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Kurukshetra News: पिहोवा क्षेत्र में पानी के सैंपल लेने का अभियान तेज, सारसा में 25 नमूनों की जांच
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कुरुक्षेत्र। सारसा गांव में ग्रामीणों से बातचीत करते हुए जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। संवाद
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पिहोवा क्षेत्र में पेयजल गुणवत्ता जांच तेज, दूषित कनेक्शन पर नोटिस जारी
कुरुक्षेत्र। पिहोवा क्षेत्र में पेयजल गुणवत्ता जांच अभियान स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने तेज किया है। यह कार्रवाई पूजा कॉलोनी में हेपेटाइटिस-ए (पीलिया) के 10 मरीज मिलने के बाद की गई। टीमें लगातार गांवों और कॉलोनियों से पानी के नमूने ले रही हैं। वीरवार को गांव सारसा में करीब 25 स्थानों से नमूने लिए गए। जांच में सभी जगह क्लोरीन निर्धारित मानकों के अनुरूप मिली और क्लोरीनेशन प्रणाली ठीक से काम कर रही थी। निरीक्षण के दौरान एक दूषित पेयजल कनेक्शन मिला, जिसे विभाग ने मौके पर ही ठीक किया। संबंधित उपभोक्ता को नोटिस भी जारी किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रदीप ने बताया कि पूजा कॉलोनी के सभी मरीज अब स्वस्थ हैं। वहां फिलहाल कोई नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को स्वच्छ पेयजल उपयोग और जलजनित बीमारियों से बचाव हेतु जागरूक कर रही हैं।
पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी हो रही : एक्सईएन
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एक्सईएन सुमित गर्ग ने बताया कि पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी किसी प्रकार की तकनीकी खामी या दूषित पेयजल कनेक्शन मिलता है, उसे तत्काल ठीक कराया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी जलापूर्ति योजनाओं में क्लोरीनेशन सिस्टम की भी लगातार जांच की जा रही है ताकि लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
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कुरुक्षेत्र। पिहोवा क्षेत्र में पेयजल गुणवत्ता जांच अभियान स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने तेज किया है। यह कार्रवाई पूजा कॉलोनी में हेपेटाइटिस-ए (पीलिया) के 10 मरीज मिलने के बाद की गई। टीमें लगातार गांवों और कॉलोनियों से पानी के नमूने ले रही हैं। वीरवार को गांव सारसा में करीब 25 स्थानों से नमूने लिए गए। जांच में सभी जगह क्लोरीन निर्धारित मानकों के अनुरूप मिली और क्लोरीनेशन प्रणाली ठीक से काम कर रही थी। निरीक्षण के दौरान एक दूषित पेयजल कनेक्शन मिला, जिसे विभाग ने मौके पर ही ठीक किया। संबंधित उपभोक्ता को नोटिस भी जारी किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रदीप ने बताया कि पूजा कॉलोनी के सभी मरीज अब स्वस्थ हैं। वहां फिलहाल कोई नया मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को स्वच्छ पेयजल उपयोग और जलजनित बीमारियों से बचाव हेतु जागरूक कर रही हैं।
पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी हो रही : एक्सईएन
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एक्सईएन सुमित गर्ग ने बताया कि पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी किसी प्रकार की तकनीकी खामी या दूषित पेयजल कनेक्शन मिलता है, उसे तत्काल ठीक कराया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी जलापूर्ति योजनाओं में क्लोरीनेशन सिस्टम की भी लगातार जांच की जा रही है ताकि लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
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