होने पर वे चंडीगढ़ में विरोध करेंगे।