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Kurukshetra News: धड़ाधड़ कट रही अवैध कॉलोनियां, प्रवर्तन ब्यूरो की जांच में खुलेंगी परतें
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कुरुक्षेत्र। जिला नगर योजनाकार विभाग के दावों के बावजूद अवैध कॉलोनियों का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। लोग सस्ते प्लॉट के लालच में फंस रहे हैं। ऐसे में अब राज्य प्रवर्तन ब्यूरो इस मामले में सक्रिय हो गया है।
प्रशासन की शिकायत के आधार पर ब्यूरो ने 100 फुटा रोड ब्रह्मा चौक के आसपास की जमीन की जांच तेज कर दी है। इसके लिए नगर प्रशासन से रिकॉर्ड मांगा गया है। प्रवर्तन ब्यूरो का एक पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस पत्र में संबंधित जमीन की रजिस्ट्री से पहले एनओसी ली गई या नहीं, इसकी जानकारी मांगी गई है। जमीन का मालिक कौन है और किस आधार पर कॉलोनी या प्लॉट काटे गए, यह भी पूछा गया है। नगर प्रशासन इस पत्र का जवाब तैयार करने में जुट गया है। इस प्रशासनिक कार्रवाई से कॉलोनाइजरों में खलबली दिखाई देने लगी है। चर्चा है कि अन्य क्षेत्रों की भी जांच आगे बढ़ सकती है।
शहर के अनेक क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। यहां घरों के अलावा कई मंजिल भवनों तक का निर्माण हो रहा है। थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा अनेक बार यह मुद्दा उठा चुके हैं। जजपा नेता योगेश शर्मा ने भी नगर प्रशासन पर कई बार सवाल उठाए हैं। इसके बावजूद यह कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। नगर योजनाकार विभाग की कार्रवाई को महज औपचारिकता माना जा रहा है।
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ब्यूरो ने 7 मई 2025 को डीटीपी की शिकायत के अनुसार मामला दर्ज किया था। एफआईआर नंबर 781 में खसरा नंबर 51/18,19,20/1, 20/2 रकबा दरां कलां का जिक्र है। यह भूमि अर्बन एरिया एक्ट की धारा 07 ए के तहत अधिसूचित है। जांच के दौरान प्लॉटों की रजिस्ट्री 2022 से 2025 तक हुई है। ब्यूरो ने रजिस्ट्री व इंतकालों की भी जांच की है, जिसके बाद अब एनओसी होने की पड़ताल की जा रही है।
एसएचओ बोले, रुटीन जांच में मांगी गई जानकारी
एसएचओ के स्थानीय थाना प्रभारी सतनाम सिंह का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले आई शिकायत के चलते एक मामले में रूटीन अनुसार ही नगर प्रशासन से जानकारी मांगी गई है। फिलहाल इस मामले में किसी का नाम नहीं है। जांच के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो पाएगा। वहीं नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि रूटीन में ब्यूरो की ओर से जानकारी मांगी गई है लेकिन किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई मामला अभी तक नहीं है। यह पत्राचार सरकारी विभागों का सामान्य रूप से जारी रहता है।
दो कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज होने की रही चर्चा
सोशल मीडिया पर नगर परिषद प्रशासन से प्रवर्तन ब्यूरो की ओर से जानकारी मांगे जाने से संबंधित पत्र के साथ नप के ही दो कर्मचारियों पर मामला दर्ज होने की सूचना भी वायरल रही। हालांकि बाद में इसे हटा दिया गया लेकिन नगर प्रशासन में इन कर्मचारियों को लेकर शुक्रवार को भी चर्चाएं जारी रही। वहीं नगर परिषद के ईओ ने भी बताया कि ऐसा कोई मामला नहीं है।
डीटीपी बोले- रखी जा रही निगरानी
डीटीपी नवीन कुमार का कहना है कि अवैध कॉलोनी काटे जाने के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हर माह सात से आठ जगहों पर कार्रवाई भी की जाती है। प्रवर्तन ब्यूरो की ओर से फिलहाल कोई पत्राचार नहीं किया गया है।
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प्रशासन की शिकायत के आधार पर ब्यूरो ने 100 फुटा रोड ब्रह्मा चौक के आसपास की जमीन की जांच तेज कर दी है। इसके लिए नगर प्रशासन से रिकॉर्ड मांगा गया है। प्रवर्तन ब्यूरो का एक पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस पत्र में संबंधित जमीन की रजिस्ट्री से पहले एनओसी ली गई या नहीं, इसकी जानकारी मांगी गई है। जमीन का मालिक कौन है और किस आधार पर कॉलोनी या प्लॉट काटे गए, यह भी पूछा गया है। नगर प्रशासन इस पत्र का जवाब तैयार करने में जुट गया है। इस प्रशासनिक कार्रवाई से कॉलोनाइजरों में खलबली दिखाई देने लगी है। चर्चा है कि अन्य क्षेत्रों की भी जांच आगे बढ़ सकती है।
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शहर के अनेक क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियां काटी जा रही हैं। यहां घरों के अलावा कई मंजिल भवनों तक का निर्माण हो रहा है। थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा अनेक बार यह मुद्दा उठा चुके हैं। जजपा नेता योगेश शर्मा ने भी नगर प्रशासन पर कई बार सवाल उठाए हैं। इसके बावजूद यह कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। नगर योजनाकार विभाग की कार्रवाई को महज औपचारिकता माना जा रहा है।
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ब्यूरो ने 7 मई 2025 को डीटीपी की शिकायत के अनुसार मामला दर्ज किया था। एफआईआर नंबर 781 में खसरा नंबर 51/18,19,20/1, 20/2 रकबा दरां कलां का जिक्र है। यह भूमि अर्बन एरिया एक्ट की धारा 07 ए के तहत अधिसूचित है। जांच के दौरान प्लॉटों की रजिस्ट्री 2022 से 2025 तक हुई है। ब्यूरो ने रजिस्ट्री व इंतकालों की भी जांच की है, जिसके बाद अब एनओसी होने की पड़ताल की जा रही है।
एसएचओ बोले, रुटीन जांच में मांगी गई जानकारी
एसएचओ के स्थानीय थाना प्रभारी सतनाम सिंह का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले आई शिकायत के चलते एक मामले में रूटीन अनुसार ही नगर प्रशासन से जानकारी मांगी गई है। फिलहाल इस मामले में किसी का नाम नहीं है। जांच के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो पाएगा। वहीं नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि रूटीन में ब्यूरो की ओर से जानकारी मांगी गई है लेकिन किसी कर्मचारी के खिलाफ कोई मामला अभी तक नहीं है। यह पत्राचार सरकारी विभागों का सामान्य रूप से जारी रहता है।
दो कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज होने की रही चर्चा
सोशल मीडिया पर नगर परिषद प्रशासन से प्रवर्तन ब्यूरो की ओर से जानकारी मांगे जाने से संबंधित पत्र के साथ नप के ही दो कर्मचारियों पर मामला दर्ज होने की सूचना भी वायरल रही। हालांकि बाद में इसे हटा दिया गया लेकिन नगर प्रशासन में इन कर्मचारियों को लेकर शुक्रवार को भी चर्चाएं जारी रही। वहीं नगर परिषद के ईओ ने भी बताया कि ऐसा कोई मामला नहीं है।
डीटीपी बोले- रखी जा रही निगरानी
डीटीपी नवीन कुमार का कहना है कि अवैध कॉलोनी काटे जाने के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हर माह सात से आठ जगहों पर कार्रवाई भी की जाती है। प्रवर्तन ब्यूरो की ओर से फिलहाल कोई पत्राचार नहीं किया गया है।