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Mahendragarh-Narnaul News: तीन माह से वेतन न मिलने पर कूड़ा उठान कर्मचारियों ने शुरू की हड़ताल
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फोटो नंबर-05मांगों को लेकर धरने पर नारेबाजी करते डोर-टू-डोर कर्मचारी। संवाद
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नारनौल। शहर की स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े डोर-टू-डोर कूड़ा उठान कर्मचारियों ने तीन माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में वीरवार से हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय में धरना देकर ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की व जल्द भुगतान और श्रमिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले तीन महीनों से शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करने का कार्य कर रहे हैं लेकिन उन्हें तीन माह से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक संकट के कारण उनके परिवारों का पालन-पोषण प्रभावित हो रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि वे अपनी समस्याओं से कई बार ठेकेदार तथा नगर परिषद अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।
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कर्मचारियों का कहना है कि नियमित वेतन और मूलभूत सुविधाएं प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार हैं लेकिन उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल के पहले दिन शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिला, क्योंकि पहले से एकत्रित कचरे के निस्तारण की व्यवस्था बनी रही।
वर्जन:
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाले कर्मचारियों का वेतन ठेकेदार को देना है। इस बारे में ठेकेदार से बात भी कई है और उन्होंने एक दो-दिन में सभी का वेतन देने की बात कहीं है।-विकास शर्मा, कनिष्ठ अभियंता नगर परिषद, नारनौल
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले तीन महीनों से शहर के विभिन्न वार्डों में घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र करने का कार्य कर रहे हैं लेकिन उन्हें तीन माह से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक संकट के कारण उनके परिवारों का पालन-पोषण प्रभावित हो रहा है।
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कर्मचारियों का आरोप है कि वे अपनी समस्याओं से कई बार ठेकेदार तथा नगर परिषद अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।
कर्मचारियों का कहना है कि नियमित वेतन और मूलभूत सुविधाएं प्रत्येक कर्मचारी का अधिकार हैं लेकिन उनकी लगातार अनदेखी की जा रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल के पहले दिन शहर की सफाई व्यवस्था पर विशेष प्रभाव देखने को नहीं मिला, क्योंकि पहले से एकत्रित कचरे के निस्तारण की व्यवस्था बनी रही।
वर्जन:
डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाले कर्मचारियों का वेतन ठेकेदार को देना है। इस बारे में ठेकेदार से बात भी कई है और उन्होंने एक दो-दिन में सभी का वेतन देने की बात कहीं है।-विकास शर्मा, कनिष्ठ अभियंता नगर परिषद, नारनौल