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Kurukshetra News: हैप्पी कार्ड के लिए लगी कतार, बढ़ा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 23 Jun 2026 03:56 AM IST
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कुरुक्षेत्र। हैप्पी कार्ड एक्टीवेट कराने के लिए नए बस अड्डे पर जमा हुई लाभ पात्रों की भीड़। संव
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दीपक शर्मा
कुरुक्षेत्र। सरकारी बसों में एक हजार किलोमीटर तक निशुल्क सफर को लेकर जलकल्याण के उद्देश्य से चलाई हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना लोगों के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। समय पर लाभ मिलना तो दूर, काफी समय से कार्ड तक नहीं मिला है। वहीं कार्ड को एक्टिवेट कराना भी चुनौती है। सोमवार को भी नए बस अड्डे पर हैप्पी कार्ड के लिए कतार में लगकर लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
कार्यालय में भारी भीड़ और बाहर कतारों में खड़े पात्रों ने सुबह से दोपहर तक अपनी बारी का इंतजार किया, लेकिन नंबर नहीं आया। लंच के बाद भी लगभग ऐसा ही हाल रहा। गर्मी औ उमस के मौसम में भीड़ बढ़ने से कार्यालय के समक्ष अफरा-तफरी जैसे हालात बने रहे। इस दौरान जिले के विभिन्न गांव-कस्बों से आए लोगों के चेहरों पर नाराजगी के भाव स्पष्ट दिखाई दिए। महिलाएं भी बच्चों समेत यहां तक पहुंची थी, जोकि अलग से लाइन न होने से असहज दिखी। संवाद
चक्कर काटकर हुए परेशान, दो साल बाद मिला
बाबैन के फालसंडा जाटान से आए रामगोपाल ने कहा कि एक तो छह महीने तक कार्ड नहीं मिला, ऊपर से चार घंटे से लाइन में लगकर इसे चालू कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। एक्टिवेट हो पाएगा या नहीं, कुछ पता नहीं। गर्मी में कतारों से बचाव के लिए रोडवेज को कार्ड देने वास्ते बेहतर इंतजाम करने चाहिए। कार्ड के जल्द एक्टीवेशन का प्रबंध हो।
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साल 2024 में अप्लाई किया था, दो साल बाद मिला : जसपाल
शाहाबाद से कुरुक्षेत्र बस अड्डे पर आए जसपाल ने बताया कि उसने 2024 में आवेदन किया था, लेकिन कई महीने कुछ पता नहीं आया। लोकल अड्डे के बाद नए बस स्टैंड पर आना शुरू किया। हर बार यही कहा जाता कि इस बार नहीं आया। चक्कर लगा-लगाके थक गए। अब लगभग दो साल में कार्ड आया, लेकिन एक्टीवेट न होने से किसी काम का नहीं। व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए।
कार्ड के लिए नए बस अड्डे पर आठवां चक्कर : सुनील
झांसा क्षेत्र के सलपानी से कार्ड लेने आए सुनील ने बताया कि कार्ड लेने के लिए नए बस अड्डे पर आठवां चक्कर है। एक साल बीतने पर अब जाकर कार्ड मिल पाया। प्रशासन को वितरण के लिए लोकल बस अड्डों पर ही उचित व्यवस्था करनी चाहिए। कुरुक्षेत्र में स्पेशल आना पड़ता है। सुबह साढे़ नौ बजे से भीड़ में खड़े हुए दोपहर के डेढ़ बज गए, लेकिन नंबर नहीं आया। सोमवार को लगभग 500 व्यक्ति आए होंगे।
लाडवा के शिवम को 2023 में आवेदन के बाद मिला कार्ड
लाडवा के शिवम ने कहा कि उन्होंने साल 2023 में आवेदन किया था। इसके बाद लंबी समय बीत गया। हैप्पी कार्ड के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली। उसके बाद रोडवेज दफ्तर के चक्कर लगाने शुरू किए। उनके पास तीन साल बाद अब संदेश आया। कई चक्कर लगाकर परेशान होने के बाद यह सुविधा दी जा रही है।
गृहिणी के लिए बार-बार चक्कर लगाना आसान नहीं : रीटा
ठोल से आई रीटा ने कहा कि गृहिणी के लिए बार-बार चक्कर लगाना आसान नहीं है। सुरक्षा-निगरानी के मद्देनजर बच्चों को मजबूरन साथ लाना पड़ता है। ऐसी व्यवस्था हो कि समय पर कार्ड मिल पाए। कार्ड का संदेश दो साल बाद आया। भारी भीड़ में तीन से चार घंटे इंतजार करके भी एक्टीवेट का संकट है। कैसे सरकार की इस अच्छी सुविधा का उचित लाभ मिलेगा।
टीम मुस्तैद, एक्टीवेशन मशीनें कम, बढ़ाई जाएगी संख्या : समिंदर
महाप्रबंधक समिंदर सिंह ने कहा कि हैप्पी कार्ड के वितरण के लिए लगभग 10 कर्मचारियों की टीम लगाई गई है। इनके पास कार्ड की छंटनी, पात्रों को फोन करने और एक्टीवेशन की जिम्मेदारी है। करीब 400 लोगों को प्रतिदिन कार्ड बांटे जा रहे हैं। दो मशीनों में से एक कार्ड एक्टीवेशन और दूसरी पास वालों के लिए काम कर रही है। कार्ड बनाने का काम मुंबई की कंपनी के पास है। संवाद
कुरुक्षेत्र। सरकारी बसों में एक हजार किलोमीटर तक निशुल्क सफर को लेकर जलकल्याण के उद्देश्य से चलाई हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना लोगों के लिए सिरदर्द बनती जा रही है। समय पर लाभ मिलना तो दूर, काफी समय से कार्ड तक नहीं मिला है। वहीं कार्ड को एक्टिवेट कराना भी चुनौती है। सोमवार को भी नए बस अड्डे पर हैप्पी कार्ड के लिए कतार में लगकर लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
कार्यालय में भारी भीड़ और बाहर कतारों में खड़े पात्रों ने सुबह से दोपहर तक अपनी बारी का इंतजार किया, लेकिन नंबर नहीं आया। लंच के बाद भी लगभग ऐसा ही हाल रहा। गर्मी औ उमस के मौसम में भीड़ बढ़ने से कार्यालय के समक्ष अफरा-तफरी जैसे हालात बने रहे। इस दौरान जिले के विभिन्न गांव-कस्बों से आए लोगों के चेहरों पर नाराजगी के भाव स्पष्ट दिखाई दिए। महिलाएं भी बच्चों समेत यहां तक पहुंची थी, जोकि अलग से लाइन न होने से असहज दिखी। संवाद
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चक्कर काटकर हुए परेशान, दो साल बाद मिला
बाबैन के फालसंडा जाटान से आए रामगोपाल ने कहा कि एक तो छह महीने तक कार्ड नहीं मिला, ऊपर से चार घंटे से लाइन में लगकर इसे चालू कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। एक्टिवेट हो पाएगा या नहीं, कुछ पता नहीं। गर्मी में कतारों से बचाव के लिए रोडवेज को कार्ड देने वास्ते बेहतर इंतजाम करने चाहिए। कार्ड के जल्द एक्टीवेशन का प्रबंध हो।
साल 2024 में अप्लाई किया था, दो साल बाद मिला : जसपाल
शाहाबाद से कुरुक्षेत्र बस अड्डे पर आए जसपाल ने बताया कि उसने 2024 में आवेदन किया था, लेकिन कई महीने कुछ पता नहीं आया। लोकल अड्डे के बाद नए बस स्टैंड पर आना शुरू किया। हर बार यही कहा जाता कि इस बार नहीं आया। चक्कर लगा-लगाके थक गए। अब लगभग दो साल में कार्ड आया, लेकिन एक्टीवेट न होने से किसी काम का नहीं। व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए।
कार्ड के लिए नए बस अड्डे पर आठवां चक्कर : सुनील
झांसा क्षेत्र के सलपानी से कार्ड लेने आए सुनील ने बताया कि कार्ड लेने के लिए नए बस अड्डे पर आठवां चक्कर है। एक साल बीतने पर अब जाकर कार्ड मिल पाया। प्रशासन को वितरण के लिए लोकल बस अड्डों पर ही उचित व्यवस्था करनी चाहिए। कुरुक्षेत्र में स्पेशल आना पड़ता है। सुबह साढे़ नौ बजे से भीड़ में खड़े हुए दोपहर के डेढ़ बज गए, लेकिन नंबर नहीं आया। सोमवार को लगभग 500 व्यक्ति आए होंगे।
लाडवा के शिवम को 2023 में आवेदन के बाद मिला कार्ड
लाडवा के शिवम ने कहा कि उन्होंने साल 2023 में आवेदन किया था। इसके बाद लंबी समय बीत गया। हैप्पी कार्ड के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली। उसके बाद रोडवेज दफ्तर के चक्कर लगाने शुरू किए। उनके पास तीन साल बाद अब संदेश आया। कई चक्कर लगाकर परेशान होने के बाद यह सुविधा दी जा रही है।
गृहिणी के लिए बार-बार चक्कर लगाना आसान नहीं : रीटा
ठोल से आई रीटा ने कहा कि गृहिणी के लिए बार-बार चक्कर लगाना आसान नहीं है। सुरक्षा-निगरानी के मद्देनजर बच्चों को मजबूरन साथ लाना पड़ता है। ऐसी व्यवस्था हो कि समय पर कार्ड मिल पाए। कार्ड का संदेश दो साल बाद आया। भारी भीड़ में तीन से चार घंटे इंतजार करके भी एक्टीवेट का संकट है। कैसे सरकार की इस अच्छी सुविधा का उचित लाभ मिलेगा।
टीम मुस्तैद, एक्टीवेशन मशीनें कम, बढ़ाई जाएगी संख्या : समिंदर
महाप्रबंधक समिंदर सिंह ने कहा कि हैप्पी कार्ड के वितरण के लिए लगभग 10 कर्मचारियों की टीम लगाई गई है। इनके पास कार्ड की छंटनी, पात्रों को फोन करने और एक्टीवेशन की जिम्मेदारी है। करीब 400 लोगों को प्रतिदिन कार्ड बांटे जा रहे हैं। दो मशीनों में से एक कार्ड एक्टीवेशन और दूसरी पास वालों के लिए काम कर रही है। कार्ड बनाने का काम मुंबई की कंपनी के पास है। संवाद

कुरुक्षेत्र। हैप्पी कार्ड एक्टीवेट कराने के लिए नए बस अड्डे पर जमा हुई लाभ पात्रों की भीड़। संव

कुरुक्षेत्र। हैप्पी कार्ड एक्टीवेट कराने के लिए नए बस अड्डे पर जमा हुई लाभ पात्रों की भीड़। संव