{"_id":"697ba10e11521984bc064076","slug":"in-the-meeting-of-the-grievance-redressal-committee-out-of-12-cases-five-were-resolved-related-to-illegal-encroachments-and-drains-narnol-news-c-203-1-sroh1010-123651-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: कष्ट निवारण समिति की बैठक में 12 मामलों में पांच अवैध कब्जों और नालों के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: कष्ट निवारण समिति की बैठक में 12 मामलों में पांच अवैध कब्जों और नालों के
विज्ञापन
विज्ञापन
मनोज राजपूत
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ में आयोजित होने वाली कष्ट निवारण समिति की बैठकों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। समिति के सदस्यों का आरोप है कि बैठकों में ऐसे मुद्दे रखे जाते हैं जो इस स्तर के नहीं होते। गंभीर और जनहित से जुड़े मामलों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
इसके बावजूद शुक्रवार को नारनौल में होने वाली बैठक के एजेंडे में एक बार फिर छोटे और स्थानीय स्तर के मामले शामिल किए गए हैं। बैठक में कुल 12 मामले रखे गए हैं जिनमें से पांच अवैध कब्जों और नालों से जुड़े हैं।
इसके अलावा दो मामले ग्राम पंचायतों के सरपंचों से संबंधित हैं। यह स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि गांवों की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सरपंचों की होती है लेकिन अब वे स्वयं अपनी शिकायतें ग्रीवेंस कमेटी में उठा रहे हैं।
समिति के सदस्य और गांव पाली के सरपंच देशराज पहले भी स्ट्रीट लाइट खराब होने और घटिया क्वालिटी की लाइटें लगाए जाने का मुद्दा उठा चुके हैं, जिसे अब दोबारा एजेंडे में शामिल किया गया है।
भाजपा जिला अध्यक्ष यतेंद्र राव के पैतृक गांव डुलाना में पार्क से हाईटेंशन लाइन हटाने का मामला भी बैठक में रखा गया है।
अन्य मामलों में कोऑपरेटिव बैंक मैनेजर के समय पर कार्यालय न आने, पड़ोसी द्वारा सीसीटीवी लगाकर निजता भंग करने, ठेकेदार की पेमेंट न होने, एनओसी जारी न करने और आशा वर्कर की नियुक्ति से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सत्यवीर झूकीया ने भी बैठक की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। संवाद
Trending Videos
महेंद्रगढ़। महेंद्रगढ़ में आयोजित होने वाली कष्ट निवारण समिति की बैठकों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। समिति के सदस्यों का आरोप है कि बैठकों में ऐसे मुद्दे रखे जाते हैं जो इस स्तर के नहीं होते। गंभीर और जनहित से जुड़े मामलों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
इसके बावजूद शुक्रवार को नारनौल में होने वाली बैठक के एजेंडे में एक बार फिर छोटे और स्थानीय स्तर के मामले शामिल किए गए हैं। बैठक में कुल 12 मामले रखे गए हैं जिनमें से पांच अवैध कब्जों और नालों से जुड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा दो मामले ग्राम पंचायतों के सरपंचों से संबंधित हैं। यह स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि गांवों की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सरपंचों की होती है लेकिन अब वे स्वयं अपनी शिकायतें ग्रीवेंस कमेटी में उठा रहे हैं।
समिति के सदस्य और गांव पाली के सरपंच देशराज पहले भी स्ट्रीट लाइट खराब होने और घटिया क्वालिटी की लाइटें लगाए जाने का मुद्दा उठा चुके हैं, जिसे अब दोबारा एजेंडे में शामिल किया गया है।
भाजपा जिला अध्यक्ष यतेंद्र राव के पैतृक गांव डुलाना में पार्क से हाईटेंशन लाइन हटाने का मामला भी बैठक में रखा गया है।
अन्य मामलों में कोऑपरेटिव बैंक मैनेजर के समय पर कार्यालय न आने, पड़ोसी द्वारा सीसीटीवी लगाकर निजता भंग करने, ठेकेदार की पेमेंट न होने, एनओसी जारी न करने और आशा वर्कर की नियुक्ति से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सत्यवीर झूकीया ने भी बैठक की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। संवाद