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Mahendragarh-Narnaul News: उम्र क्या है बस एक नंबर...को 62 साल की कृष्णा ने किया चरितार्थ
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 17 Jun 2026 03:15 AM IST
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फोटो 07 मैराथन में दौड़ती कृष्णा आर्या। स्रोत: पाठक
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नारनौल। जीवन के 62 बसंत पार कर चुकी हुडा सेक्टर निवासी कृष्णा आर्या बढ़ती उम्र को बुढ़ापे की निशानी नहीं मानती बल्कि वह उम्र को एक नंबर की तरह देखती हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर शहर में हुई मैराथन में कृष्णा आर्या ने भी शिरकत की और महिलाओं में सबसे अव्वल स्थान पर रहीं। इस उम्र में भी इतनी एनर्जी का कारण पूछने पर कृष्णा ने बताया कि इसके पीछे उनकी संयमित जीवनशैली है।
25 सालों से कर रही हैं योग
कृष्णा ने बताया कि जब वे 38 या 39 साल की थी तब एक दिन योग गुरु बाबा रामदेव को टीवी पर योग के फायदे बताते व करते हुए देखा था। उस दिन के बाद से उन्होंने नियमित सुबह 5 बजे टीवी पर बाबा रामदेव को देख कर योगासन करना सीखा। धीरे-धीरे वे इसमें पारंगत होती चली गईं। वे बताती हैं कि तब से लेकर आज तक वे नियमित एक घंटे योग करती हैं।
लगानी शुरू की योग कक्षाएं
इसके बाद आर्या ने हुडा के पार्काें में 7-7 दिन के योग शिविर लगाने शुरू किए। इनमें धीरे बुजुर्ग महिलाएं उनसे जुड़ने लगीं। सुबह-शाम एक एक घंटे के इन शिविर के माध्यम से वह महिलाओं को योग के प्रति प्रेरित भी करती रहीं। हालांकि गर्मियों के दिनों में शाम का सेशन बंद कर दिया जाता है। पिछले पांच सालों से पार्काें की बजाय उन्होंने चमत्कारी बालाजी मंदिर के पास नियमित योग शिविर लगाना शुरू कर दिया है। इसमें से 15 से 20 महिलाएं नियमित योगासन करने आती हैं।
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बनाती हैं आयुर्वेदिक तेल
आर्या ने बताया कि वे महिलाओं के हाथ, पैर, कमर, गर्दन व जोड़ों के दर्द के लिए एक औषधीय तेल भी बनाती हैं। इसके लिए सरसों के तेल में तुलसी, एलोवेरा, काली मिर्च, लौंग व कड़ी पत्ता आदि मिलाकर गर्म कर तेल तैयार करती हैं। योगासन के बाद वे दर्द से पीड़ित महिलाओं की मालिश भी करती हैं।
उनका मानना है कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में भागदौड़, काम का दबाव व फास्ट फूड की लत के कारण युवा बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में युवा वर्ग को चाहिए कि वे नियमित योग को अपना कर स्वस्थ जीवन शैली अपना सकते हैं।
25 सालों से कर रही हैं योग
कृष्णा ने बताया कि जब वे 38 या 39 साल की थी तब एक दिन योग गुरु बाबा रामदेव को टीवी पर योग के फायदे बताते व करते हुए देखा था। उस दिन के बाद से उन्होंने नियमित सुबह 5 बजे टीवी पर बाबा रामदेव को देख कर योगासन करना सीखा। धीरे-धीरे वे इसमें पारंगत होती चली गईं। वे बताती हैं कि तब से लेकर आज तक वे नियमित एक घंटे योग करती हैं।
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लगानी शुरू की योग कक्षाएं
इसके बाद आर्या ने हुडा के पार्काें में 7-7 दिन के योग शिविर लगाने शुरू किए। इनमें धीरे बुजुर्ग महिलाएं उनसे जुड़ने लगीं। सुबह-शाम एक एक घंटे के इन शिविर के माध्यम से वह महिलाओं को योग के प्रति प्रेरित भी करती रहीं। हालांकि गर्मियों के दिनों में शाम का सेशन बंद कर दिया जाता है। पिछले पांच सालों से पार्काें की बजाय उन्होंने चमत्कारी बालाजी मंदिर के पास नियमित योग शिविर लगाना शुरू कर दिया है। इसमें से 15 से 20 महिलाएं नियमित योगासन करने आती हैं।
बनाती हैं आयुर्वेदिक तेल
आर्या ने बताया कि वे महिलाओं के हाथ, पैर, कमर, गर्दन व जोड़ों के दर्द के लिए एक औषधीय तेल भी बनाती हैं। इसके लिए सरसों के तेल में तुलसी, एलोवेरा, काली मिर्च, लौंग व कड़ी पत्ता आदि मिलाकर गर्म कर तेल तैयार करती हैं। योगासन के बाद वे दर्द से पीड़ित महिलाओं की मालिश भी करती हैं।
उनका मानना है कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में भागदौड़, काम का दबाव व फास्ट फूड की लत के कारण युवा बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में युवा वर्ग को चाहिए कि वे नियमित योग को अपना कर स्वस्थ जीवन शैली अपना सकते हैं।