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Kurukshetra News: पुरानी पाइपलाइन बनी स्वच्छ पेयजल में बाधा, ट्यूबवेल का पानी सही लेकिन आपूर्ति में हो रहा दूषित
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कुरुक्षेत्र। बलवान सिंह।
- फोटो : बावली में पानी भती महिलाएं।
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कुरुक्षेत्र। पिछले छह माह के दौरान जिलेभर के 866 ट्यूबवेलों से पानी के नमूने एकत्र किए गए जिनमें से 794 नमूनों की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। जांच रिपोर्ट में चार ट्यूबवेलों के पानी में नाइट्रेट की मात्रा मानकों से अधिक पाई गई, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। पानी में नाइट्रेट की मात्रा ज्यादा होने से कैंसर, थायरॉइड और किडनी संबंधी समस्याओं सामने आती हैं।
पुराने और जर्जर पाइपों में हो रही लीकेज के कारण स्वच्छ पानी दूषित हो रहा है जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है।
पिछले दो साल में जिले के जिन क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति से डायरिया और पीलिया जैसी बीमारियां फैली हैं। वहां जांच में या तो मुख्य पाइप लाइनों में लीकेज पाई गई या फिर निजी कनेक्शनों में लगी पुरानी पाइप इसकी वजह बनीं। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि नियमित नमूनों की जांच के बावजूद खामियों की पहचान होने के बाद उनके समाधान में महीनों का समय लग जाता है जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।
पेयजल की गुणवत्ता जांचने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में विशेष जांच लैब स्थापित की गई है। यहां पानी के नमूनों की दो तरह से जांच की जाती है। पहली फिजिको-केमिकल जांच, जो मानसून सत्र से पहले और बाद में की जाती है, दूसरी बैक्टीरियोलॉजिकल जांच पूरे वर्ष लगातार चलती रहती है। इसके तहत हर माह प्रत्येक गांव से दो नमूने लिए जाते हैं, ताकि समय रहते किसी भी तरह की गड़बड़ी को पकड़ा जा सके।
महामारी जांच करता बिंदु राय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की लैब में नवंबर माह में 94 पानी के नमूनों की जांच हुई। इनमें से 92 नमूने फीट और दो नमूने फेल मिले। दिसंबर माह में 100 सैंपल की जांच हुई 94 सैंपल फीट मिले और छह सैंपल फेल मिले। जिलेभर में पानी से महामारी संबंधी कोई समस्या नहीं है।
कई दिनों से आ रहा गंदा पानी : जगबीर सिंह
सेक्टर पांच वासी जगबीर सिंह ने कहा कि कॉलोनी में पिछले तीन-चार दिनों से पीने का पानी गंदा आ रहा है। पानी में रेत आ रही है। ऐसे में पानी को पीना तो दूर, कपड़े भी नहीं धो सकते। पानी को उबालकर पीना पड़ता है।
सुबह के समय आता है गंदा पानी : मुकेश कुमार
शास्त्री नगर वासी मुकेश कुमार ने बताया कि दो दिनों से सुबह कुछ समय के लिए पानी में गंदगी आती है। कुछ समय नल चलाने के बाद पानी साफ हो जाता है।
पानी में आ रहा रेत : बलवान सिंह
सेक्टर पांच वासी बलवान सिंह ने बताया कि सप्ताहभर से पानी में रेत आ रहा है। पानी आपूर्ति की पाइप के साथ सीवरेज की लाइन टूटी हुई है। इस संबंध में विभाग को भी अवगत कराया गया है।
दूषित पानी पीने से लोगों का स्वास्थ्य हो रहा खराब : ओम प्रकाश
सेक्टर पांच वासी ओम प्रकाश ने कहा कि सेक्टर में इन दिनों गंदे पानी की समस्या है। दूषित पानी पीने से लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। विभाग को समय रहते समस्या का समाधान कराना चाहिए।
पानी जांच से जुड़े प्रमुख तथ्य
-जिले में पानी का टीडीएस स्तर : 350 से 550
-पिछले छह माह में लिए गए सैंपल : 866 ट्यूबवेल
- जांच रिपोर्ट प्राप्त : 794 सैंपल-नाइट्रेट अधिक मिलने वाले ट्यूबवेल : 4
-जांच रिपोर्ट लंबित : 72 ट्यूबवेल
-हर माह प्रत्येक गांव से लिए जाते हैं : 2 सैंपल
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पुराने और जर्जर पाइपों में हो रही लीकेज के कारण स्वच्छ पानी दूषित हो रहा है जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है।
पिछले दो साल में जिले के जिन क्षेत्रों में दूषित पानी की आपूर्ति से डायरिया और पीलिया जैसी बीमारियां फैली हैं। वहां जांच में या तो मुख्य पाइप लाइनों में लीकेज पाई गई या फिर निजी कनेक्शनों में लगी पुरानी पाइप इसकी वजह बनीं। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि नियमित नमूनों की जांच के बावजूद खामियों की पहचान होने के बाद उनके समाधान में महीनों का समय लग जाता है जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।
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पेयजल की गुणवत्ता जांचने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में विशेष जांच लैब स्थापित की गई है। यहां पानी के नमूनों की दो तरह से जांच की जाती है। पहली फिजिको-केमिकल जांच, जो मानसून सत्र से पहले और बाद में की जाती है, दूसरी बैक्टीरियोलॉजिकल जांच पूरे वर्ष लगातार चलती रहती है। इसके तहत हर माह प्रत्येक गांव से दो नमूने लिए जाते हैं, ताकि समय रहते किसी भी तरह की गड़बड़ी को पकड़ा जा सके।
महामारी जांच करता बिंदु राय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की लैब में नवंबर माह में 94 पानी के नमूनों की जांच हुई। इनमें से 92 नमूने फीट और दो नमूने फेल मिले। दिसंबर माह में 100 सैंपल की जांच हुई 94 सैंपल फीट मिले और छह सैंपल फेल मिले। जिलेभर में पानी से महामारी संबंधी कोई समस्या नहीं है।
कई दिनों से आ रहा गंदा पानी : जगबीर सिंह
सेक्टर पांच वासी जगबीर सिंह ने कहा कि कॉलोनी में पिछले तीन-चार दिनों से पीने का पानी गंदा आ रहा है। पानी में रेत आ रही है। ऐसे में पानी को पीना तो दूर, कपड़े भी नहीं धो सकते। पानी को उबालकर पीना पड़ता है।
सुबह के समय आता है गंदा पानी : मुकेश कुमार
शास्त्री नगर वासी मुकेश कुमार ने बताया कि दो दिनों से सुबह कुछ समय के लिए पानी में गंदगी आती है। कुछ समय नल चलाने के बाद पानी साफ हो जाता है।
पानी में आ रहा रेत : बलवान सिंह
सेक्टर पांच वासी बलवान सिंह ने बताया कि सप्ताहभर से पानी में रेत आ रहा है। पानी आपूर्ति की पाइप के साथ सीवरेज की लाइन टूटी हुई है। इस संबंध में विभाग को भी अवगत कराया गया है।
दूषित पानी पीने से लोगों का स्वास्थ्य हो रहा खराब : ओम प्रकाश
सेक्टर पांच वासी ओम प्रकाश ने कहा कि सेक्टर में इन दिनों गंदे पानी की समस्या है। दूषित पानी पीने से लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। विभाग को समय रहते समस्या का समाधान कराना चाहिए।
पानी जांच से जुड़े प्रमुख तथ्य
-जिले में पानी का टीडीएस स्तर : 350 से 550
-पिछले छह माह में लिए गए सैंपल : 866 ट्यूबवेल
- जांच रिपोर्ट प्राप्त : 794 सैंपल-नाइट्रेट अधिक मिलने वाले ट्यूबवेल : 4
-जांच रिपोर्ट लंबित : 72 ट्यूबवेल
-हर माह प्रत्येक गांव से लिए जाते हैं : 2 सैंपल

कुरुक्षेत्र। बलवान सिंह।- फोटो : बावली में पानी भती महिलाएं।

कुरुक्षेत्र। बलवान सिंह।- फोटो : बावली में पानी भती महिलाएं।

कुरुक्षेत्र। बलवान सिंह।- फोटो : बावली में पानी भती महिलाएं।