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Kurukshetra News: भोले की बारात भजन पर मस्ती में झूमे शिवभक्त
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:12 AM IST
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कुरुक्षेत्र। पटियाला बैंक कॉलोनी में शिव कथा के दौरान आरती करते श्रद्धालु। स्वयं
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अमीन रोड स्थित पटियाला बैंक कॉलोनी के मनोकामना सिद्ध श्री शिव मंदिर के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में श्री शिव महापुराण कथा के दौरान भक्ति प्रवचन हुए। इस दौरान शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनाया गया, जिसमें भोले की बारात इत्यादि भजनों पर श्रद्धालु मस्ती में झूम उठे।
साथ ही, हरिद्वार से कथावाचक ने सती की ओर से यज्ञ में शरीर त्यागना, दक्ष यज्ञ विध्वंस, शिव की ओर से जटा से वीरभद्र को प्रकट करना, सती का पार्वती के रूप में पर्वतराज हिमालय के घर पुनर्जन्म, पार्वती की शिव तपस्या और शिव-पार्वती विवाह प्रसंग भजनों सहित सुनाया। पुजारी पंडित उमेश पाठक ने सुबह यजमानों से शिव पूजन कराई। व्यासपीठ से आचार्य रमेश उनियाल ने बताया कि हिंदू धर्म में शिव-शक्ति के मिलन की एक अत्यंत पवित्र और दिव्य कथा है, जो महाशिवरात्रि के रूप में मनाई जाती है।
पार्वती (सती का पुनर्जन्म) ने शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। अंतत: भगवान शिव ने प्रसन्न होकर माता पार्वती से विवाह किया, जिसमें भूत-प्रेत, देवताओं और ऋषियों ने हिस्सा लिया। इन्हें देख पार्वती की मां मैना डर गई थीं। शिवजी ने देवताओं के कहने पर सुंदर रूप धरा और विष्णु जी ने कन्यादान किया। इस अवसर पर आचार्य द्वारिका प्रसाद मिश्र, सौरभ शास्त्री, उज्ज्वल शर्मा, सौर्यांश तिवारी, देवशरण, मुख्य यजमान विनोद सिंगला, बीएन शर्मा, सुनील, अश्वनी मित्तल आदि शामिल रहे।
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कुरुक्षेत्र। अमीन रोड स्थित पटियाला बैंक कॉलोनी के मनोकामना सिद्ध श्री शिव मंदिर के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में श्री शिव महापुराण कथा के दौरान भक्ति प्रवचन हुए। इस दौरान शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनाया गया, जिसमें भोले की बारात इत्यादि भजनों पर श्रद्धालु मस्ती में झूम उठे।
साथ ही, हरिद्वार से कथावाचक ने सती की ओर से यज्ञ में शरीर त्यागना, दक्ष यज्ञ विध्वंस, शिव की ओर से जटा से वीरभद्र को प्रकट करना, सती का पार्वती के रूप में पर्वतराज हिमालय के घर पुनर्जन्म, पार्वती की शिव तपस्या और शिव-पार्वती विवाह प्रसंग भजनों सहित सुनाया। पुजारी पंडित उमेश पाठक ने सुबह यजमानों से शिव पूजन कराई। व्यासपीठ से आचार्य रमेश उनियाल ने बताया कि हिंदू धर्म में शिव-शक्ति के मिलन की एक अत्यंत पवित्र और दिव्य कथा है, जो महाशिवरात्रि के रूप में मनाई जाती है।
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पार्वती (सती का पुनर्जन्म) ने शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। अंतत: भगवान शिव ने प्रसन्न होकर माता पार्वती से विवाह किया, जिसमें भूत-प्रेत, देवताओं और ऋषियों ने हिस्सा लिया। इन्हें देख पार्वती की मां मैना डर गई थीं। शिवजी ने देवताओं के कहने पर सुंदर रूप धरा और विष्णु जी ने कन्यादान किया। इस अवसर पर आचार्य द्वारिका प्रसाद मिश्र, सौरभ शास्त्री, उज्ज्वल शर्मा, सौर्यांश तिवारी, देवशरण, मुख्य यजमान विनोद सिंगला, बीएन शर्मा, सुनील, अश्वनी मित्तल आदि शामिल रहे।