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Mahendragarh-Narnaul News: अधिकारियों की अनदेखी से कुत्ते व बंदर पकड़ने का अभियान ठप
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फोटो संख्या:60- योगेश, वार्ड नंबर पांच, मोहल्ला, नीमडी नीचे
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महेंद्रगढ़। नगर पालिका की ओर से शहर में बंदर और कुत्ते पकड़ने का अभियान निगरानी के अभाव में तोड़ रहा है। नपा अधिकारियों की ओर से अभियान की निगरानी नहीं की जा रही है और ऐसे में एजेंसी की ओर से एक बार खानापूर्ति करके अभियान ठप कर दिया गया।
बता दें कि 10 साल बाद पहली बार बंदर और कुत्ते पकड़ने का अभियान चलाया गया है। नपा ने एजेंसियों को 350-350 कुत्ते व बंदर पकड़ने का टेंडर दिया है। अब यह अभियान 20 दिन बाद ही बंद होने की कगार पर है।
शहर में न तो कुत्ता पकड़ने के लिए एंबुलेंस दिख रही हैं और न ही कहीं पर पिंजरे नजर आ रहे हैं। अब शहर के हालात ऐसे हो चुके हैं कि बंदर खुले घूम रहे हैं और लोग घरों पर जाल लगाकर रहने काे मजबूर हैं। अब लोग पिंजरे में और बंदर सड़कों पर नजर आ रहे हैं। बंदर घरों व सड़कों पर उतरकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। साथ ही बंदरों में भी हिंसकता बढ़ती जा रही है और लोग इसका प्रतिदिन शिकार हो रहे हैं। बंदरों के लिए दो दिन जवाहरनगर मोहल्ले में पिंजरा लगाया गया और 10 बंदर पकड़े गए। इसके बाद कहीं पर भी शहर में पिंजरा नजर नहीं आ रहा है और एजेंसी कर्मचारी दिख रहे हैं।
दूसरी ओर कुत्तों को पकड़ने के लिए चलाया गया अभियान भी विराम ले चुका है। कर्मचारी कुत्तों को अब नहीं पकड़ रहे हैं और शुरुआत में ही केवल 20 कुत्ते पकड़े गए। फिलहाल शेल्टर होम में वहीं कुत्ते हैं। इनके अलावा कोई नया कुत्ता नहीं पकड़ा गया। अब गर्मी सीजन में कुत्ते अधिक हिंसक होंगे और इसका खामियाजा भी लोगों को भुगतना पड़ेगा। अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 मरीज एंटी रैबीज वैक्सीन लेने पहुंच रहे हैं।
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लोग बोले: नहीं पकड़े जा रहे बंदर व कुत्ते, डरकर पार कर रहे गलियां
शहर में कुत्तों व बंदरों का हर गली में आतंक मचा हुआ है। ठेकेदार केवल खानापूर्ति कर नपा को चूना लगाने की प्रक्रिया अपना रहे हैं। अधिकारियों से इस बारे में बात की तो उनके पास कोई रिकॉर्ड या सबूत नहीं है। अधिकारी ठेकेदार को काम करने का नाम लेकर गुमराह कर देते हैं। कुत्तों के लिए शेल्टर होम में खाना व पानी भी नहीं मिल रहा है।
- राजेश सैनी, पार्षद, वार्ड 6
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बंदरों के कारण घरों पर जाल लगाने की नौबत आ चुकी है। बंदरों का कभी भी घरों में घुस जाता है और सामान के साथ जनहानि भी पहुंचाता है। अभी तक बंदर पकड़ने का सुनने में आया है, लेकिन यहां पर कोई भी बंदर पकड़ने के लिए नहीं आया। प्रतिदिन घर की छत पर बंदर आते हैं।
- धर्मेंद्र सोनी, वार्ड 14
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कर्मचारियों को एक या दो दिन ही कुत्ते पकड़ते हुए देखा था। इसके बाद कहीं पर कुत्ते पकड़ते नहीं देखा। अब हर गली में कुत्ते घूम रहे हैं। साथ ही कुछ कुत्ते तो बाइकों के पीछे दौड़ते हैं और बाइक रुकते ही काट लेते हैं। अगर बाइक चलाएं तो गिरने का डर और रुके तो काटने का डर रहता है।
-योगेश, वार्ड 5
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गलियों, अस्पताल व मंदिरों में बंदरों के झुंड बैठे रहते हैं। यहां से लोगों का गुजरना दूभर हो चुका है। अब तक कोई कर्मचारी यहां पर बंदर पकड़ने नहीं आया है। अगर पकड़े जा रहे हैं तो नपा अधिकारी बंदरों के पकड़ने का डाटा बताए। वार्ड में बंदरों ने लोगों की हालत खराब कर रखी है।
- शिवरत्न मेहता, वार्ड 4
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वर्जन:
अधिकारियों की ओर से इस पर संज्ञान लिया जा रहा है। अधिकारियों से संपर्क करने के बाद दोनों अभियान की रिपोर्ट दे पाउंगा। अभियान के बारे में जानकारी लेने के लिए एमई राजेश कुमार व सचिव गौरव कुमार से संपर्क किया गया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। -रमेश सैनी, नपा चेयरमैन
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बता दें कि 10 साल बाद पहली बार बंदर और कुत्ते पकड़ने का अभियान चलाया गया है। नपा ने एजेंसियों को 350-350 कुत्ते व बंदर पकड़ने का टेंडर दिया है। अब यह अभियान 20 दिन बाद ही बंद होने की कगार पर है।
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शहर में न तो कुत्ता पकड़ने के लिए एंबुलेंस दिख रही हैं और न ही कहीं पर पिंजरे नजर आ रहे हैं। अब शहर के हालात ऐसे हो चुके हैं कि बंदर खुले घूम रहे हैं और लोग घरों पर जाल लगाकर रहने काे मजबूर हैं। अब लोग पिंजरे में और बंदर सड़कों पर नजर आ रहे हैं। बंदर घरों व सड़कों पर उतरकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। साथ ही बंदरों में भी हिंसकता बढ़ती जा रही है और लोग इसका प्रतिदिन शिकार हो रहे हैं। बंदरों के लिए दो दिन जवाहरनगर मोहल्ले में पिंजरा लगाया गया और 10 बंदर पकड़े गए। इसके बाद कहीं पर भी शहर में पिंजरा नजर नहीं आ रहा है और एजेंसी कर्मचारी दिख रहे हैं।
दूसरी ओर कुत्तों को पकड़ने के लिए चलाया गया अभियान भी विराम ले चुका है। कर्मचारी कुत्तों को अब नहीं पकड़ रहे हैं और शुरुआत में ही केवल 20 कुत्ते पकड़े गए। फिलहाल शेल्टर होम में वहीं कुत्ते हैं। इनके अलावा कोई नया कुत्ता नहीं पकड़ा गया। अब गर्मी सीजन में कुत्ते अधिक हिंसक होंगे और इसका खामियाजा भी लोगों को भुगतना पड़ेगा। अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 मरीज एंटी रैबीज वैक्सीन लेने पहुंच रहे हैं।
लोग बोले: नहीं पकड़े जा रहे बंदर व कुत्ते, डरकर पार कर रहे गलियां
शहर में कुत्तों व बंदरों का हर गली में आतंक मचा हुआ है। ठेकेदार केवल खानापूर्ति कर नपा को चूना लगाने की प्रक्रिया अपना रहे हैं। अधिकारियों से इस बारे में बात की तो उनके पास कोई रिकॉर्ड या सबूत नहीं है। अधिकारी ठेकेदार को काम करने का नाम लेकर गुमराह कर देते हैं। कुत्तों के लिए शेल्टर होम में खाना व पानी भी नहीं मिल रहा है।
- राजेश सैनी, पार्षद, वार्ड 6
बंदरों के कारण घरों पर जाल लगाने की नौबत आ चुकी है। बंदरों का कभी भी घरों में घुस जाता है और सामान के साथ जनहानि भी पहुंचाता है। अभी तक बंदर पकड़ने का सुनने में आया है, लेकिन यहां पर कोई भी बंदर पकड़ने के लिए नहीं आया। प्रतिदिन घर की छत पर बंदर आते हैं।
- धर्मेंद्र सोनी, वार्ड 14
कर्मचारियों को एक या दो दिन ही कुत्ते पकड़ते हुए देखा था। इसके बाद कहीं पर कुत्ते पकड़ते नहीं देखा। अब हर गली में कुत्ते घूम रहे हैं। साथ ही कुछ कुत्ते तो बाइकों के पीछे दौड़ते हैं और बाइक रुकते ही काट लेते हैं। अगर बाइक चलाएं तो गिरने का डर और रुके तो काटने का डर रहता है।
-योगेश, वार्ड 5
गलियों, अस्पताल व मंदिरों में बंदरों के झुंड बैठे रहते हैं। यहां से लोगों का गुजरना दूभर हो चुका है। अब तक कोई कर्मचारी यहां पर बंदर पकड़ने नहीं आया है। अगर पकड़े जा रहे हैं तो नपा अधिकारी बंदरों के पकड़ने का डाटा बताए। वार्ड में बंदरों ने लोगों की हालत खराब कर रखी है।
- शिवरत्न मेहता, वार्ड 4
वर्जन:
अधिकारियों की ओर से इस पर संज्ञान लिया जा रहा है। अधिकारियों से संपर्क करने के बाद दोनों अभियान की रिपोर्ट दे पाउंगा। अभियान के बारे में जानकारी लेने के लिए एमई राजेश कुमार व सचिव गौरव कुमार से संपर्क किया गया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। -रमेश सैनी, नपा चेयरमैन

फोटो संख्या:60- योगेश, वार्ड नंबर पांच, मोहल्ला, नीमडी नीचे

फोटो संख्या:60- योगेश, वार्ड नंबर पांच, मोहल्ला, नीमडी नीचे

फोटो संख्या:60- योगेश, वार्ड नंबर पांच, मोहल्ला, नीमडी नीचे

फोटो संख्या:60- योगेश, वार्ड नंबर पांच, मोहल्ला, नीमडी नीचे

फोटो संख्या:60- योगेश, वार्ड नंबर पांच, मोहल्ला, नीमडी नीचे

फोटो संख्या:60- योगेश, वार्ड नंबर पांच, मोहल्ला, नीमडी नीचे